14 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राजद सांसद मनोज झा का तंज: 'गाना बनाने वाले महापुरुष अब कहाँ हैं?'

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राजद सांसद मनोज झा का तंज: 'गाना बनाने वाले महापुरुष अब कहाँ हैं?'

सारांश

राजद सांसद मनोज झा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर मौन बैठे नेताओं पर तीखा कटाक्ष किया — 'जिन्होंने गाना बनाया था, वे अब कहाँ हैं?' साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया एसओपी का समर्थन किया, अमेरिका की विदेश नीति को 'माफिया जैसा' बताया और यूएन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

राजद सांसद मनोज झा ने 14 जुलाई को पटना में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चुप्पी साधे नेताओं पर तंज कसा।
झा ने कहा कि एक संगठित गिरोह ने यह वारदात की और मंदिर का 'बेजा इस्तेमाल' हुआ।
उन्होंने केंद्र सरकार के सोशल मीडिया एसओपी निर्देश का स्वागत किया; 20 से अधिक सांसद पहले भी यह मुद्दा संसद में उठा चुके हैं।
अमेरिका की विदेश नीति को 'माफिया जैसी' बताया और गाजा में बच्चियों के स्कूल पर बमबारी की घटना का उल्लेख किया।
संयुक्त राष्ट्र को या तो बंद करने या उसे अधिक शक्ति देने की वकालत की।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने मंगलवार, 14 जुलाई को पटना में पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी और उन नेताओं पर निशाना साधा जो इस विवाद पर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर को लेकर गाने तक बनाए थे, वे अब इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे।

राम मंदिर मामले पर तंज

मनोज झा ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की इस वारदात को एक संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है और इन लोगों ने मंदिर का 'बेजा इस्तेमाल' किया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'मैं उन महापुरुषों को ढूंढ रहा हूं जिनकी जुबां से अब तक एक लफ्ज नहीं निकला — वही लोग जिन्होंने राम मंदिर को लेकर बाकायदा गाना तक बनाया था। आखिर ये लोग कहाँ छुप गए हैं।' राजद सांसद का यह बयान स्पष्ट रूप से उन राजनीतिक दलों और नेताओं पर कटाक्ष था जो मंदिर निर्माण के समय मुखर थे, लेकिन चढ़ावा चोरी के मामले में मौन हैं।

सोशल मीडिया एसओपी पर समर्थन

झा ने केंद्र सरकार के उस निर्देश का स्वागत किया जिसमें सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह कदम न केवल उचित है, बल्कि आवश्यक भी है। चाइल्ड एब्यूज के मामलों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि इससे पहले वे स्वयं सहित 20 से अधिक सांसदों ने इस मुद्दे को संसद में उठाया था, और सरकार की ओर से ठोस कदम उठाने का आश्वासन भी मिला था। उनके अनुसार, यदि सोशल मीडिया के लिए एक ठोस एसओपी अभी नहीं बनाई गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो सकती है।

अमेरिका-ईरान तनाव पर प्रतिक्रिया

अमेरिका और ईरान के बीच बनी युद्ध जैसी स्थिति पर राजद सांसद ने कहा कि इस पूरे मामले में अमेरिका का रवैया निराशाजनक रहा है। उनके अनुसार, 'नई दुनिया को गढ़ने की दिशा में अमेरिका का रवैया एक माफिया की तरह बनता जा रहा है।' उन्होंने गाजा की स्थिति और अमेरिका तथा इज़राइल द्वारा बच्चियों के स्कूल को बम से उड़ाने की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि इन सभी मुद्दों को अलग-अलग नज़रिए से देखने की ज़रूरत नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र की कार्यशैली पर सवाल

झा ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की कार्यशैली पर भी निराशा व्यक्त की। उनका कहना था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए या तो यूएन को बंद कर देना चाहिए, अथवा विभिन्न देशों को उसे पर्याप्त शक्ति प्रदान करनी चाहिए ताकि वह गलत को गलत कहने में सक्षम हो सके। यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर यूएन की प्रभावशीलता पर बहस तेज़ हो रही है।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला हाल के हफ्तों में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। मनोज झा का यह बयान विपक्षी दलों की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें सत्तारूढ़ खेमे को मंदिर प्रबंधन में कथित लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर और बहस होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एसओपी बाल सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर लागू करने योग्य होगी या महज कागज़ी खानापूर्ति।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज झा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर क्या कहा?
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि एक संगठित गिरोह ने यह वारदात की है और मंदिर का बेजा इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने राम मंदिर को लेकर गाने बनाए थे, वे इस मुद्दे पर अब एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
सोशल मीडिया एसओपी पर मनोज झा का क्या रुख है?
मनोज झा ने केंद्र सरकार के सोशल मीडिया एसओपी निर्देश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चाइल्ड एब्यूज जैसे गंभीर मामलों को देखते हुए यह कदम आवश्यक है और वे स्वयं सहित 20 से अधिक सांसद इस मुद्दे को संसद में पहले ही उठा चुके हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव पर मनोज झा की क्या राय है?
झा ने अमेरिका की विदेश नीति को 'माफिया जैसी' बताते हुए निराशा जताई। उन्होंने गाजा की स्थिति और बच्चियों के स्कूल पर बमबारी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी मुद्दों को अलग नज़रिए से देखने की ज़रूरत नहीं है।
मनोज झा ने संयुक्त राष्ट्र के बारे में क्या कहा?
झा ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए या तो संयुक्त राष्ट्र को बंद कर देना चाहिए, या विभिन्न देशों को उसे पर्याप्त शक्ति देनी चाहिए ताकि वह गलत को गलत कह सके।
मनोज झा कौन हैं और वे किस पार्टी से हैं?
मनोज झा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद हैं। वे बिहार से राज्यसभा सदस्य हैं और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रूप से बोलने के लिए जाने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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