बिहार छात्र आंदोलन में AK-47 के कथित इस्तेमाल पर कांग्रेस का केंद्र से जवाब-तलब, NTA पर भी उठे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेताओं ने 28 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला — बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, पेपर लीक विवाद और छात्रों के भविष्य पर सरकार की चुप्पी को लेकर। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी कर रही है और जवाबदेही से बच रही है।
बिहार में AK-47 के कथित इस्तेमाल पर सवाल
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल की बात सामने आई थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई भी की। उन्होंने कहा कि अब जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस घटना से इनकार कर रही है, तो कई गंभीर सवाल उठते हैं। मसूद के अनुसार, यदि छात्रों पर इस प्रकार की कार्रवाई होती रही तो यह देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है। उन्होंने सवाल किया, 'सरकार देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है?'
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भी बिहार में छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल की अनुमति दिए जाने को 'अस्वीकार्य' बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज करना भी उचित नहीं था। हालाँकि उन्होंने बिहार में छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया और इसे सकारात्मक कदम बताया।
NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप
इमरान मसूद ने NTA पर भी निशाना साधा। उन्होंने एक छात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने परीक्षा में सभी सवालों के सही उत्तर दिए थे, लेकिन रिव्यू के लिए मार्क किए गए एक प्रश्न को गलत दर्ज कर दिया गया। उनके अनुसार, इस कथित त्रुटि के कारण छात्रा के 16 अंक कम हो गए, जिससे वह सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश से वंचित रह गई और मानसिक तनाव का शिकार हो गई। मसूद ने कहा कि इस मामले में NTA की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के इस्तीफे के पत्र में पेपर लीक जैसी गंभीर घटना का कोई उल्लेख नहीं है। भगत ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष की व्यापक चिंता
राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में BJP सरकार ने बार-बार छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना था कि किसी भी कानून या नीति को लागू करते समय जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि छात्रों को नुकसान न उठाना पड़े। यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद को लेकर पहले से ही देशभर में छात्र आक्रोश व्याप्त है।
आगे क्या
गौरतलब है कि NTA और पेपर लीक विवाद को लेकर संसद में भी हंगामा जारी है। विपक्ष की माँग है कि सरकार एक स्वतंत्र जाँच समिति गठित करे और छात्रों को न्याय दिलाए। केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।