डॉ. एस. जयशंकर ने मॉरीशस के राष्ट्रपति से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर की चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- जयशंकर ने राष्ट्रपति गोखूल को भारत का संदेश पहुँचाया।
- दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
- पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार विमर्श हुआ।
पोर्ट लुईस, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल से संवाद किया और भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश एवं शुभकामनाएं पहुंचाईं।
जयशंकर ने कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच गहरे मित्रता और साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा को दर्शाती है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया कि भारत और मॉरीशस के बीच मित्रता की गर्माहट और सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्री ने मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ से भी मिलकर भारत-मॉरीशस संबंधों के प्रति उनके समर्थन की सराहना की।
गुरुवार को, जयशंकर ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच विकास सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, तकनीक, समुद्री सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर बात की।
जयशंकर ने भारत-मॉरीशस संबंधों को व्यापक और मजबूत बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष में कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसके साथ ही, पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके प्रभावों पर भी चर्चा की गई।
विदेश मंत्री 9-10 अप्रैल तक मॉरीशस के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वे 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भी भाग लेंगे। इसके बाद, 11 अप्रैल से वे संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर जाएंगे, जहां दो देशों के बीच की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विचार होगा।