25 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत का इंजीनियरिंग निर्यात अगस्त में 24.86% उछला, $12.32 अरब के पार; अमेरिका-चीन में मांग तेज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत का इंजीनियरिंग निर्यात अगस्त में 24.86% उछला, $12.32 अरब के पार; अमेरिका-चीन में मांग तेज

सारांश

वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत का इंजीनियरिंग निर्यात लगातार पाँचवें महीने मजबूत रहा — अगस्त में 24.86% की छलाँग के साथ $12.32 अरब तक पहुँचा। अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया में तेज माँग, ओमान एफटीए का तत्काल लाभ, और 34 में से 31 उत्पाद समूहों में वृद्धि — यह संकेत है कि 'ब्रांड इंडिया' की वैश्विक पहुँच चौड़ी हो रही है।

मुख्य बातें

भारत का इंजीनियरिंग निर्यात अगस्त 2026 में सालाना 24.86% बढ़कर $12.32 अरब पर पहुँचा।
चालू वित्त वर्ष में यह लगातार पाँचवीं मासिक वृद्धि है।
अमेरिका को निर्यात 31% बढ़कर $2.20 अरब ; चीन को निर्यात ~75% उछलकर $424.65 मिलियन ।
ओमान को निर्यात लगभग चार गुना बढ़ा; जून 2026 में लागू भारत-ओमान एफटीए का योगदान।
इंजीनियरिंग के 34 में से 31 उत्पाद समूहों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज।
अप्रैल-अगस्त 2026-27 में कुल निर्यात $58.70 अरब — पिछले वर्ष की तुलना में 19.55% अधिक।

भारत के इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2026-27 में लगातार पाँचवें महीने मजबूत रहा। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) इंडिया ने 25 सितंबर 2026 को जारी आँकड़ों में बताया कि अगस्त 2026 में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात सालाना आधार पर 24.86% की वृद्धि के साथ $12.32 अरब तक पहुँच गया। वैश्विक व्यापार मार्गों में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनावों के बीच यह आँकड़ा 'ब्रांड इंडिया' की बढ़ती साख का संकेत माना जा रहा है।

प्रमुख बाज़ारों में निर्यात का प्रदर्शन

ईईपीसी इंडिया के अनुसार, शीर्ष 25 प्रमुख बाज़ारों में से अधिकांश में निर्यात बढ़ा है। अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात अगस्त में 31% उछलकर $2.20 अरब पहुँच गया, जो एकल देश के रूप में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा।

चीन को निर्यात पिछले वर्ष अगस्त के $242.50 मिलियन से बढ़कर $424.65 मिलियन हो गया — यानी करीब 75% की उल्लेखनीय वृद्धि। ब्रिटेन को निर्यात में 28.6% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

दक्षिण कोरिया को निर्यात दोगुने से भी अधिक बढ़कर $466 मिलियन पहुँचा, जबकि इंडोनेशिया को निर्यात में 182% की जबरदस्त वृद्धि के साथ यह आँकड़ा $292.30 मिलियन रहा।

ओमान एफटीए का असर और पश्चिम एशिया में चुनौती

ओमान को होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात लगभग चार गुना उछलकर $198 मिलियन तक पहुँच गया। उद्योग संगठन के अनुसार, जून 2026 में लागू हुए भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह इस बात का प्रमाण है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते जमीन पर तत्काल परिणाम देने में सक्षम हैं।

हालाँकि, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब में निर्यात प्रभावित रहा। पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न लॉजिस्टिक्स चुनौतियाँ इसकी मुख्य वजह बताई गई हैं।

व्यापक आधार पर वृद्धि

अगस्त के दौरान इंजीनियरिंग क्षेत्र के 34 में से 31 उत्पाद समूहों ने सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। विशेषज्ञों के अनुसार, यह 'ब्रॉड-बेस्ड' वृद्धि किसी एक उत्पाद या बाज़ार पर निर्भरता से अलग, अधिक टिकाऊ निर्यात संरचना का संकेत है। गौरतलब है कि यह पाँचवीं लगातार मासिक वृद्धि है, जो वित्त वर्ष 2026-27 में निर्यात की रफ्तार को स्थिर रखती है।

ईईपीसी अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने कहा, 'प्रमुख व्यापार मार्गों में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद हाल के महीनों में इंजीनियरिंग निर्यात का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वैश्विक बाजारों में 'ब्रांड इंडिया' पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।'

चड्ढा ने यह भी कहा कि वैश्विक माँग की परिस्थितियाँ भारतीय इंजीनियरिंग निर्यातकों के लिए अधिक अनुकूल हो रही हैं और भारत को प्रमुख बाज़ारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करनी चाहिए, नए निर्यात गंतव्यों की तलाश करनी चाहिए तथा सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अप्रैल-अगस्त 2026-27: संचित प्रदर्शन

अप्रैल से अगस्त 2026-27 की पाँच महीनों की अवधि में भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात $58.70 अरब रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह $49.10 अरब था — यानी 19.55% की संचित वृद्धि। यह रुझान संकेत देता है कि यदि यही गति बनी रही, तो पूरे वित्त वर्ष का इंजीनियरिंग निर्यात रिकॉर्ड स्तर छू सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक माँग में किसी भी मंदी का असर इस रफ्तार को परख सकता है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगस्त 2026 में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात कितना रहा?
अगस्त 2026 में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात सालाना आधार पर 24.86% बढ़कर $12.32 अरब पहुँच गया। यह चालू वित्त वर्ष 2026-27 में लगातार पाँचवें महीने की वृद्धि है।
किन देशों को इंजीनियरिंग निर्यात में सबसे अधिक वृद्धि हुई?
इंडोनेशिया को निर्यात 182% बढ़कर $292.30 मिलियन, चीन को लगभग 75% वृद्धि के साथ $424.65 मिलियन, दक्षिण कोरिया को दोगुने से अधिक बढ़कर $466 मिलियन, और ओमान को लगभग चार गुना बढ़कर $198 मिलियन रहा। अमेरिका सबसे बड़ा एकल गंतव्य बना रहा — 31% वृद्धि के साथ $2.20 अरब।
यूएई और सऊदी अरब में निर्यात क्यों प्रभावित रहा?
ईईपीसी इंडिया के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न लॉजिस्टिक्स चुनौतियों के कारण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब को निर्यात प्रभावित रहा। ये दोनों देश अन्यथा भारतीय इंजीनियरिंग उत्पादों के प्रमुख बाज़ार हैं।
भारत-ओमान एफटीए का इंजीनियरिंग निर्यात पर क्या असर पड़ा?
जून 2026 में लागू हुए भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बाद ओमान को इंजीनियरिंग निर्यात लगभग चार गुना बढ़कर $198 मिलियन पहुँच गया। यह आँकड़ा दर्शाता है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते तत्काल निर्यात लाभ देने में सक्षम हैं।
अप्रैल-अगस्त 2026-27 में भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात कितना रहा?
अप्रैल से अगस्त 2026-27 की पाँच महीनों की अवधि में कुल इंजीनियरिंग निर्यात $58.70 अरब रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के $49.10 अरब की तुलना में 19.55% अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले