बिहार दिवस पर खेसारी लाल ने बिहारी भाषा के लिए संवैधानिक दर्जा मांगा, सोशल मीडिया पर छाया

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बिहार दिवस पर खेसारी लाल ने बिहारी भाषा के लिए संवैधानिक दर्जा मांगा, सोशल मीडिया पर छाया

सारांश

बिहार के 114वें स्थापना दिवस पर खेसारी लाल यादव ने बिहारी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग की है। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्य बातें

बिहार दिवस पर खेसारी लाल का पोस्ट वायरल हुआ।
बिहारी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग की गई।
बिहारियों को गर्व करने के लिए प्रेरित किया गया।
राजनीति में बिहारी पहचान के मुद्दे पर सवाल उठाए गए।
सोशल मीडिया पर समर्थन की लहर देखी गई।

पटना, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार आज अपना 114वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस खास अवसर पर भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने बिहार दिवस की बधाई देते हुए बिहारी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग उठाई है। उनके इस पोस्ट को यूजर्स ने पसंद किया है और बिहार के विकास के लिए एकजुटता की अपील की है।

बिहार दिवस के मौके पर खेसारी लाल यादव ने सोशल मीडिया पर विस्तार से लिखा कि बिहारियों को भारत की ताकत समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले विदेशों में बिहारियों का होना मजबूरी थी, लेकिन अब वे एक ताकत बन चुके हैं और हर बिहारी को अपने पर गर्व महसूस करना चाहिए।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "दुनिया के हर कोने में बिहारी फैले हुए हैं, जो पहले मजबूरी हो सकती थी, अब वह ताकत होनी चाहिए। बिहार और बिहारियों की ब्रांडिंग होनी चाहिए। आज की दुनिया कॉस्मेटिक हो चुकी है, जबकि हम बिहारी इसे ढोंग मानते हैं।"

अभिनेता ने बिहार की राजनीति पर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि राजनेता बिहारियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने आगे लिखा, "मीडिया अब बिहार को एक्सपेरिमेंट का केंद्र बना चुका है। राजनेताओं को बिहारी का ईगो जगाकर संसद और विधानसभा तक जाना है, लेकिन जब बात बिहारी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की होती है, तो सब बहाने बनाते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर हम बिहारी हैं तो गर्व करें, अंदर और बाहर दोनों से। यदि हम एकजुट रहेंगे, तो वह दिन दूर नहीं, जब हर नॉन-बिहारी भी बिहार दिवस की शुभकामनाएं गर्व से देगा और बिहार के योगदान को दुनिया के सामने रखेगा।" खेसारी के इस पोस्ट को यूजर्स का भी पूरा समर्थन मिल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीति में बिहारी समुदाय की भूमिका पर भी सवाल उठाता है। यह मुद्दा सामाजिक एकजुटता और पहचान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार दिवस कब मनाया जाता है?
बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है।
खेसारी लाल यादव ने किस मुद्दे पर बात की?
उन्होंने बिहारी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग की है।
बिहार के विकास के लिए क्या जरूरत है?
बिहार के विकास के लिए एकजुटता और सही ब्रांडिंग की आवश्यकता है।
क्या खेसारी लाल के पोस्ट का लोगों पर प्रभाव पड़ा है?
हां, उनके पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिल रहा है।
बिहारी समुदाय की पहचान को कैसे सशक्त किया जा सकता है?
बिहारी समुदाय की पहचान को सशक्त करने के लिए गर्व और एकजुटता की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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