7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

झारखंड परीक्षा गड़बड़ी: BJP सांसद निशिकांत दुबे ने 13 अगस्त तक भूख हड़ताल की दी चेतावनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
झारखंड परीक्षा गड़बड़ी: BJP सांसद निशिकांत दुबे ने 13 अगस्त तक भूख हड़ताल की दी चेतावनी

सारांश

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड में JPSC-JSSC पेपर लीक पर हेमंत सोरेन सरकार को 13 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है — फैसला नहीं तो भूख हड़ताल। रांची और दिल्ली में छात्र सड़कों पर हैं, CBI जाँच की माँग तेज़ है, और मानसून सत्र के बीच यह मामला संसद तक पहुँचने की कगार पर है।

मुख्य बातें

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने 6 अगस्त को झारखंड सरकार को 13 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया — कार्रवाई नहीं हुई तो भूख हड़ताल।
दुबे ने एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि वे पार्टी की अनुमति से छात्र आंदोलन में शामिल होंगे।
आंदोलनकारी JPSC, JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जाँच , परीक्षा रद्द करने और पारदर्शी भर्ती की माँग कर रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई छात्र करीब दो हफ्तों से भूख हड़ताल पर हैं।
BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर झारखंड के छात्र मुद्दे पर 'पाखंड' का आरोप लगाया।
राज्य सरकार के वार्ता प्रस्ताव के बाद छात्रों ने पहली बार औपचारिक प्रतिनिधिमंडल बनाने की घोषणा की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने 6 अगस्त 2026 को झारखंड सरकार को कड़ी चेतावनी दी — यदि 13 अगस्त तक भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे संसद सत्र के दौरान छात्र आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।

सांसद की सीधी चेतावनी

निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, '13 अगस्त तक यानी संसद सत्र चलने तक अगर कोई निर्णय नहीं हुआ तो मैं अपनी पार्टी से अनुमति लेकर छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल करूंगा।' उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक झारखंड में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ होता रहेगा और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक पर कांग्रेस-समर्थित हेमंत सोरेन सरकार कब संज्ञान लेगी।

छात्र आंदोलन की मुख्य माँगें

आंदोलनकारी छात्र तीन प्रमुख माँगों पर अड़े हैं — JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जाँच, प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करना, और पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए व्यापक सुधार। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कई छात्र पिछले करीब दो हफ्तों से भूख हड़ताल पर हैं।

BJP का राजनीतिक हमला

BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को विपक्ष — विशेष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी — से संसद के दोनों सदनों को सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, ताकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित कर सकें। प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'पाखंडी' बताया और आरोप लगाया कि झारखंड के छात्र आंदोलन पर उनका रुख अलग और विरोधाभासी है।

सरकार और छात्रों के बीच वार्ता की संभावना

राज्य सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत का प्रस्ताव आने के बाद छात्रों ने पहली बार औपचारिक रूप से एक प्रतिनिधिमंडल बनाने की घोषणा की है, जो प्रस्तावित वार्ता में उनकी ओर से भाग लेगा। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम संसद के मानसून सत्र के दौरान हो रहा है, जिससे राजनीतिक दबाव और तेज़ हो गया है।

आगे क्या

सबकी नजर अब 13 अगस्त की समयसीमा पर है। यदि हेमंत सोरेन सरकार इस तारीख से पहले कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो एक बैठे सांसद का भूख हड़ताल पर जाना राज्य और केंद्र — दोनों स्तरों पर राजनीतिक संकट को और गहरा कर सकता है। झारखंड भर के छात्र उम्मीद जता रहे हैं कि इस राजनीतिक हस्तक्षेप से परीक्षा की शुचिता और निष्पक्ष भर्ती से जुड़ी लंबे समय से लंबित शिकायतों का समाधान होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार एक बैठे सांसद का सार्वजनिक अल्टीमेटम मामले को नया आयाम देता है। विरोधाभास यह है कि BJP केंद्र में सत्ता में है और CBI उसके अधीन आती है, फिर भी पार्टी का दबाव राज्य सरकार पर केंद्रित है — यह राजनीतिक रणनीति और वास्तविक चिंता के बीच की रेखा को धुंधला करता है। छात्रों की माँगें जायज़ हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि 13 अगस्त के बाद चाहे सरकार कदम उठाए या न उठाए — क्या यह दबाव संरचनात्मक सुधार लाएगा या महज़ एक और राजनीतिक नाटक बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निशिकांत दुबे ने भूख हड़ताल की चेतावनी क्यों दी?
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं पर हेमंत सोरेन सरकार की निष्क्रियता के विरोध में यह चेतावनी दी। उन्होंने 13 अगस्त तक ठोस निर्णय न होने पर संसद सत्र के दौरान छात्र आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की।
झारखंड के छात्र आंदोलन की मुख्य माँगें क्या हैं?
आंदोलनकारी छात्र JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जाँच, प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए व्यापक सुधार की माँग कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई छात्र करीब दो हफ्तों से भूख हड़ताल पर हैं।
13 अगस्त की समयसीमा का क्या महत्व है?
13 अगस्त संसद के मानसून सत्र के दौरान की तारीख है, जिसे दुबे ने जानबूझकर चुना है ताकि राजनीतिक दबाव अधिकतम हो। यदि राज्य सरकार इस तारीख तक कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो एक सांसद का भूख हड़ताल पर जाना राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दे को और उभार सकता है।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर 'पाखंड' का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से अपील की कि वे संसद के दोनों सदनों को सुचारू चलने दें ताकि गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित कर सकें।
झारखंड सरकार और छात्रों के बीच वार्ता की क्या स्थिति है?
राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत का प्रस्ताव दिया है, जिसके बाद छात्रों ने पहली बार औपचारिक रूप से एक प्रतिनिधिमंडल बनाने की घोषणा की है। यह प्रतिनिधिमंडल प्रस्तावित वार्ता में छात्रों की ओर से भाग लेगा, हालाँकि वार्ता की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले