झारखंड JPSC-JSSC घोटाले पर NDA का हमला: 'सरकार CBI जांच से इसलिए भाग रही है क्योंकि मंत्री बेनकाब होंगे'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार, 17 अगस्त 2026 को अपने 24वें दिन में प्रवेश कर गया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार सीबीआई जांच से इसलिए बच रही है क्योंकि उसे अपने मंत्रियों के बेनकाब होने का डर है।
मुख्य घटनाक्रम
आंदोलन के 24 दिन पूरे होने पर भी झारखंड सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कोई संवाद स्थापित नहीं हो सका है। छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अडिग हैं, जबकि सरकार इस मांग को स्वीकार करने से कतरा रही है। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के खिलाफ लगातार बल प्रयोग कर रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
NDA नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'झारखंड सरकार को राज्य में चल रहे आंदोलन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। सरकार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी जोड़ा कि यदि झारखंड के मुख्यमंत्री प्रेरणा लेना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ले सकते हैं।
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने सबसे तीखा आरोप लगाते हुए कहा, 'वहां की सरकार अड़ियल रवैया अपना रही है। छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इससे बच रही है क्योंकि उसे पता है कि उसके कई मंत्री बेनकाब हो सकते हैं।'
बिहार मंत्रियों का बयान
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि झारखंड सरकार बच्चों के लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को नजरअंदाज कर रही है और इस मुद्दे पर कोई संज्ञान नहीं ले रही। वहीं बिहार सरकार के एक अन्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'जब भी राज्य में कोई मुद्दा उठता है — चाहे वह छात्र हों, किसान हों, मजदूर हों या व्यापारी — सरकार उनके साथ बैठकर चर्चा करना और समाधान निकालना चाहती है। हालांकि, जब कोई राजनीतिक दल इसमें शामिल हो जाता है और ऐसे विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन करने लगता है, तो बातचीत के जरिए समस्या सुलझाने में कुछ मुश्किलें आ सकती हैं।'
आम जनता और छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगाते हैं और कथित अनियमितताओं ने उनके भविष्य पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि परीक्षा घोटालों के खिलाफ इस तरह के लंबे छात्र आंदोलन भारत के कई राज्यों में देखे जा चुके हैं, जो प्रशासनिक पारदर्शिता की माँग को रेखांकित करते हैं।
आगे क्या होगा
आंदोलनकारी छात्रों ने संकेत दिया है कि जब तक सीबीआई जांच की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। NDA नेताओं के बयानों के बाद झारखंड सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि सरकार छात्रों से सीधी बातचीत का रास्ता अपनाती है या नहीं।