क्या रवि किशन ने 'टीवी एक्टर्स को नजरअंदाज' करने वाली धारणा को नकारा? स्मृति ईरानी का उदाहरण दिया
सारांश
Key Takeaways
- रवि किशन ने टीवी कलाकारों के लिए नई संभावनाओं की बात की।
- स्मृति ईरानी का उदाहरण दर्शाता है कि टीवी कलाकार भी ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं।
- सरकार ने छोटे रोल करने वाले कलाकारों की मदद के लिए एक बिल पेश किया है।
- टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में मेहनत करने वाले कलाकारों को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
- मनोरंजन जगत के कलाकारों को समाज का अहम हिस्सा माना जाना चाहिए।
मुंबई, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध टीवी शो 'भाभीजी घर पर हैं' ने दर्शकों के बीच एक विशेष स्थान बना लिया है। इस शो के किरदारों, डायलॉग्स और हल्की कॉमेडी ने हर आयु वर्ग को आकर्षित किया है। अब इस चर्चित शो को बड़े पर्दे पर लाने की योजना बनाई जा रही है।
जल्द ही 'भाभीजी घर पर हैं' नाम से एक फिल्म रिलीज होने वाली है, जिसमें प्रसिद्ध अभिनेता और सांसद रवि किशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे।
फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रवि किशन ने न केवल फिल्म के बारे में अपनी राय रखी, बल्कि टीवी कलाकारों को मिलने वाले सम्मान और उनके भविष्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की।
जब मीडिया ने उनसे सवाल किया कि आज भी टीवी कलाकारों को उतना सम्मान और पहचान क्यों नहीं मिलती जितना कि बॉलीवुड या अन्य उद्योगों के कलाकारों को, तो रवि किशन ने स्मृति ईरानी का नाम उदाहरण के तौर पर लिया।
उन्होंने कहा, "स्मृति ईरानी एक समय पर टीवी की प्रमुख अभिनेत्री थीं और उन्होंने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जैसे सुपरहिट शो में काम किया। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और आज वह देश की महत्वपूर्ण नेता हैं। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बड़ा अवसर दिया और वह आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक प्रमुख मंत्री हैं। यह साबित करता है कि टीवी कलाकारों को अगर सही मौका मिले, तो वे ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा, "सिर्फ स्मृति ईरानी ही नहीं, बल्कि कई टीवी कलाकार हैं जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाया और राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते। कुछ टीवी कलाकार सांसद बने, कुछ विधायक बने। टीवी इंडस्ट्री से आने वाले कलाकारों के लिए आगे बढ़ने के रास्ते कभी बंद नहीं हुए हैं। मेहनत और सही अवसर मिलने पर टीवी कलाकार भी हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।"
रवि किशन ने बताया, "टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में कई कलाकार ऐसे हैं, जो छोटे-छोटे रोल करते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में रहते हैं। इन्हीं कलाकारों के लिए संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य उनकी मदद करना है।"
उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से सरकार से मांग की गई है कि उन कलाकारों के लिए पेंशन योजना लाई जाए जो जीवन भर छोटे रोल करते रहे हैं और बुढ़ापे में उनके पास आय का कोई साधन नहीं होता।
उन्होंने आगे कहा, "कई बार ऐसे कलाकारों के पास रहने के लिए घर तक नहीं होता, इसलिए उन्हें जमीन या मकान देने जैसी योजनाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में ऐसे कई कलाकार होते हैं जिन्हें कभी-कभी सिर्फ एक डायलॉग बोलने का मौका मिलता है। काम खत्म होने के बाद उनके सामने रोजगार और पैसे की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसे कलाकारों के लिए उन्होंने संसद में आवाज उठाई है।
रवि किशन के अनुसार, यह बिल संसद में पेश हो चुका है और आने वाले समय में इस पर चर्चा होगी। अगर यह बिल पास होता है, तो हजारों कलाकारों को इससे सीधा लाभ हो सकता है।
उन्होंने कहा, "मनोरंजन जगत के ये कलाकार भी समाज का अहम हिस्सा हैं और दर्शकों के मनोरंजन के लिए अपनी जिंदगी लगा देते हैं। इसलिए सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए।"
फिल्म के बारे में रवि किशन ने कहा कि 'भाभीजी घर पर हैं' के जरिए दर्शकों को हंसी और मनोरंजन मिलने वाला है, जबकि रवि किशन की यह पहल टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है।