पेपर लीक बिल महज लीपापोती, छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई अस्वीकार्य: पीडीपी प्रवक्ता आदित्य गुप्ता
सारांश
मुख्य बातें
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने 28 जुलाई को जम्मू में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला — सुप्रीम कोर्ट के छात्र-प्रदर्शनकारियों से जुड़े आदेश से लेकर एंटी-पेपर लीक विधेयक, बिहार में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की स्थिति तक। गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और छात्रों के अधिकार
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए आदित्य गुप्ता ने कहा कि यह कदम सकारात्मक है, किंतु यह रोक पहले ही सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति का हिस्सा थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार के प्रयोग पर विभिन्न राज्यों में एफआईआर दर्ज करना या हिरासत में लेना न्यायोचित नहीं है।
गुप्ता ने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद BJP शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें आती रहीं। उन्होंने कहा, 'नाबालिगों को हिरासत में लेने जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप इस बात का प्रमाण है कि स्थिति कितनी गंभीर हो गई थी।'
एंटी-पेपर लीक विधेयक पर कड़ी आलोचना
केंद्र सरकार के एंटी-पेपर लीक विधेयक को आदित्य गुप्ता ने 'महज लीपापोती' करार दिया। उनका कहना था कि जिस कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक हुए और लाखों युवाओं का भविष्य दाँव पर लगा, उस दौर की नैतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का जिस तरह स्वागत किया गया, वह इस बात का संकेत है कि BJP इस विफलता की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। गुप्ता के अनुसार, यह विधेयक वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास मात्र है।
बिहार फायरिंग पर गहरी चिंता
बिहार में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग की घटना को आदित्य गुप्ता ने भारतीय लोकतंत्र के लिए 'बेहद दुखद' बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। 'जिस नए भारत की बात की जाती है, उसकी तस्वीर आज बेहद चिंताजनक दिखती है,' उन्होंने कहा।
पीओजेके और क्षेत्रीय शांति का दृष्टिकोण
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की स्थिति पर गुप्ता ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवीय क्षति चिंताजनक है। पीडीपी का स्पष्ट दृष्टिकोण यह है कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर स्थायी शांति स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दोनों तरफ शांति बनी रहे तो जम्मू-कश्मीर भविष्य में भारत को मध्य एशिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में उभर सकता है।
सीजेपी विवाद और BJP पर पाखंड का आरोप
सीजेपी (CJP) से जुड़े एक बड़े होटल में आयोजित कार्यक्रम पर उठे विवाद के संदर्भ में आदित्य गुप्ता ने BJP पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, वे उस वक्त चुप रहे जब छात्र कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनके अनुसार, बार-बार होने वाले पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों से प्रभावित युवाओं का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। आने वाले समय में सरकार को लोकतांत्रिक संवाद की राह अपनानी होगी, अन्यथा छात्र असंतोष और गहरा होता जाएगा।