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ट्रिपल जंपर सेल्वा प्रभु का ग्लासगो CWG 2026 में सीनियर डेब्यू, NCAA चैंपियन की नज़र पर्सनल बेस्ट पर

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ट्रिपल जंपर सेल्वा प्रभु का ग्लासगो CWG 2026 में सीनियर डेब्यू, NCAA चैंपियन की नज़र पर्सनल बेस्ट पर

सारांश

वर्ल्ड अंडर-20 सिल्वर मेडलिस्ट और NCAA चैंपियन सेल्वा प्रभु ग्लासगो CWG 2026 में भारत के लिए ट्रिपल जंप में सीनियर डेब्यू करने वाले हैं। 21 वर्षीय इस एथलीट ने अमेरिकी सर्किट में तकनीक और आत्मविश्वास की मज़बूत नींव रखी है — अब असली परीक्षा अंतरराष्ट्रीय मंच पर है।

मुख्य बातें

सेल्वा प्रभु ग्लासगो CWG 2026 में पुरुषों के ट्रिपल जंप में सीनियर मल्टी-स्पोर्ट डेब्यू करेंगे।
वे वर्ल्ड अंडर-20 सिल्वर मेडलिस्ट और NCAA चैंपियन हैं; उम्र 21 वर्ष ।
अमेरिका के NCAA सर्किट में प्रशिक्षण ने उन्हें तकनीकी, शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया।
इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (IIS) ने उनके सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाई।
सेल्वा का लक्ष्य पर्सनल बेस्ट के आस-पास या उससे बेहतर प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करना है।

भारतीय ट्रिपल जंपर सेल्वा प्रभु ग्लासगो में आयोजित होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में अपना पहला सीनियर मल्टी-स्पोर्ट डेब्यू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वर्ल्ड अंडर-20 सिल्वर मेडलिस्ट और NCAA चैंपियन के रूप में पहचान बना चुके 21 वर्षीय इस एथलीट ने पुरुषों के ट्रिपल जंप में खुद को भारत के सबसे प्रतिभाशाली चेहरों में स्थापित किया है। राष्ट्रीय जर्सी में इस मंच पर उतरना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी, दोनों का प्रतीक है।

सीनियर मंच पर पहला कदम

सेल्वा ने अपने डेब्यू को लेकर कहा, 'अपने पहले सीनियर मल्टी-स्पोर्ट गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना बहुत सम्मान की बात है। मैंने कई वर्षों से ऐसे मंच पर भारतीय जर्सी पहनने का सपना देखा है। मुझे इस मौके पर गर्व है और मेरा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना, देश का नाम रोशन करना और दुनिया के बेहतरीन एथलीट्स के खिलाफ मुकाबला करके कीमती अनुभव हासिल करना है।' यह डेब्यू उनके लंबे और अनुशासित प्रशिक्षण सफर का स्वाभाविक पड़ाव है।

NCAA सर्किट ने दी मज़बूत नींव

अमेरिका के अत्यंत प्रतिस्पर्धी NCAA सर्किट में बिताए पिछले कुछ वर्षों ने सेल्वा को तकनीकी, शारीरिक और मानसिक — तीनों स्तरों पर परिपक्व किया है। उन्होंने बताया, 'NCAA में मुकाबला करने से मुझे हर पहलू में आगे बढ़ने में मदद मिली है। वहाँ प्रतिस्पर्धा का स्तर बहुत ऊँचा है, इसलिए यह मुझे तकनीकी, शारीरिक और मानसिक रूप से बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है। बेहतरीन कोच के साथ ट्रेनिंग और हर हफ्ते वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के खिलाफ मुकाबले ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है।' यह अनुभव उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करता है।

ग्लासगो के लिए तैयारी का खाका

CWG 2026 से पहले सेल्वा की ट्रेनिंग का केंद्र गति, निरंतरता और तकनीक रहा है। उन्होंने कहा, 'ट्रिपल जंप में असल बात यह है कि आप मुकाबले वाले दिन सब कुछ सही ढंग से करें। मैंने और मेरे कोच ने अप्रोच और अलग-अलग चरणों के दौरान लय बनाए रखने पर कड़ी मेहनत की है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि मैं शारीरिक रूप से मजबूत और स्वस्थ रहूँ।' गौरतलब है कि ट्रिपल जंप में एक भी चरण की लय बिगड़ने से दूरी पर बड़ा असर पड़ता है।

