तेजस्वी यादव ने गर्दनीबाग में BPSC TRE-4 परीक्षार्थियों का समर्थन किया, BJP ने बोला पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 21 अगस्त 2026 को पटना के गर्दनीबाग स्थित विरोध स्थल का दौरा किया, जहाँ बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षार्थी और अन्य प्रतियोगी छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। इस दौरान यादव ने बिहार सरकार और शिक्षा मंत्री पर तीखे आरोप लगाए।
गर्दनीबाग में तेजस्वी का संबोधन
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि 'लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है' और राजद बिहार के युवाओं के अधिकारों के लिए ज़रूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरने या पुलिस कार्रवाई का सामना करने से भी नहीं हिचकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजद भूख हड़ताल में शामिल उम्मीदवारों की जायज़ माँगों का पूरी तरह समर्थन करती है।
यादव ने सवाल उठाया कि जिन मुद्दों पर सरकार को स्वयं ध्यान देना चाहिए था, उनके लिए छात्रों को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है। उनके अनुसार, एक चुनी हुई सरकार की यह बुनियादी ज़िम्मेदारी है कि वह समय पर, पारदर्शी तरीके से और किसी भी अनियमितता, मिलीभगत या पेपर लीक के बिना परीक्षा आयोजित करे।
बेरोज़गारी और 'सात निश्चय' पर हमला
यादव ने आरोप लगाया कि बिहार बेरोज़गारी का गढ़ बन चुका है और सरकार छात्रों व युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने 2015 में शुरू की गई 'सात निश्चय' योजना के तहत युवाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता में कटौती की है।
उनके अनुसार, इस कटौती से परिवारों पर वित्तीय बोझ बढ़ा है — ऐसे समय में जब महँगाई और बेरोज़गारी पहले से ही घरों को दबाव में रख रही हैं। यादव ने चेतावनी दी कि 'कोई भी पद या सत्ता की कुर्सी स्थायी नहीं होती' और राजनीतिक अहंकार के कारण जनता की अनदेखी नहीं की जा सकती।
BJP का पलटवार
यादव की टिप्पणियों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय गुप्ता ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यादव बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में विफल रहे। गुप्ता ने उन पर विपक्ष के नेता की ज़िम्मेदारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और दावा किया कि विरोध स्थल पर उनका दौरा केवल राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास था।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्रों में गहरी बेचैनी है। बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षार्थियों की माँगें सीधे तौर पर हज़ारों युवाओं के रोज़गार और भविष्य से जुड़ी हैं। गौरतलब है कि बिहार में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं, जिससे यह आंदोलन व्यापक युवा असंतोष की अभिव्यक्ति बन गया है।
आगे क्या
तेजस्वी यादव ने संकल्प लिया कि राजद छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सड़कों से लेकर राज्य विधानसभा तक उठाती रहेगी। आंदोलन की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव का रुख तय करेगी।