जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: भाजपा सांसदों ने विपक्ष को घेरा, निशिकांत दुबे ने 13 अगस्त बाद भूख हड़ताल की चेतावनी दी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती घोटाले के विरोध में जारी अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने 7 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा हमला बोला। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने संकट की घड़ी में छात्रों को अकेला छोड़ दिया और झारखंड सरकार छात्रों की प्रमुख मांगों — सीबीआई जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने — पर कोई ठोस कदम उठाने में विफल रही है।
निशिकांत दुबे की भूख हड़ताल की चेतावनी
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि यदि 13 अगस्त तक — जब संसद का मानसून सत्र समाप्त होगा — इस मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे पार्टी नेतृत्व की अनुमति मिलने के बाद भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने BJP के पार्टी अध्यक्ष से अनुमति भी मांगी है।
दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 'बाहरी एजेंडे' के तहत बयान देते हैं। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी यह स्पष्ट करें कि पिछले सात-आठ वर्षों में कांग्रेस, JMM और RJD नेताओं के कितने रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियाँ मिलीं।
मुख्य आरोपी का स्वीकारोक्ति और भ्रष्टाचार के आरोप
निशिकांत दुबे ने कहा कि इस प्रकरण के मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने स्वीकार किया है कि वह अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें कई गुना बढ़ाकर संबंधित लोगों तक पहुँचाता था। उन्होंने माँग की कि इस पूरे प्रकरण में भ्रष्टाचार की गहन जाँच हो और यह भी सामने आए कि कितने परिवारों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए गहने बेचे या ज़मीन गिरवी रखी।
संजय सेठ का राहुल गांधी पर हमला
केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ ने राहुल गांधी द्वारा अभ्यर्थियों से वीडियो माध्यम से संवाद करने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद राहुल गांधी को याद आया कि झारखंड में हज़ारों छात्र धरने पर बैठे हैं। संजय सेठ ने कहा कि यदि उन्हें वास्तव में छात्रों की चिंता होती तो वे स्वयं झारखंड जाकर छात्रों से मिलते और अपनी सहयोगी सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाते।
सेठ ने आगे कहा कि झारखंड सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है, फिर भी छात्रों की मुख्य माँगों — सीबीआई जाँच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने — पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनके अनुसार, राहुल गांधी को वीडियो संदेश जारी करने के बजाय मुख्यमंत्री से तत्काल सीबीआई जाँच के आदेश देने की माँग करनी चाहिए थी।
संजय जायसवाल का विपक्ष पर प्रहार
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल दिल्ली में बैठकर बयान देते हैं, लेकिन जिन राज्यों में उनकी पार्टी सत्ता में है या सरकार का समर्थन करती है, वहाँ जाने से बचते हैं। जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी न तो झारखंड जाएँगे और न ही पंजाब, जबकि इन राज्यों में छात्रों और युवाओं से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आए हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के हज़ारों अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से आंदोलनरत हैं। गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है और उससे पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव तेज़ होने की संभावना है। निशिकांत दुबे की भूख हड़ताल की चेतावनी ने मामले को नई राजनीतिक तीव्रता दी है, और अब सभी की निगाहें झारखंड सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।