27 जुलाई 2026
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बिहार में छात्रों पर AK-47: विपक्षी सांसदों ने संसद में घेरा, गृह मंत्री अमित शाह से माँगा जवाब

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बिहार में छात्रों पर AK-47: विपक्षी सांसदों ने संसद में घेरा, गृह मंत्री अमित शाह से माँगा जवाब

सारांश

बिहार में छात्रों पर AK-47 तानने की कथित घटना संसद तक पहुँची। कांग्रेस, सपा और निर्दलीय सांसदों ने एक सुर में गृह मंत्री अमित शाह से जवाब माँगा। सवाल सिर्फ एक हथियार का नहीं — यह पूछा जा रहा है कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को कुचलने के आदेश किस स्तर से आए।

मुख्य बातें

मॉनसून सत्र में 27 जुलाई को विपक्षी सांसदों ने बिहार में छात्रों पर कथित AK-47 प्रदर्शन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब माँगा।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पूछा — 'क्या प्रदर्शनकारी छात्र आतंकवादी थे?' और आरोप लगाया कि छात्राओं के परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा की माँग की।
दिल्ली में पैलेट गन और कीलों के इस्तेमाल के आरोप भी कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संसद में उठाए।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने पेपर लीक जाँच समितियों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और ठोस कार्रवाई की माँग की।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि बिहार में बड़ी संख्या में छात्र गिरफ़्तार किए गए हैं।

मॉनसून सत्र में 27 जुलाई को संसद के भीतर विपक्ष ने तीखा हमला बोला, जब कांग्रेस समेत कई दलों के सांसदों ने बिहार में एक पुलिसकर्मी द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित तौर पर AK-47 तानने की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में स्पष्टीकरण की माँग की। विपक्षी सांसदों का कहना है कि निहत्थे और शांतिपूर्ण छात्रों के विरुद्ध इस तरह के घातक हथियारों का प्रदर्शन लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर सीधा सवाल दागा — 'क्या प्रदर्शन कर रहे छात्र आतंकवादी थे, जो उनके विरुद्ध AK-47 जैसे हथियारों की ज़रूरत पड़ी?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं के परिजनों को फ़ोन कर उन्हें आंदोलन से दूर रहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में युवाओं को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और सरकार को उनकी आवाज़ सुननी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव एवं सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी यही मुद्दा उठाते हुए माँग की कि बिहार में AK-47 और दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किस स्तर से दिया गया, इसका जवाब गृह मंत्री को सदन में देना होगा।

सांसदों के तर्क और कानूनी पहलू

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में निहत्थे प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध घातक हथियारों का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पुलिस की चरणबद्ध प्रक्रिया का उल्लेख किया — पहले निषेधाज्ञा, फिर वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आँसू गैस — और कहा कि गोलीबारी अथवा अत्यधिक बल का प्रयोग केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में ही उचित है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा की माँग की।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के दौरान कीलों का इस्तेमाल हुआ और पैलेट गन चलाई गई, जबकि बिहार में छात्रों के सामने AK-47 दिखाई दी। उन्होंने सरकार से इन कार्रवाइयों के आदेश देने वाले अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक करने की माँग की।

परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने छात्र आंदोलन की जड़ — परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक — को भी संसद में उठाया। उनका कहना है कि पूर्व में गठित जाँच समितियों की रिपोर्ट और उन पर की गई कार्रवाई कभी सार्वजनिक नहीं हुई। उन्होंने माँग की कि नई समितियाँ महज़ औपचारिकता न बनें और उनकी सिफ़ारिशों पर ठोस कदम उठाए जाएँ।

अन्य दलों की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बिहार की AK-47 घटना को 'बेहद निंदनीय' बताते हुए कहा कि भाजपा शासन में युवाओं के विरुद्ध अत्याचार की घटनाएँ बढ़ रही हैं और लोकतंत्र में जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि बिहार में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ़्तार किया गया है, जिससे भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले छात्र आतंकवादी या अपराधी कैसे हो सकते हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र परीक्षा सुधार और पेपर लीक के विरुद्ध सड़कों पर हैं। विपक्ष की माँग है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर बिहार और दिल्ली दोनों घटनाओं पर सरकार का पक्ष रखें। अब देखना होगा कि सरकार इस दबाव के बीच जवाब देती है या सदन की कार्यवाही बाधित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं जहाँ छात्र विरोध को कानून-व्यवस्था की समस्या की तरह देखा जा रहा है, न कि नीतिगत विफलता की स्वाभाविक प्रतिक्रिया की तरह। असली सवाल यह नहीं कि हथियार किसने उठाया — असली सवाल यह है कि उस आदेश-श्रृंखला की जवाबदेही कहाँ है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश स्पष्ट हैं, फिर भी संसद में सरकार की चुप्पी खुद एक बयान है। पेपर लीक की जाँच समितियों की रिपोर्ट वर्षों से दराज में बंद हैं — जब तक जवाबदेही का ढाँचा नहीं बनता, ऐसे आंदोलन और उनके दमन का सिलसिला थमने वाला नहीं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में छात्रों पर AK-47 चलाने का मामला क्या है?
कथित तौर पर बिहार में एक पुलिसकर्मी को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पीछे AK-47 लेकर दौड़ते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी सांसदों ने इसे संसद में उठाया और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब माँगा।
संसद में किन सांसदों ने यह मुद्दा उठाया?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, मनीष तिवारी, दीपेंद्र हुड्डा और कार्ति चिदंबरम के साथ-साथ समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 27 जुलाई को मॉनसून सत्र में यह मुद्दा उठाया।
विपक्ष की मुख्य माँगें क्या हैं?
विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर बताएँ कि बिहार में AK-47 और दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किस स्तर से दिया गया। साथ ही पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा और पेपर लीक जाँच समितियों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की माँग भी उठाई गई है।
कानूनी दृष्टि से पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर कब बल प्रयोग की अनुमति है?
सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुलिस को पहले निषेधाज्ञा जारी करनी होती है, फिर वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आँसू गैस जैसे विकल्प अपनाने होते हैं। घातक हथियारों का प्रयोग केवल अत्यंत गंभीर और अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अनुमत है।
छात्र आंदोलन की मूल वजह क्या है?
छात्र मुख्यतः परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक की घटनाओं के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने बताया कि पहले भी पेपर लीक की जाँच के लिए समितियाँ बनाई गईं, लेकिन उनकी रिपोर्ट और कार्रवाई कभी सार्वजनिक नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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