30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मकर द्वार पर कांग्रेस का प्रदर्शन: प्रियंका गांधी ने 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर अमित शाह से माँगा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मकर द्वार पर कांग्रेस का प्रदर्शन: प्रियंका गांधी ने 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर अमित शाह से माँगा जवाब

सारांश

मानसून सत्र के बीच कांग्रेस ने संसद के मकर द्वार को विरोध का मंच बनाया। प्रियंका गांधी से लेकर कपिल सिब्बल तक — सभी ने 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी को लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए खतरा बताया।

मुख्य बातें

प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने 30 जुलाई को संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।
विपक्ष ने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई — लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन — की जवाबदेही माँगी।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने संविधान के अनुच्छेद 75 का हवाला देते हुए अमित शाह को संसद के प्रति जवाबदेह ठहराया।
सांसद कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि BJP ने पहले पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया, बाद में स्वीकार किया।
सांसद प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर निर्माण में ₹2 करोड़ की जमीन ₹17 करोड़ में खरीदे जाने और उद्घाटन पर ₹111 करोड़ खर्च का आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने 30 जुलाई को संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हुई पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब माँगने के लिए किया गया। विपक्ष का आरोप है कि उस प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

मानसून सत्र के बीच हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसदों ने एकजुट होकर गृह मंत्री की जवाबदेही की माँग उठाई। प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बल प्रयोग गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने माँग की कि अमित शाह इस मामले पर संसद में विस्तृत बयान दें।

कांग्रेस सांसदों के आरोप

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत गृह मंत्री संसद के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और लोकसभाराज्यसभा दोनों में यह मुद्दा उठाया जाएगा।

तिवारी ने इस दौरान राम मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय मामलों का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित ट्रस्ट के माध्यम से मंदिर निर्माण होना था, लेकिन इसमें आर्थिक अनियमितताएँ हुईं। उन्होंने दावा किया कि ₹2 करोड़ की जमीन ₹17 करोड़ में खरीदी गई और उद्घाटन समारोह पर ₹111 करोड़ खर्च किए गए। उन्होंने इस संबंध में संसद में नोटिस देने की भी जानकारी दी।

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया, इसका जवाब गृह मंत्री को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग जैसे गंभीर मामलों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है और विपक्ष के नेता को भी सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुँच रहा है।

पैलेट गन विवाद

कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ है तो इसके लिए किसी स्तर पर अनुमति अवश्य दी गई होगी। उन्होंने कहा कि यदि यह दावा किया जा रहा है कि अनुमति एसडीएम स्तर से दी गई थी, तो गृह मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि वह निर्णय उचित था या नहीं। सिब्बल ने यह भी आरोप लगाया कि पहले BJP ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया, लेकिन बाद में इसे स्वीकार करना पड़ा।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे क्या

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि यदि देश में सच बोलने के लिए माफी माँगनी पड़े तो यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। विपक्ष का कहना है कि सरकार संसदीय जवाबदेही से बच रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में पहले से ही कई मुद्दों पर गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस की रणनीति के अनुसार, संसदीय दल की अगली बैठक में इस मामले पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सही हैं, तो यह संसदीय प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है। राम मंदिर के वित्तीय आरोपों को इसी प्रदर्शन में जोड़ना कांग्रेस की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह एक साथ कई मोर्चों पर सरकार को घेरना चाहती है — लेकिन इससे मूल मुद्दे की धार भी कम होने का जोखिम है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 जुलाई को मकर द्वार पर कांग्रेस का प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हुई पुलिस कार्रवाई — लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल — पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब माँगने के लिए था। प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने यह प्रदर्शन किया।
पैलेट गन विवाद में BJP पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि BJP ने पहले पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया, लेकिन बाद में इसे स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने माँग की कि गृह मंत्री स्पष्ट करें कि इस कार्रवाई की अनुमति किस स्तर पर दी गई और क्या वह निर्णय उचित था।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर पर क्या आरोप लगाए?
प्रमोद तिवारी ने दावा किया कि ₹2 करोड़ की जमीन ₹17 करोड़ में खरीदी गई और उद्घाटन समारोह पर ₹111 करोड़ खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने संसद में नोटिस दिया है और केंद्र सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने अमित शाह की जवाबदेही के लिए किस संवैधानिक प्रावधान का हवाला दिया?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने संविधान के अनुच्छेद 75 का हवाला दिया, जिसके तहत मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति जवाबदेह है। उनका तर्क था कि गृह मंत्री होने के नाते अमित शाह को इस पुलिस कार्रवाई पर संसद में बयान देना चाहिए।
मानसून सत्र में कांग्रेस की आगे की रणनीति क्या है?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के अनुसार, संसदीय दल की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और लोकसभा व राज्यसभा दोनों में यह मुद्दा उठाया जाएगा। के.सी. वेणुगोपाल ने भी कहा कि सरकार जब तक संसद में जवाब नहीं देती, विपक्ष दबाव बनाए रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 3 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले