क्या सच बोलने वाला राजनीति में ऊँचाई तक पहुँच सकता है?: खेसारी लाल यादव
सारांश
Key Takeaways
- सच बोलने से राजनीति में मुश्किलें आती हैं।
- बिहार की जनता को बदलाव की आवश्यकता है।
- राजनीति में ईमानदारी दुर्लभ है।
- खेसारी लाल यादव ने अपने बच्चों के भविष्य पर जोर दिया।
- जनता की सोच ही बिहार के भविष्य का निर्धारण करती है।
पटना, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भोजपुरी के प्रसिद्ध गायक खेसारी लाल यादव को लगता है कि उन्हें राजनीति से मोहभंग हो गया है। उन्होंने शनिवार को यहाँ कहा कि सच बोलने वाला राजनीति में बहुत ऊँचाई तक नहीं पहुँच सकता। इस सच को उजागर करने से समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपनी हार के कारणों पर कहा कि यह तो पूरा बिहार जानता है। चुनावी परिस्थितियाँ ऐसी होती हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं एक कलाकार हूँ और राजनीति हमारे लिए सही नहीं है। यहाँ सच बोलने से परेशानी होती है। सच बोलने वाला राजनीति में आगे नहीं बढ़ सकता। यहाँ झूठे वादे करना आवश्यक है। अगर आप यह कर सकते हैं, तभी राजनीति में आइए। लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करें।"
उन्होंने आगे कहा कि हम अपने जीवन में हमेशा ईमानदारी के साथ चले हैं। हमने जिम्मेदारी निभाई है। यही कारण है कि हम यहाँ तक पहुँचे हैं। विधानसभा चुनाव में हार के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि बिहार की जनता को बदलाव नहीं चाहिए, तो कोई नेता या पार्टी कुछ नहीं कर सकती। मुझे लगता है कि इसकी जिम्मेदारी जनता को खुद उठानी पड़ेगी। जनता को अगर बेहतर बिहार चाहिए, तो यह उनकी सोच पर निर्भर करता है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं बेहतर कर रहा हूँ। अपने बच्चों के भविष्य के लिए मैं अच्छे तरीके से प्रयास कर रहा हूँ। यदि बिहार के लोग भी अपने बच्चों के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो उन्हें बेहतर विकल्प चुनने होंगे। यदि वे यही सरकार मानते हैं, तो यह उनका चुनाव है। इसके लिए न मैं दोषी हूँ, न कोई सरकार। यह बिहार के लोगों को सोचने की बात है।"
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव में खेसारी लाल यादव छपरा से चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।