सिवान AK-47 कांड: तेजस्वी यादव बोले — पुलिसकर्मी का सस्पेंशन महज दिखावा, असली जिम्मेदार बच रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 27 जुलाई को सिवान जिले में 25 जुलाई को 'बिहार बंद' के दौरान AK-47 से कथित तौर पर गोली चलाने के मामले में एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड किए जाने को 'सिर्फ दिखावटी कार्रवाई' करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार से सीधे जवाबदेही माँगते हुए कहा कि असली आदेश देने वालों को बचाया जा रहा है।
मुख्य आरोप: 'किसी प्रदर्शन में पहले कभी AK-47 नहीं चली'
तेजस्वी यादव ने कहा, 'देश भर में ऐसे बड़े-बड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन किसी भी प्रदर्शन के दौरान पहले कभी AK-47 का इस्तेमाल नहीं हुआ।' उन्होंने दावा किया कि वीडियो फुटेज में साफ दिखता है कि AK-47 सीधे छात्रों की ओर तानी गई थी। उनके अनुसार, एक पुलिसकर्मी का सस्पेंशन महज एक सांकेतिक कदम है, जबकि असली सवाल यह है कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया।
राज्य प्रशासन पर सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता ने सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP), गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जवाबदेही पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब दिल्ली में यह सहमति बनी थी कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो किस आधार पर बल प्रयोग हुआ। उन्होंने माँग की कि गृह मंत्रालय स्पष्ट करे कि कितने छात्रों को हिरासत में लिया गया, उन्हें किन थानों में रखा गया और उन पर बल क्यों इस्तेमाल किया गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी छवि पहले से ही अपराध से जुड़ी रही है और अब वे पुलिस की 'गुंडागर्दी वाली छवि' बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अधिकारी को सस्पेंड करके उन वरिष्ठ अधिकारियों को बचाया जा रहा है जिन्होंने कथित तौर पर गोली चलाने का आदेश दिया था।
किसान आंदोलन से तुलना
तेजस्वी यादव ने इस घटना की तुलना किसान आंदोलन से करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली NDA सरकार ने पहले किसानों के साथ समझौता कर उन्हें धोखा दिया, और अब वही रणनीति छात्रों के साथ अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक और घोटाले होते रहेंगे तो लोग सड़कों पर उतरेंगे ही — क्या यही लोकतंत्र है?'
बांकीपुर उपचुनाव पर भरोसा
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर तेजस्वी यादव ने RJD की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने सम्राट चौधरी के 100 दिन के कार्यकाल में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं देखी — केवल बुलडोजर की कार्रवाई, छात्रों पर गोली और गैर-जिम्मेदाराना बयान। यह घटना बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है।