रागिनी नायक का केंद्र पर हमला: बिहार में AK-47 फायरिंग और संसद गतिरोध पर जवाबदेही की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने 10 अगस्त को छात्र आंदोलन से जुड़े दो अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया — संसद में छात्र-संबंधी मुद्दों पर जारी गतिरोध और बिहार के सिवान में छात्रों पर कथित AK-47 फायरिंग के मामले में कांग्रेस की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट के निष्कर्ष। उनका कहना था कि इन घटनाओं के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।
संसद में गतिरोध पर कांग्रेस का रुख
नायक ने कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और वहाँ छात्रों के मुद्दों पर चर्चा होनी ही चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की मर्ज़ी पर संवाद निर्भर है — जब चाहे बात हो, जब न चाहे सब बंद। उनके अनुसार, चर्चा से भागना लोकतांत्रिक परंपरा के विरुद्ध है।
शिक्षा प्रणाली पर सीधा हमला
रागिनी नायक ने सरकार की शिक्षा व्यवस्था को 'भ्रष्ट और विफल' करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बिके हुए तंत्र के खिलाफ देश का युवा सड़कों पर उतर आया है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार को शुरू में यह अनुमान नहीं था कि छात्र आंदोलन इतना व्यापक रूप ले लेगा। नायक ने कहा, 'उन्हें लगा था कि पुलिस और लाठीचार्ज से आंदोलन कुचल देंगे, लेकिन यह आंदोलन पूरे देश में फैल रहा है।'
बिहार और दिल्ली में कथित पुलिस कार्रवाई
कांग्रेस नेता ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पैलेट गन चलाए जाने का उल्लेख किया और कहा कि इसके लिए सरकार के लोग सीधे जिम्मेदार हैं। बिहार में हुई घटनाओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने बताया कि कथित AK-47 फायरिंग और लाठीचार्ज में तीन छात्र घायल हुए — किसी का सिर फूटा, किसी का पैर टूटा।
नाबालिगों की न्यायिक हिरासत पर चिंता
नायक ने बताया कि 15 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों को हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजन अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आँसू बहा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में बहस तेज़ हो रही है।
जवाबदेही की माँग और राहुल गांधी का संदर्भ
नायक ने सवाल उठाया कि दिल्ली में पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई और क्या सिवान में AK-47 चलाने का निर्देश केंद्र से आया था — या यह निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने यह सिद्ध किया है कि यह देश पुलिस की लाठी से नहीं, छात्रों की आवाज़ से चलता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को संसद और सड़क — दोनों पर उठाती रहेगी।