28 जुलाई 2026
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पेपर लीक बिल महज लीपापोती, छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई अस्वीकार्य: पीडीपी प्रवक्ता आदित्य गुप्ता

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पेपर लीक बिल महज लीपापोती, छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई अस्वीकार्य: पीडीपी प्रवक्ता आदित्य गुप्ता

सारांश

पीडीपी प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने एक साथ कई मोर्चों पर BJP और केंद्र सरकार को घेरा — एंटी-पेपर लीक बिल को 'लीपापोती', बिहार में AK-47 फायरिंग को 'लोकतंत्र के लिए दुखद' और छात्रों पर कार्रवाई को 'असंवैधानिक' करार दिया। पीओजेके में शांति को जम्मू-कश्मीर के मध्य एशिया से जुड़ाव की शर्त बताया।

मुख्य बातें

पीडीपी प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने 28 जुलाई को जम्मू में केंद्र सरकार और BJP पर कई मुद्दों पर हमला बोला।
सुप्रीम कोर्ट के छात्र-प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई रोकने के आदेश का स्वागत किया, लेकिन कहा कि BJP शासित राज्यों में हिरासत जारी रही।
एंटी-पेपर लीक विधेयक को 'महज लीपापोती' बताया; लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी जवाबदेही की माँग की।
बिहार में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध और 'बेहद दुखद' करार दिया।
पीओजेके सहित नियंत्रण रेखा के दोनों ओर स्थायी शांति को जम्मू-कश्मीर के मध्य एशिया से जुड़ाव की पूर्वशर्त बताया।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने 28 जुलाई को जम्मू में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला — सुप्रीम कोर्ट के छात्र-प्रदर्शनकारियों से जुड़े आदेश से लेकर एंटी-पेपर लीक विधेयक, बिहार में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की स्थिति तक। गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और छात्रों के अधिकार

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए आदित्य गुप्ता ने कहा कि यह कदम सकारात्मक है, किंतु यह रोक पहले ही सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति का हिस्सा थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार के प्रयोग पर विभिन्न राज्यों में एफआईआर दर्ज करना या हिरासत में लेना न्यायोचित नहीं है।

गुप्ता ने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद BJP शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें आती रहीं। उन्होंने कहा, 'नाबालिगों को हिरासत में लेने जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप इस बात का प्रमाण है कि स्थिति कितनी गंभीर हो गई थी।'

एंटी-पेपर लीक विधेयक पर कड़ी आलोचना

केंद्र सरकार के एंटी-पेपर लीक विधेयक को आदित्य गुप्ता ने 'महज लीपापोती' करार दिया। उनका कहना था कि जिस कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक हुए और लाखों युवाओं का भविष्य दाँव पर लगा, उस दौर की नैतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का जिस तरह स्वागत किया गया, वह इस बात का संकेत है कि BJP इस विफलता की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। गुप्ता के अनुसार, यह विधेयक वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास मात्र है।

बिहार फायरिंग पर गहरी चिंता

बिहार में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग की घटना को आदित्य गुप्ता ने भारतीय लोकतंत्र के लिए 'बेहद दुखद' बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। 'जिस नए भारत की बात की जाती है, उसकी तस्वीर आज बेहद चिंताजनक दिखती है,' उन्होंने कहा।

पीओजेके और क्षेत्रीय शांति का दृष्टिकोण

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की स्थिति पर गुप्ता ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवीय क्षति चिंताजनक है। पीडीपी का स्पष्ट दृष्टिकोण यह है कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर स्थायी शांति स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दोनों तरफ शांति बनी रहे तो जम्मू-कश्मीर भविष्य में भारत को मध्य एशिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में उभर सकता है।

सीजेपी विवाद और BJP पर पाखंड का आरोप

सीजेपी (CJP) से जुड़े एक बड़े होटल में आयोजित कार्यक्रम पर उठे विवाद के संदर्भ में आदित्य गुप्ता ने BJP पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, वे उस वक्त चुप रहे जब छात्र कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनके अनुसार, बार-बार होने वाले पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों से प्रभावित युवाओं का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। आने वाले समय में सरकार को लोकतांत्रिक संवाद की राह अपनानी होगी, अन्यथा छात्र असंतोष और गहरा होता जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

छात्र आंदोलन, बिहार फायरिंग — पर एक साथ मुखर होना यह दर्शाता है कि विपक्ष केंद्र की शिक्षा नीति की विफलताओं को एक राजनीतिक आख्यान में पिरोने की कोशिश कर रहा है। एंटी-पेपर लीक बिल पर 'लीपापोती' का आरोप तब और वज़नदार लगता है जब यह तथ्य सामने हो कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, UGC-NET सहित कई परीक्षाओं में गड़बड़ियाँ सामने आईं और जवाबदेही का कोई ठोस तंत्र नहीं बना। बिहार में AK-47 फायरिंग की घटना — यदि तथ्यात्मक रूप से सत्यापित होती है — तो यह राज्य-बल के अनुपातहीन प्रयोग का गंभीर प्रश्न उठाती है जिसे मुख्यधारा की कवरेज में अपेक्षित गहराई नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट का बार-बार हस्तक्षेप यह संकेत देता है कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच नागरिक अधिकारों को लेकर एक बुनियादी तनाव बना हुआ है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीडीपी प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने एंटी-पेपर लीक बिल को 'लीपापोती' क्यों कहा?
आदित्य गुप्ता का कहना है कि यह विधेयक उन पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है जिनसे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उनके अनुसार, जब तक संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही नहीं तय होती, कोई भी विधेयक महज औपचारिकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों के संदर्भ में क्या आदेश दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई पर रोक लगाई। पीडीपी प्रवक्ता गुप्ता ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि यह सहमति पहले ही सरकार और आंदोलन प्रतिनिधियों के बीच बन चुकी थी, लेकिन BJP शासित राज्यों में हिरासत जारी रही।
बिहार में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग की घटना क्या है?
बिहार में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर AK-47 से फायरिंग की घटना सामने आई, जिसे आदित्य गुप्ता ने 'भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद दुखद' बताया। उनके अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर इस तरह का बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
पीडीपी का पीओजेके और क्षेत्रीय शांति पर क्या रुख है?
पीडीपी का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर स्थायी शांति होनी चाहिए। गुप्ता ने कहा कि दोनों तरफ शांति रहने पर जम्मू-कश्मीर भविष्य में भारत को मध्य एशिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में विकसित हो सकता है।
सीजेपी विवाद पर पीडीपी का क्या कहना है?
आदित्य गुप्ता ने कहा कि जो लोग आज सीजेपी के कार्यक्रम पर सवाल उठा रहे हैं, वे उस समय मौन रहे जब छात्र भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने BJP पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को छात्रों से सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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