राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के आरोपों को बताया झूठा, संसद में पंजाब के मुद्दे उठाए
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के आरोपों को खारिज किया।
- उन्होंने पंजाब के मुद्दों को संसद में उठाने की बात की।
- उनका कहना है कि उनके हस्तक्षेप आधिकारिक रिकॉर्ड में हैं।
- मुख्य मुद्दों में भूजल, किसानों की समस्याएं, और वित्तीय अन्याय शामिल हैं।
- उन्होंने धार्मिक मुद्दों पर भी अपनी सक्रियता दिखाई।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा के सदस्य राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। पार्टी ने उन पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने संसद में पंजाब से संबंधित मुद्दों को नहीं उठाया। चड्ढा ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह से गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
रविवार को जारी एक विस्तृत बयान में राघव चड्ढा ने कहा, "मैं इन निराधार और दुर्भावनापूर्ण आरोपों को सख्ती से अस्वीकार करता हूं कि मैंने संसद में पंजाब के मुद्दों को नहीं उठाया। मेरा पूरा रिकॉर्ड इसका विपरीत साबित करता है।" उन्होंने कहा कि उनके सभी हस्तक्षेप आधिकारिक रिकॉर्ड में मौजूद हैं और कोई भी नागरिक उन्हें देख सकता है।
पंजाब के लंबित फंड के बारे में बताते हुए चड्ढा ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा 31 जुलाई 2024 को स्पष्ट रूप से उठाया था। वह खासतौर पर ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) के बकाया और राज्य के साथ हो रहे वित्तीय अन्याय की बात की।
राघव चड्ढा ने यह भी दावा किया कि उन्होंने संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है। इनमें भूजल का तेजी से घटता स्तर, किसानों की समस्याएं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से संबंधित प्रश्न, बढ़ती खेती की लागत और फसल विविधीकरण की आवश्यकता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संघीय ढांचे, औद्योगिक पुनरुद्धार, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे की कमी और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।
उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के विषयों पर अपनी सक्रियता का भी उल्लेख किया। राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के विस्तार और ननकाना साहिब तक बेहतर तीर्थ यात्रा सुविधाओं की मांग भी उठाई है। उनके अनुसार, ये गंभीर और दर्ज हस्तक्षेप हैं, न कि केवल दिखावे के प्रयास।
उन्होंने कहा, "सांसद के रूप में मेरी भूमिका शोर-शराबा या दिखावटी नाराजगी दिखाना नहीं रही है। मैं संसद में प्रभाव डालने आया हूं, हंगामा करने नहीं।" चड्ढा ने इसे अपने खिलाफ एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान कहा। उन्होंने स्पष्ट किया, "कोई भी बदनाम करने की कोशिश मेरी आवाज को दबा नहीं सकती। सच और तथ्य ही अंत में जीतेंगे।"
यह पूरा मामला आम आदमी पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को दर्शाता है, जहां राघव चड्ढा लगातार अपनी कार्यशैली को लेकर सफाई देते हुए पंजाब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहे हैं।