जीतू पटवारी का BJP सरकार पर हमला: सरसों तेल 20%, अरहर दाल ₹140/किलो — रसोई बजट चरमराया
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 20 अगस्त 2026 को भोपाल में केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उनके अनुसार खाद्य तेलों से लेकर दालों तक, हर ज़रूरी चीज़ की कीमत आसमान छू रही है, जबकि सरकार नियंत्रण में विफल साबित हो रही है।
खाद्य तेल और दालों में कितनी बढ़ोतरी
पटवारी ने दावा किया कि सोयाबीन तेल के दाम में लगभग 12 प्रतिशत, मूंगफली तेल में 10 प्रतिशत और सरसों तेल में करीब 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि तुअर-अरहर दाल की कीमत ₹140 प्रति किलो तक पहुँच गई है। चीनी और दूध के दाम भी बढ़े हैं — दूध में ₹2 से ₹3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी का उल्लेख उन्होंने किया।
पटवारी ने सवाल उठाया कि जब किसान को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, तो वही उत्पाद मिल और बाज़ार में इतना महंगा क्यों बिक रहा है। उनके अनुसार यह स्थिति सरकार की कृषि और बाज़ार प्रबंधन नीति में गहरे विरोधाभास को उजागर करती है।
किसानों को उचित मूल्य नहीं, बोनस के वादे भी अधूरे
पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों को बोनस देने के जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर उपभोक्ता महंगे दामों पर खाद्य सामग्री खरीदने को मजबूर है, वहीं दूसरी ओर किसान को उसकी फसल और दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उनके अनुसार यह स्थिति सरकार की कृषि नीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
शराबबंदी के दावों पर सवाल, जहरीली शराब का संदर्भ
मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री के दावों पर भी पटवारी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक नगरों में शराबबंदी की बात करती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर शराब की उपलब्धता और अवैध कारोबार को लेकर शिकायतें लगातार सामने आती हैं। गुजरात में कथित तौर पर जहरीली शराब से हुई मौतों का संदर्भ देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश से अवैध और जहरीली शराब की आपूर्ति की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं।
पटवारी ने प्रदेश में शराब की कथित होम डिलीवरी को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला और माँग की कि सरकार स्पष्ट करे कि अवैध शराब कारोबार और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
शिक्षा व्यवस्था पर श्वेत पत्र की माँग
पटवारी ने मध्य प्रदेश की स्कूली और उच्च शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से श्वेत पत्र जारी करने की माँग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा राजनीति से ऊपर का विषय है और सरकार को विपक्ष तथा समाज के सभी वर्गों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा की वास्तविक स्थिति सामने रखनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पटवारी की यह प्रेस वार्ता आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस को और तेज़ कर सकती है।