सिवान AK-47 फायरिंग: सिपाही अभिषेक पटेल निलंबित, बिहार बंद हिंसा की विभागीय जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस मुख्यालय ने 27 जुलाई 2025 को सिवान में बिहार बंद के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। 25 जुलाई को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद मुख्यालय ने त्वरित कार्रवाई की।
मुख्य घटनाक्रम
25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सिवान शहर में प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ जमा हो गई। कथित तौर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में सिपाही अभिषेक पटेल ने AK-47 असॉल्ट राइफल से फायरिंग की। पुलिस के अनुसार यह हवाई फायरिंग थी, लेकिन इस दावे की जांच अभी जारी है।
पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पहले ही संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सिपाही अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। अब पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच कराई जाएगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
विवाद और आंतरिक असंतोष
निलंबन की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों के बीच इस फैसले को लेकर नाराजगी की भी चर्चा है। यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस बल के भीतर यह बहस छिड़ी हुई है कि भीड़ नियंत्रण में किस हद तक बल प्रयोग उचित है। गौरतलब है कि AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण के मानक प्रोटोकॉल में नहीं आता।
आगे की जांच और प्रक्रिया
विभागीय जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि क्या फायरिंग निर्धारित मानकों और परिस्थितियों के अनुरूप की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। यह मामला बिहार में पुलिस सुधार और बल प्रयोग की सीमाओं पर व्यापक बहस को भी हवा दे सकता है।