राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ओपी राजभर बोले — 'कोई दोषी नहीं बचेगा', 8 गिरफ्तार, SIT जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने 2 जुलाई को लखनऊ में स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पहले ही सख्त कार्रवाई का निर्देश दे चुके हैं, अब तक 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और विशेष जांच दल (SIT) मामले की पड़ताल कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
राजभर ने कहा कि सरकार ने इस मामले में तत्परता से कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'जो भी संदिग्ध हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए — कोई दोषी बचना नहीं चाहिए।' SIT का गठन हो चुका है और जांच पूरी गति से चल रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यदि कोई दोषी छूट गया तो उसका ठीकरा भी सरकार पर ही फूटेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया और 'वीबी जी राम जी' योजना
राजभर ने केंद्र की 'वीबी जी राम जी' रोजगार योजना का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब पहले के 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। यदि किसी व्यक्ति को 15 दिन के भीतर काम नहीं मिलता, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा — बशर्ते वह ग्राम प्रधान को लिखित आवेदन दे।
उन्होंने यह भी बताया कि खेती के मुख्य मौसम में यह योजना जानबूझकर बंद रखी गई है, ताकि श्रमिक किसानों की मदद कर सकें। राजभर ने कहा कि जो लोग इस योजना का विरोध कर रहे हैं, वे इसकी बारीकियों से अनजान हैं — ठीक वैसे ही जैसे कभी मंडल आयोग और सीएए-एनआरसी का विरोध हुआ था।
अखिलेश यादव और 'इंडिया' गठबंधन पर तंज
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि वह 'डबल तैयारी' की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें खुद पता है कि 2027 में उनकी सरकार नहीं आने वाली और उन्हें फिर लंदन लौटना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सपा एक क्षेत्रीय दल है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस/INC) एक राष्ट्रीय पार्टी है जो सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
राम मंदिर विवाद पर सपा के रुख को लेकर राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने सरकार के हर काम का विरोध करना अपना लक्ष्य बना लिया है, जबकि वह भी चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। उन्होंने कहा कि इसके लिए उचित जांच जरूरी है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर टिप्पणी
भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों को लिखे गए पत्र के संदर्भ में राजभर ने कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है और सभी के साथ अमन-चैन से रहने की कोशिश करता है।
आगे क्या होगा
SIT की जांच जारी है और सरकार के अनुसार सभी संदिग्धों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है — खासकर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए।