सिवान में छात्रों पर AK-47 फायरिंग: कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम रवाना, इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सिवान जिले में प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से फायरिंग किए जाने के कथित मामले की जाँच के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार, 1 अगस्त को सिवान रवाना हुआ। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह दल प्रभावित छात्रों और स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करेगा, जो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सौंपी जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
पटना हवाई अड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इमरान प्रतापगढ़ी का जोरदार स्वागत किया। सिवान रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया — जिसमें फायरिंग और पैलेट गन का इस्तेमाल शामिल है — वह आज के सबसे गंभीर मुद्दों में से एक है। उन्होंने कहा, 'यह सरकार छात्रों की सरकार नहीं है।'
प्रतापगढ़ी ने यह भी कहा कि केवल बिहार ही नहीं, दिल्ली में भी महिला छात्रों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार हुआ, जो दर्शाता है कि सरकार देश के छात्रों की परवाह नहीं करती।
फैक्ट फाइंडिंग समिति का दायरा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा गठित इस तथ्य-जाँच समिति के तहत पार्टी के प्रतिनिधि अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि वे जहानाबाद पहुँचकर पीड़ित छात्रों के परिजनों से मिले और घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी इकट्ठा की।
राजेश राम ने कहा कि छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है।
सरकार पर आरोप
इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं को अपना 'दुश्मन' मान रही है। उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी जाँच की जाएगी। आलोचकों का कहना है कि छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस बल के इस्तेमाल का तरीका लोकतांत्रिक मानदंडों के विपरीत है।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलन तेज हो रहे हैं और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि सिवान में AK-47 के इस्तेमाल का आरोप अत्यंत गंभीर है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
क्या होगा आगे
कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपेगी, जिसके बाद पार्टी संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर इस मुद्दे को उठाने की रणनीति तय करेगी। समिति के निष्कर्ष इस विवाद की अगली दिशा निर्धारित करेंगे।