8 जुलाई 2026
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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लॉन्च: योगी बोले — स्वास्थ्य की चिंता सरकार करेगी, शिक्षा पर ध्यान दें शिक्षक

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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लॉन्च: योगी बोले — स्वास्थ्य की चिंता सरकार करेगी, शिक्षा पर ध्यान दें शिक्षक

सारांश

योगी सरकार ने वाराणसी से उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया — ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा योजना, SBI के साथ सामाजिक सुरक्षा समझौता, और छात्रों के लिए ₹1,320 करोड़ का DBT। इस तरह की व्यापक व्यवस्था लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन रहा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया।
शिक्षकों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी; लाभार्थियों में शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइए और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के कार्मिक भी शामिल।
बेसिक शिक्षा परिषद के छात्रों के लिए ₹1,320 करोड़ DBT के माध्यम से हस्तांतरित; प्रति छात्र ₹1,200 यूनिफॉर्म व सामग्री हेतु।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ समझौते के तहत अस्थायी शिक्षकों को भी जोखिम कवर सहित सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे।
इस प्रकार की व्यापक व्यवस्था लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी के पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के शिक्षकों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षकों से आह्वान किया कि सरकार ने उनके स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा ली है, अब उनका दायित्व है कि वे नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें।

योजना में किसे मिलेगा लाभ

यह योजना केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पात्र कार्मिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस प्रकार योजना का दायरा शिक्षा तंत्र के सबसे निचले स्तर तक फैला है, जिससे उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हजारों कर्मचारी सीधे लाभान्वित होंगे।

इसके अतिरिक्त, सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ एक सामाजिक सुरक्षा समझौता भी किया है, जिसके तहत अस्थायी शिक्षकों को भी जोखिम कवर सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार इस प्रकार की व्यापक व्यवस्था लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन रहा है।

छात्रों के लिए ₹1,320 करोड़ का DBT हस्तांतरण

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों के लिए ₹1,320 करोड़ की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की। प्रत्येक छात्र को ₹1,200 उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था हो सके। यह कदम सरकारी स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में एक व्यावहारिक प्रयास माना जा रहा है।

शिक्षा सुधार और 'निपुण भारत' का संदर्भ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'निपुण भारत' अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) भारतीय परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं का समन्वय है और इसी के अनुरूप प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।

गौरतलब है कि एक समय उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था निहित स्वार्थों के कारण गंभीर रूप से प्रभावित थी और राज्य 'बीमारू' राज्यों की पहचान से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले नौ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं, जिससे प्रदेश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और शिक्षकों को भी समाज में सम्मानजनक पहचान मिली है।

शिक्षकों से अपेक्षाएँ और प्रेरणा का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने शिक्षकों से कुछ नहीं मांगा है — केवल यह अपेक्षा है कि वे बच्चों की पढ़ाई, विद्यालयों की स्वच्छता, अनुशासन और समग्र विकास पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने आचार्य चाणक्य, महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान शिक्षकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। योगी ने कहा — 'सशक्त शिक्षक ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।'

यह योजना ऐसे समय में आई है जब देशभर में सरकारी शिक्षकों के स्वास्थ्य लाभ और सामाजिक सुरक्षा को लेकर लंबे समय से माँग उठती रही है। उत्तर प्रदेश का यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक नीतिगत संदर्भ बिंदु बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनकी सामाजिक सुरक्षा को संबोधित करना सरकार की छवि के लिए लाभकारी है। लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी: क्या सूचीबद्ध अस्पतालों का नेटवर्क ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पर्याप्त है जहाँ अधिकांश लाभार्थी शिक्षक तैनात हैं? शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को शामिल करना सराहनीय है, किंतु उनकी पात्रता की शर्तें और दावा-निपटान की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं की गई है। ₹1,320 करोड़ का DBT हस्तांतरण तत्काल दिखने वाला कदम है, परंतु इसका वास्तविक असर तब दिखेगा जब यह सुनिश्चित हो कि राशि सही लाभार्थियों तक पहुँची और खर्च शिक्षा सामग्री पर ही हुई।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से लॉन्च किया। इसके तहत प्रदेश के शिक्षकों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
इस योजना का लाभ किन-किन को मिलेगा?
नियमित शिक्षकों के अलावा शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइए और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पात्र कार्मिक भी इस योजना के दायरे में आएंगे। SBI के साथ समझौते के तहत अस्थायी शिक्षकों को भी जोखिम कवर सहित सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद के छात्रों के लिए क्या घोषणा की गई?
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों के लिए ₹1,320 करोड़ की धनराशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की। प्रत्येक छात्र को ₹1,200 यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए दिए जा रहे हैं।
क्या उत्तर प्रदेश इस तरह की योजना लागू करने वाला पहला राज्य है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, इस प्रकार की व्यापक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन रहा है। इसमें कैशलेस चिकित्सा के साथ-साथ SBI के माध्यम से अस्थायी शिक्षकों को जोखिम कवर भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से क्या अपेक्षाएँ जताईं?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा ली है, अब शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों की पढ़ाई, विद्यालयों की स्वच्छता और अनुशासन पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने चाणक्य, मालवीय और डॉ. राधाकृष्णन से प्रेरणा लेने का भी आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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