8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

झारखंड छात्र आंदोलन: अन्नपूर्णा देवी का हेमंत सरकार पर हमला, बोलीं- 'बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
झारखंड छात्र आंदोलन: अन्नपूर्णा देवी का हेमंत सरकार पर हमला, बोलीं- 'बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो'

सारांश

झारखंड में 15 दिनों से जारी छात्र आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हेमंत सरकार को सीधी चुनौती दी — JPSC-JSSC में सीट बेचने के आरोपों की जाँच और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की माँगें सुनने की माँग के साथ।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने 8 अगस्त 2026 को गिरिडीह में हेमंत सोरेन सरकार से छात्रों की माँगों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की।
झारखंड में छात्र करीब 15 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं; कुछ भूख हड़ताल पर हैं।
JPSC और JSSC परीक्षाओं में सीटें बेचे जाने के आरोपों की सख्त जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग।
राज्य गठन के 24 वर्ष बाद भी अपेक्षित विकास न होने पर मंत्री ने चिंता जताई।
आंदोलन में आदिवासी समुदाय सहित समाज के विभिन्न वर्गों के युवा शामिल हैं।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने 8 अगस्त 2026 को गिरिडीह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा निशाना साधा और राज्य में जारी छात्र आंदोलन को लेकर तत्काल कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा देश एवं राज्य का भविष्य हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

15 दिनों से जारी है शांतिपूर्ण प्रदर्शन

अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि झारखंड के छात्र करीब 15 दिनों से लगातार शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और तेज़ गर्मी के बावजूद छात्रों ने असाधारण धैर्य बनाए रखा है। जब कुछ छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हों, तब राज्य सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह पूरे मामले को गंभीरता से ले और उनकी माँगों पर तत्काल ध्यान दे।

उन्होंने यह भी माँग की कि प्रदर्शन के दौरान सामने आए आरोपों की सख्त और त्वरित जाँच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

JPSC और JSSC परीक्षाओं पर गंभीर आरोप

केंद्रीय मंत्री ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) समेत अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, योग्य उम्मीदवारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है और सीटें बेचे जाने जैसे संगीन आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य भर के युवाओं में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर असंतोष पहले से बढ़ा हुआ है।

गरीब परिवारों के बच्चों के साथ अन्याय

अन्नपूर्णा देवी ने आम परिवारों की पीड़ा को रेखांकित करते हुए कहा कि गिरिडीह, हजारीबाग और रांची जैसे शहरों में बच्चों को पढ़ाने के लिए गरीब मजदूर और किसान अपनी बुनियादी जरूरतों में कटौती करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में उन्हें उचित अवसर न मिले, तो यह उनके साथ सरासर अन्याय है।

झारखंड गठन के 24 साल बाद भी अपेक्षित विकास नदारद

विश्व आदिवासी दिवस के संदर्भ में झारखंड के विकास का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य के गठन को करीब 24 वर्ष हो चुके हैं। झारखंड की स्थापना बड़ी उम्मीदों के साथ हुई थी, लेकिन आज भी अपेक्षित विकास दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि मौजूदा छात्र आंदोलन में समाज के विभिन्न वर्गों के युवा शामिल हैं, जिनमें आदिवासी समुदाय के छात्र भी अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं।

गौरतलब है कि झारखंड के गठन का एक स्पष्ट उद्देश्य था — आदिवासी और वंचित तबकों का समग्र उत्थान। अन्नपूर्णा देवी ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह विकास का एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करे।

आगे क्या होगा

केंद्रीय मंत्री की इस अपील के बाद राज्य सरकार पर छात्रों की माँगों को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। यदि हेमंत सरकार ने शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें BJP का भी कार्यकाल शामिल है। छात्रों की माँगें वैध हैं और भूख हड़ताल की नौबत इस बात का प्रमाण है कि संस्थागत विफलता गहरी है। केंद्रीय मंत्री की अपील तब और विश्वसनीय होती, जब वे केंद्र सरकार द्वारा राज्य को दिए जाने वाले संसाधनों और परीक्षा सुधार में केंद्र की भूमिका पर भी स्पष्ट रुख रखतीं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में छात्र आंदोलन किस बात को लेकर है?
झारखंड के छात्र मुख्य रूप से JPSC और JSSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, सीटें बेचे जाने के आरोपों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग को लेकर करीब 15 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने हेमंत सरकार से क्या माँग की?
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हेमंत सोरेन सरकार से छात्रों की माँगों पर तत्काल ध्यान देने, आरोपों की सख्त जाँच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
JPSC और JSSC पर क्या आरोप हैं?
अन्नपूर्णा देवी के अनुसार, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में योग्य उम्मीदवारों को उनका हक नहीं मिल रहा और सीटें बेचे जाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच की माँग की जा रही है।
झारखंड गठन के बाद से विकास की स्थिति कैसी है?
राज्य के गठन को करीब 24 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अन्नपूर्णा देवी के अनुसार अपेक्षित विकास अभी तक दिखाई नहीं दे रहा। आदिवासी समुदाय सहित विभिन्न वर्गों के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और मौजूदा आंदोलन इसी असंतोष की अभिव्यक्ति है।
छात्र आंदोलन में कौन-कौन से वर्ग शामिल हैं?
मौजूदा छात्र आंदोलन में समाज के विभिन्न वर्गों के युवा शामिल हैं, जिनमें आदिवासी समुदाय के छात्र भी प्रमुखता से भाग ले रहे हैं। गरीब मजदूरों और किसानों के बच्चे, जो गिरिडीह, हजारीबाग और रांची जैसे शहरों में पढ़ाई के लिए आते हैं, इस आंदोलन की रीढ़ हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 19 घंटे पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 1 सप्ताह पहले