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इंडिया ब्लॉक का संसद में हंगामा: छात्रों पर पैलेट गन और AK-47 के इस्तेमाल पर सरकार से जवाब तलब

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इंडिया ब्लॉक का संसद में हंगामा: छात्रों पर पैलेट गन और AK-47 के इस्तेमाल पर सरकार से जवाब तलब

सारांश

संसद के मॉनसून सत्र में इंडिया ब्लॉक ने सरकार से सीधा सवाल दागा — छात्रों पर पैलेट गन और AK-47 तक की नौबत क्यों आई? पप्पू यादव से लेकर शशि थरूर तक, विपक्ष एकजुट है: एंटी-पेपर लीक बिल पर्याप्त नहीं, पूरे सिस्टम की जवाबदेही चाहिए।

मुख्य बातें

28 जुलाई को मॉनसून सत्र में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने 20 जुलाई की छात्र कार्रवाई पर सरकार से जवाब माँगा।
सांसद पप्पू यादव ने 'न्याय' पट्टी बाँधकर विरोध जताया; पैलेट गन और AK-47 के कथित इस्तेमाल का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए सुरक्षाकर्मी द्वारा AK-47 लेकर छात्रों के पीछे दौड़ने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक को अपर्याप्त बताते हुए पूरे परीक्षा तंत्र में सुधार की माँग की।
चंद्रशेखर आज़ाद ने बेरोज़गार युवाओं पर दंडात्मक कार्रवाई को अनुचित बताया और संसद में व्यापक चर्चा की अपील की।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने चेतावनी दी कि वादों से पीछे हटने पर देशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।

नई दिल्ली, 28 जुलाई — संसद के मॉनसून सत्र में मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग, पैलेट गन के इस्तेमाल और प्रतियोगी परीक्षा घोटालों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विपक्षी नेताओं ने संसद में विस्तृत चर्चा की माँग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाना स्वीकार्य नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सिर पर 'न्याय' लिखी पट्टी बाँधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और लाठियों से पिटाई की गई। यादव ने कहा कि यह तरीका लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है और यह स्थिति पहले केवल संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में देखी जाती थी।

यादव ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सम्मान के प्रतीक मानी जाने वाली पगड़ी उन व्यक्तियों को पहनाना उचित नहीं है जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हों।

पैलेट गन और AK-47 का आरोप

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 20 जुलाई की घटना का हवाला देते हुए कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने एक वायरल वीडियो का उल्लेख किया जिसमें कथित तौर पर एक सुरक्षाकर्मी छात्रों के पीछे AK-47 लेकर दौड़ता दिखाई दे रहा है।

तिवारी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और अहिंसात्मक प्रदर्शन का अधिकार देता है। यदि सरकार ऐसे प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने का प्रयास करती है, तो संसद का दायित्व बनता है कि इस विषय पर चर्चा कर इसकी निंदा करे।

एंटी-पेपर लीक बिल पर विपक्ष के सवाल

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर होने वाली चर्चा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, 'हम जानना चाहते हैं कि असल में क्या हुआ है। क्या सरकार का लाया गया बिल काफी है? क्या सिर्फ़ फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने या एक-दो छोटे-मोटे बदलाव करने से सच में हमारे बच्चों का भविष्य बेहतर होगा? ये ऐसे सवाल हैं जिन्हें पूछना ज़रूरी है।'

थरूर ने यह भी कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफ़ा माँगना पर्याप्त नहीं है — पूरे सिस्टम की जाँच और उसमें सुधार की ज़रूरत है।

आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि छात्रों से किए गए वादों से पीछे हटा गया, तो छात्र और विपक्ष दोनों बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और उनके भविष्य का है।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि संवाद से ही समाधान निकल सकता है। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की माँग की कि छात्रों पर गोली चलाने जैसी स्थिति क्यों बनी और बेरोज़गार युवाओं पर दंडात्मक कार्रवाई को उन्होंने अनुचित बताया।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश पहले से चरम पर है। गौरतलब है कि विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे पर नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। सरकार की प्रतिक्रिया और संसद में होने वाली चर्चा की दिशा तय करेगी कि यह विवाद किस मोड़ पर जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी रणनीति में एक विरोधाभास भी है — संसद में चर्चा की माँग तब उठती है जब सदन पहले से हंगामे की भेंट चढ़ चुका होता है। एंटी-पेपर लीक बिल पर थरूर की आपत्तियाँ ठोस हैं: केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट से परीक्षा माफिया नहीं टूटता, जब तक भर्ती एजेंसियों की संरचनात्मक जवाबदेही न हो। पैलेट गन और AK-47 के आरोप गंभीर हैं और स्वतंत्र जाँच की माँग करते हैं — लेकिन वीडियो की प्रामाणिकता सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुई है, जो एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक खाई है। असली परीक्षा यह है कि विपक्ष हंगामे से आगे बढ़कर ठोस संशोधन प्रस्ताव लाता है या नहीं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद में किस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँग रहे हैं?
इंडिया ब्लॉक के सांसद 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग, पैलेट गन के इस्तेमाल और AK-47 से जुड़े वायरल वीडियो के बारे में सरकार से जवाब माँग रहे हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षा घोटालों पर लाए गए एंटी-पेपर लीक बिल की पर्याप्तता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
पप्पू यादव ने संसद में किस तरह विरोध जताया?
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सिर पर 'न्याय' लिखी पट्टी बाँधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है।
शशि थरूर ने एंटी-पेपर लीक बिल पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने या एक-दो कानूनी बदलाव करने से छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। उन्होंने माँग की कि सरकार स्पष्ट करे कि प्रस्तावित कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए कितना प्रभावी होगा।
चंद्रशेखर आज़ाद ने इस मामले पर क्या माँग रखी?
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि संसद में इस पूरे मामले पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह बताने की माँग की कि छात्रों पर गोली चलाने जैसी स्थिति क्यों बनी और बेरोज़गार युवाओं पर दंडात्मक कार्रवाई को उन्होंने अनुचित बताया।
विपक्ष ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों से किए गए वादों से पीछे हटती है, तो छात्र और विपक्ष दोनों बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा देश के युवाओं और उनके भविष्य का है, राजनीति का नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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