IIS की भूमिका और आभार

सेल्वा ने इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (IIS) के योगदान को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, 'IIS मेरे सफर का एक अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस, रिकवरी और एथलीट के तौर पर मेरे सर्वांगीण विकास में मेरी मदद की है। मुझ पर उनके भरोसे की वजह से ही मैं हर दिन खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दे पाया हूँ।' यह संस्थान भारतीय एथलेटिक्स के उभरते चेहरों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है।

लक्ष्य: पर्सनल बेस्ट और पदक की दौड़

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों के ट्रिपल जंप की प्रतिस्पर्धा लगातार तेज़ हो रही है। सेल्वा ने कहा, 'मुकाबला बहुत कड़ा है, जो मुझे और भी ज़्यादा प्रेरित करता है। अगर मैं अपने जंप सही तरीके से कर पाता हूँ, तो मुझे पता है कि मैं अच्छा नतीजा ला सकता हूँ। अगर मैं अपना सब कुछ झोंककर अपने पर्सनल बेस्ट के आस-पास या उससे बेहतर प्रदर्शन कर पाता हूँ, तो मुझे संतुष्टि मिलेगी।' भारत के एथलेटिक्स दल की नज़र अब ग्लासगो में सेल्वा के इस पहले बड़े इम्तिहान पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उतना ही कारगर साबित हो रहा है। असली सवाल यह है कि क्या IIS जैसे संस्थान और NCAA जैसा विदेशी एक्सपोज़र मिलकर उस 'पदक-रूपांतरण' को सुनिश्चित कर सकते हैं जो भारतीय एथलेटिक्स में अक्सर अधूरा रह जाता है। CWG 2026 में डेब्यू का दबाव कम नहीं होगा — लेकिन सेल्वा की तैयारी का खाका बताता है कि वे इस दबाव के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेल्वा प्रभु कौन हैं और उनकी उपलब्धियाँ क्या हैं?
सेल्वा प्रभु 21 वर्षीय भारतीय ट्रिपल जंपर हैं, जो वर्ल्ड अंडर-20 सिल्वर मेडलिस्ट और NCAA चैंपियन हैं। उन्होंने अमेरिका के प्रतिस्पर्धी NCAA सर्किट में प्रशिक्षण लेकर अपनी तकनीक और आत्मविश्वास को धार दी है।
सेल्वा प्रभु CWG 2026 में कब और कहाँ डेब्यू करेंगे?
सेल्वा प्रभु ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के ट्रिपल जंप स्पर्धा में अपना पहला सीनियर मल्टी-स्पोर्ट डेब्यू करेंगे। यह उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच होगा।
NCAA अनुभव ने सेल्वा प्रभु को कैसे तैयार किया?
अमेरिका के NCAA सर्किट में हर हफ्ते वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के खिलाफ मुकाबले और बेहतरीन कोचिंग ने सेल्वा को तकनीकी, शारीरिक और मानसिक — तीनों स्तरों पर मजबूत किया। उनके अनुसार इस अनुभव ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उनकी तैयारी को पुख्ता किया है।
इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (IIS) की सेल्वा के करियर में क्या भूमिका रही?
IIS ने सेल्वा को ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस, रिकवरी और सर्वांगीण विकास में सहयोग दिया। सेल्वा के अनुसार, IIS के भरोसे की वजह से ही वे हर दिन खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर सके।
CWG 2026 में सेल्वा प्रभु का लक्ष्य क्या है?
सेल्वा का लक्ष्य अपना पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करना और आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करना है। उनका कहना है कि अगर वे अपने जंप सही तरीके से कर पाए तो अच्छा नतीजा लाना संभव है, और देश का नाम रोशन करना उनकी प्राथमिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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