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तेजस्वी यादव गर्दनीबाग पहुंचे, BPSC आंदोलनरत छात्रों से बोले — महागठबंधन हर मोर्चे पर साथ

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तेजस्वी यादव गर्दनीबाग पहुंचे, BPSC आंदोलनरत छात्रों से बोले — महागठबंधन हर मोर्चे पर साथ

सारांश

तेजस्वी यादव एक बार फिर गर्दनीबाग पहुंचे — इस बार BPSC अधिकारी के अपमानजनक बयान पर सीधे माफी की माँग के साथ। महागठबंधन ने छात्रों की उम्र सीमा, मानदेय और अनुकंपा नियुक्ति की माँगों को सदन और सड़क दोनों पर उठाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव सोमवार, 24 अगस्त को गर्दनीबाग, पटना में आंदोलनरत छात्रों से मिले और महागठबंधन का पूर्ण समर्थन दोहराया।
छात्रों ने ज्ञापन सौंपा — माँगों में अनुकंपा नियुक्ति, उम्र सीमा समाप्ति और नियमित मानदेय शामिल।
BPSC परीक्षा नियंत्रक के अपमानजनक बयान पर तेजस्वी ने संबंधित अधिकारी से सार्वजनिक माफी की माँग की।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार युवाओं को रोज़गार देने के बजाय गुमराह कर रही है।
विपक्ष ने चेतावनी दी कि छात्रों की माँगें सदन और सड़क — दोनों मंचों पर उठाई जाएंगी।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार, 24 अगस्त को पटना के गर्दनीबाग पहुंचे और वहाँ धरने पर बैठे आंदोलनरत छात्रों से सीधी मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महागठबंधन और समूचा विपक्ष छात्रों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ा है — चाहे लड़ाई सदन में लड़नी पड़े या सड़क पर।

मुख्य घटनाक्रम

तेजस्वी यादव का यह गर्दनीबाग दौरा लगातार दूसरी बार था। छात्रों ने उन्हें अपनी माँगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति, उम्र सीमा की बाध्यता समाप्त करने और हर महीने नियमित मानदेय सुनिश्चित करने की माँगें शामिल हैं। तेजस्वी ने आश्वासन दिया कि विपक्ष इन सभी माँगों को पूरी मजबूती से उठाएगा।

BPSC और सरकार पर तीखा हमला

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा व्यवस्था को लेकर आयोग के बयान पर तेजस्वी यादव ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक के उस बयान की निंदा की जिसमें छात्रों को अपमानजनक भाषा में संबोधित किया गया था। तेजस्वी ने कहा, 'छात्रों को जो लोग कुत्ता-बिल्ली बोल रहे हैं, उन्हें माफी माँगनी चाहिए।' उन्होंने माँग की कि संबंधित अधिकारी अभ्यर्थियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें।

रोज़गार पर सरकार को घेरा

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार युवाओं को रोज़गार देने के बजाय उन्हें गुमराह करने में लगी है। उन्होंने अपने शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षक भर्ती के पहले चरण के ज़रिये गांधी मैदान में बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में बेरोज़गारी और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर छात्रों का असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

घोषणापत्र बनाम सरकार की करनी

तेजस्वी यादव ने याद दिलाया कि चुनाव से पूर्व महागठबंधन ने अपने घोषणापत्र में नई नियमावली से जुड़ी माँगों को शामिल किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह आंदोलनरत छात्रों के बीच आकर सीधी बातचीत करे और उनकी न्यायसंगत माँगों को पूरा करे।

छात्रों से एकजुटता की अपील

तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से एकजुट रहने का आग्रह करते हुए कहा कि जब तक उनके अधिकारों की लड़ाई जारी है, वे और पूरा महागठबंधन उनके साथ पूरी ताकत से खड़े रहेंगे। गौरतलब है कि यह आंदोलन केवल परीक्षा सुधार तक सीमित नहीं है — आर्थिक न्याय और नियमित मानदेय की माँग इसे व्यापक रोज़गार आंदोलन का रूप दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विपक्ष की यह एकजुटता छात्रों की माँगों को ठोस नीतिगत बदलाव में बदल पाएगी या नहीं। बिहार में परीक्षा घोटालों और रोज़गार संकट की पृष्ठभूमि में यह आंदोलन महज़ BPSC सुधार तक सीमित नहीं रहा — यह सत्ता की जवाबदेही का व्यापक सवाल बन चुका है। महागठबंधन के घोषणापत्र में इन माँगों का उल्लेख होने के बावजूद जब वे सत्ता में थे तब क्या हुआ, यह भी जाँच का विषय है। छात्रों के लिए ज़रूरी है कि वे राजनीतिक समर्थन को वास्तविक नीतिगत प्रतिबद्धता से अलग करके देखें।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव गर्दनीबाग क्यों पहुंचे?
तेजस्वी यादव BPSC परीक्षा व्यवस्था और रोज़गार माँगों को लेकर गर्दनीबाग में धरने पर बैठे छात्रों को महागठबंधन का समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने छात्रों से ज्ञापन लिया और विपक्ष की ओर से उनकी माँगें सदन तथा सड़क दोनों पर उठाने का आश्वासन दिया।
BPSC अधिकारी के किस बयान पर विवाद हुआ?
परीक्षा नियंत्रक ने आंदोलनरत छात्रों को कथित तौर पर अपमानजनक भाषा में संबोधित किया, जिस पर तेजस्वी यादव ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने माँग की कि संबंधित अधिकारी अभ्यर्थियों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगे।
छात्रों की प्रमुख माँगें क्या हैं?
आंदोलनरत छात्रों की माँगों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति, उम्र सीमा की बाध्यता समाप्त करना और हर महीने नियमित मानदेय सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा आर्थिक न्याय और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग भी उठाई जा रही है।
महागठबंधन ने छात्रों के लिए क्या वादा किया है?
महागठबंधन ने वादा किया है कि वह छात्रों की सभी न्यायसंगत माँगों को विधानसभा में और सड़क पर — दोनों मंचों पर पूरी ताकत से उठाएगा। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि आर्थिक न्याय के लिए भी लड़ाई जारी रहेगी।
क्या बिहार सरकार ने आंदोलन पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
स्रोत में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। तेजस्वी यादव ने सरकार से अपील की है कि वह आंदोलनरत छात्रों के बीच आकर सीधी बातचीत करे और उनकी माँगों पर गंभीरता से विचार करे।
राष्ट्र प्रेस
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