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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को 15 जून से मिलेगी ई-बस सेवा, 100 बसें तैयार

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को 15 जून से मिलेगी ई-बस सेवा, 100 बसें तैयार

सारांश

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही 15 जून से 100 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी — ₹10 से ₹30 के किफायती किराये में बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो से सीधी कनेक्टिविटी। नोएडा प्राधिकरण और यूपीएसआरटीसी की यह साझेदारी दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए हरित और सस्ता विकल्प लेकर आई है।

मुख्य बातें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को 15 जून 2026 से 100 इलेक्ट्रिक बसों की सेवा मिलेगी।
बेड़े में 90 सामान्य ई-बसें और 10 डबल डेकर बसें शामिल हैं।
मुख्य रूट: बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन → किशोरपुर → जेवर एयरपोर्ट ।
न्यूनतम किराया ₹10 , अधिकतम किराया ₹30 ; प्रति चार्ज रेंज 250 किलोमीटर ।
संचालन की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण और यूपीएसआरटीसी के संयुक्त सहयोग से।
यात्री संख्या बढ़ने पर भविष्य में बसों और रूटों का विस्तार संभव।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के उद्घाटन के साथ ही 15 जून 2026 से 100 इलेक्ट्रिक बसों की सेवा शुरू होने जा रही है, जो बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से किशोरपुर होते हुए एयरपोर्ट तक यात्रियों को जोड़ेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर तैयार इस परियोजना के तहत बसों का बेड़ा सेक्टर-90 स्थित अस्थायी बस डिपो पर पहुँच चुका है और अगले दो दिनों में ट्रायल रन भी शुरू होगा।

बसों का विवरण और रूट

अधिकारियों के अनुसार, इस बेड़े में 90 सामान्य इलेक्ट्रिक बसें और 10 डबल डेकर बसें शामिल हैं। सेवा का मुख्य मार्ग बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से प्रारंभ होकर किशोरपुर के रास्ते जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को हवाई अड्डे तक पहुँचने का एक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियाँ संचालन से पहले सभी व्यवस्थाओं की जाँच के लिए ट्रायल रन आयोजित करेंगी।

किराया और तकनीकी क्षमता

यात्रियों की जेब पर बोझ न पड़े, इसके लिए किराया सीमित रखा गया है। न्यूनतम किराया ₹10 और अधिकतम किराया ₹30 निर्धारित किया गया है। प्रत्येक बस एक बार चार्ज होने पर लगभग 250 किलोमीटर तक चल सकेगी। बसों में आधुनिक यात्री सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी।

संचालन की जिम्मेदारी

इस परियोजना का संचालन नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। यह साझेदारी सुनिश्चित करेगी कि सेवा नियमित, भरोसेमंद और यात्रियों के अनुकूल हो। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब किसी नए एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही ई-बस कनेक्टिविटी एक साथ शुरू की जा रही है।

पर्यावरण और भविष्य की योजना

अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ भविष्य में बसों की संख्या और रूटों का विस्तार किया जा सकता है। यह सेवा न केवल यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी, बल्कि हरित परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की चुनौती लगातार बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। दिल्ली-एनसीआर के अन्य एयरपोर्ट कनेक्टिविटी प्रयोगों का इतिहास बताता है कि घोषणाएँ और ज़मीनी सुविधा के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहता है। 100 बसें शुरुआती माँग के लिए पर्याप्त हो सकती हैं, लेकिन यदि एयरपोर्ट पर यात्री संख्या तेज़ी से बढ़ी तो बेड़े का विस्तार कितनी जल्दी होगा, यह देखने वाली बात होगी। ₹10-₹30 का किराया किफायती है, पर डबल डेकर बसों की उपयोगिता और रूट की नियमितता सुनिश्चित करना ही इस योजना की सफलता की कुंजी है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के लिए ई-बस सेवा कब शुरू होगी?
ई-बस सेवा 15 जून 2026 से एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन शुरू होने के साथ ही शुरू होगी। संचालन से पहले परिवहन विभाग ट्रायल रन आयोजित करेगा।
जेवर एयरपोर्ट ई-बस का किराया कितना होगा?
न्यूनतम किराया ₹10 और अधिकतम किराया ₹30 निर्धारित किया गया है। यह किराया आम यात्रियों की पहुँच को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
जेवर एयरपोर्ट ई-बस का रूट क्या होगा?
यह सेवा बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से किशोरपुर होते हुए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक चलेगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के यात्री मेट्रो के ज़रिए भी एयरपोर्ट तक पहुँच सकेंगे।
कितनी और किस प्रकार की ई-बसें चलेंगी?
कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी — 90 सामान्य ई-बसें और 10 डबल डेकर बसें । प्रत्येक बस एक चार्ज में लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।
इस ई-बस परियोजना का संचालन कौन करेगा?
इस परियोजना का संचालन नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। भविष्य में यात्री माँग के अनुसार बसों की संख्या और रूट बढ़ाए जा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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