11 अगस्त 2026
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झारखंड छात्र आंदोलन पर नीतीश मिश्रा का विपक्ष पर तीखा हमला: दिल्ली और झारखंड में अलग रवैया क्यों?

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झारखंड छात्र आंदोलन पर नीतीश मिश्रा का विपक्ष पर तीखा हमला: दिल्ली और झारखंड में अलग रवैया क्यों?

सारांश

BJP मंत्री नीतीश मिश्रा ने पटना में विपक्ष पर सीधा हमला बोला — दिल्ली के छात्र आंदोलन में साथ खड़े रहने वाले नेता झारखंड में JPSC-JSSC छात्रों की आवाज़ से मुँह क्यों फेर रहे हैं? यह सवाल अब राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री नीतीश मिश्रा ने 11 अगस्त को पटना में प्रेस वार्ता कर विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में छात्र आंदोलन के समर्थक विपक्षी नेता झारखंड के छात्रों के मामले में चुप हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में हर विषय पर चर्चा की तैयारी जताई — मिश्रा ने इसे विपक्ष के टालने के रवैये से जोड़ा।
मिश्रा ने बिहार में संवाद से हड़ताल सुलझाने का उदाहरण देते हुए लोकतांत्रिक विमर्श की अपील की।

बिहार सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता नीतीश मिश्रा ने झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का सीधा आरोप लगाया है। मंगलवार, 11 अगस्त को पटना स्थित BJP प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मिश्रा ने कहा कि विपक्ष राजनीतिक सुविधा के अनुसार छात्र आंदोलनों के प्रति अपना रुख बदलता है।

मुख्य आरोप: दिल्ली बनाम झारखंड

नीतीश मिश्रा ने कहा कि जब दिल्ली में छात्र सड़कों पर उतरे थे, तब कांग्रेस और विपक्ष के कई बड़े नेता पूरी प्रखरता के साथ उनके समर्थन में खड़े दिखाई दिए। वहीं, झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से जुड़े सवालों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या झारखंड के आंदोलनकारी छात्र इस देश के छात्र नहीं हैं?

संसद की कार्यवाही पर भी निशाना

मिश्रा ने संसद में विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार पिछले करीब 15 दिनों से संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में स्पष्ट कर दिया है कि सरकार हर विषय पर चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार है। बार-बार मुद्दे बदलना और सदन को बाधित करना यह दर्शाता है कि विपक्ष गंभीर बहस से बचना चाहता है।

लोकतंत्र में संवाद की अपील

मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल छात्रों के आंदोलन के अधिकार पर नहीं, बल्कि विपक्ष के विरोधाभासी रवैये पर है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण और उचित तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में कर्मचारी संगठनों की हड़ताल के दौरान बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला गया — लोकतंत्र की असली खूबसूरती संवाद और विमर्श में है।

युवाओं पर राजनीतिक असर

नीतीश मिश्रा ने कहा कि विपक्ष की यह विरोधाभासी नीति जनता और विशेषकर युवाओं के सामने उजागर हो रही है। उनके अनुसार देश के युवा यह देख रहे हैं कि किस प्रकार राजनीतिक सुविधा के अनुसार अलग-अलग मुद्दों पर रुख बदला जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्रों का असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

छात्र आंदोलनों के प्रति समान रवैया अपनाती है? JPSC-JSSC परीक्षा पारदर्शिता की माँग वैध है और उसे दलीय राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश मिश्रा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
नीतीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल दिल्ली के छात्र आंदोलन का समर्थन करते हैं लेकिन झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की अनदेखी करते हैं। उनके अनुसार यह राजनीतिक सुविधा के अनुसार रुख बदलने की नीति है।
झारखंड में छात्र आंदोलन किस मुद्दे पर है?
झारखंड में छात्र JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) परीक्षाओं से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन परीक्षाओं की पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर छात्रों में असंतोष है।
नीतीश मिश्रा ने संसद के बारे में क्या कहा?
मिश्रा ने कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है, जबकि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बार-बार मुद्दे बदलना गंभीर बहस से बचने का प्रयास है।
BJP का यह बयान किस संदर्भ में आया है?
यह बयान 11 अगस्त को पटना में BJP प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आया। यह ऐसे समय में है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र आंदोलन तेज़ हो रहा है और उस पर पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं।
नीतीश मिश्रा ने छात्र आंदोलन के अधिकार पर क्या कहा?
मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल छात्रों के आंदोलन के अधिकार पर नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन विपक्ष को अलग-अलग राज्यों में एक समान रवैया अपनाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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