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झारखंड में JPSC-JSSC छात्रों की सभी मांगें मानी जाएंगी: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

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झारखंड में JPSC-JSSC छात्रों की सभी मांगें मानी जाएंगी: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन को जायज ठहराते हुए दावा किया कि झारखंड की युवा समर्थक सरकार उनकी सभी माँगें मानेगी। साथ ही उन्होंने परिसीमन, पेपर लीक, बेरोज़गारी और दूध मूल्य वृद्धि पर केंद्र सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने JPSC और JSSC छात्रों के आंदोलन को पूरी तरह जायज बताया।
उन्होंने दावा किया कि झारखंड में युवा समर्थक सरकार है और छात्रों की सभी माँगें मानी जाएंगी।
बेरोज़गारी पर आँकड़ा: 1,000 में से केवल 12 लोगों को नौकरी मिल पाती है — मसूद का आरोप।
तमिलनाडु परिसीमन बैठक में 57 में से 37 सांसदों के बहिष्कार पर गहरी चिंता जताई।
महाराष्ट्र में दूध की खपत 67 करोड़ लीटर , उत्पादन केवल 14 करोड़ लीटर — मसूद ने डेयरी नीति पर सवाल उठाए।
महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द लागू करने की माँग दोहराई।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 9 अगस्त 2026 को सहारनपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के छात्रों के आंदोलन को पूरी तरह जायज बताया और दावा किया कि झारखंड की सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वहाँ छात्रों की समस्त माँगें अवश्य पूरी की जाएंगी और किसी भी युवा के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

JPSC-JSSC आंदोलन पर रुख

मसूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जेपीएससी और जेएसएससी छात्रों का आंदोलन जायज है। झारखंड में जेन-जी के समर्थन की सरकार है, वहाँ उनकी सभी माँगें मान ली जाएंगी। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक को लेकर छात्रों का असंतोष चरम पर है।

बेरोज़गारी और पेपर लीक पर तीखा हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शिक्षा और बेरोज़गारी संबंधी बयान का समर्थन करते हुए मसूद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज 1,000 में से मात्र 12 लोगों को नौकरी मिल पाती है और देश में उत्पादन लगातार घट रहा है, जिसके कारण रोज़गार के अवसर सिकुड़ रहे हैं। मसूद के अनुसार सरकार नौकरी देने के झूठे दावे और भ्रामक आँकड़े पेश करती है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार की तीव्र आलोचना की और कहा कि इतनी बार पेपर लीक होने के बाद भी सरकार को इसकी गंभीरता का अंदाज़ा नहीं है।

परिसीमन पर दक्षिण भारत के साथ भेदभाव का आरोप

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा परिसीमन मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में 57 में से 37 सांसदों के बहिष्कार पर मसूद ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह विषय तमिलनाडु के लिए अत्यंत गंभीर है — यदि परिसीमन होता है तो दक्षिण के राज्यों का संसदीय प्रतिनिधित्व निश्चित रूप से घटेगा। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार दक्षिण भारत के राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है और इस मसले पर सर्वसम्मति बनाने के लिए सभी दलों से संवाद होना चाहिए।

महिला आरक्षण और अन्य मुद्दे

शिरोमणि अकाली दल की महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की माँग पर मसूद ने कहा कि यह विधेयक संसद में पारित होकर कानून बन चुका है, इसलिए इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को राजनीति और समाज में बराबरी का हक दिलाने की ज़रूरत पर बल दिया। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई पदाधिकारियों को निष्कासित किए जाने और कारण बताओ नोटिस दिए जाने पर उन्होंने कहा कि 'बंगाल के अंदर अब जंगलराज है।'

महाराष्ट्र में दूध मूल्य वृद्धि पर चिंता

महाराष्ट्र में दूध के दाम में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी पर भी मसूद ने सवाल उठाए। उन्होंने आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में 67 करोड़ लीटर दूध की खपत है, जबकि उत्पादन केवल 14 करोड़ लीटर है। उनके अनुसार इस भारी अंतर को पाटने के लिए सरकार को उपभोक्ताओं पर बोझ डालने की बजाय डेयरी किसानों को प्रोत्साहन देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 'पीएम मोदी मन की बात पढ़ते नहीं, बल्कि सुनाते हैं।' आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर विपक्ष का दबाव और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'सभी माँगें मानी जाएंगी' जैसे दावे बिना किसी समयसीमा या तंत्र के खोखले लग सकते हैं। बेरोज़गारी पर '1,000 में से 12' का आँकड़ा स्रोत-रहित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी है। परिसीमन पर दक्षिण भारत के साथ भेदभाव का आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, लेकिन विपक्ष की यह आवाज़ तब तक सीमित रहेगी जब तक वह ठोस वैकल्पिक प्रस्ताव नहीं रखता।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने JPSC-JSSC छात्रों के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने JPSC और JSSC छात्रों के आंदोलन को जायज बताया और कहा कि झारखंड में युवा समर्थक सरकार है, इसलिए वहाँ छात्रों की सभी माँगें अवश्य मानी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
तमिलनाडु परिसीमन विवाद पर मसूद का क्या कहना है?
मसूद ने कहा कि परिसीमन तमिलनाडु के लिए बेहद गंभीर मुद्दा है और यदि यह लागू होता है तो दक्षिण के राज्यों का संसदीय प्रतिनिधित्व घटेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर दक्षिण भारत के राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया और सर्वदलीय सहमति बनाने की माँग की।
इमरान मसूद ने बेरोज़गारी पर क्या आँकड़ा दिया?
मसूद ने दावा किया कि देश में 1,000 में से केवल 12 लोगों को नौकरी मिल पाती है और देश का उत्पादन लगातार घट रहा है। उन्होंने सरकार पर रोज़गार के झूठे दावे और भ्रामक आँकड़े पेश करने का आरोप लगाया।
महिला आरक्षण विधेयक पर मसूद का क्या रुख है?
मसूद ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक संसद में पारित होकर कानून बन चुका है, इसलिए इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को राजनीति और समाज में बराबरी का हक दिलाने की ज़रूरत पर बल दिया।
महाराष्ट्र में दूध की कीमत बढ़ने पर मसूद ने क्या कहा?
मसूद ने महाराष्ट्र में दूध के दाम में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी पर चिंता जताई और कहा कि देश में 67 करोड़ लीटर की खपत के मुकाबले उत्पादन केवल 14 करोड़ लीटर है। उन्होंने सरकार से डेयरी किसानों को प्रोत्साहन देने और उपभोक्ताओं पर बोझ न डालने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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