'वंदे मातरम' विवाद: सोनिया-राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज, वकील शुभ शर्मा बोले — 'राष्ट्रगीत का अपमान बर्दाश्त नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 17 अगस्त 2026 को वकील शुभ शर्मा ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ 'वंदे मातरम' से जुड़े एक कथित विवाद को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। शर्मा के अनुसार, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में सामने आए एक वीडियो में सोनिया गांधी का आचरण राष्ट्रगीत के प्रति अनादरपूर्ण प्रतीत हुआ, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
मुख्य घटनाक्रम
वकील शुभ शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' बजते समय एक वीडियो सामने आया। उनके अनुसार, इस वीडियो में सोनिया गांधी ऐसे इशारे करती दिखीं, जिससे यह आभास हुआ कि वे राष्ट्रगीत को रोकने या उस पर आपत्ति जताने की कोशिश कर रही थीं। शर्मा ने कहा, 'राष्ट्रगीत सुनते या बजते समय वह असहज भी लग रही थीं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि एक अन्य वीडियो में राहुल गांधी यह कहते नज़र आ रहे हैं कि वे यह गीत नहीं गाएंगे, हालांकि उसके बाद की एक अगली क्लिप में यह गीत गाया जाता दिखता है।
दिल्ली पुलिस की जांच
शुभ शर्मा ने बताया कि उनकी शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस को वीडियो दिखाया गया तो अधिकारियों को भी यह मामला जांच योग्य लगा। शर्मा ने स्पष्ट किया कि संबंधित वीडियो म्यूटेड है, जिससे जांच की प्रक्रिया में कुछ जटिलताएं हो सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब 'वंदे मातरम' पर संसद में भी व्यापक चर्चा हो चुकी है — जहाँ कई सांसदों ने इसका समर्थन किया और कुछ ने विरोध।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
शुभ शर्मा के अनुसार, इस मामले पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों की ओर से बयान सामने आ रहे हैं। शर्मा ने ज़ोर देकर कहा, 'वंदे मातरम का किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है; यह राष्ट्रगीत है।' उन्होंने कहा कि यह गीत आज़ादी से पहले से ही स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रहा है और इस पर किसी भी तरह का लांछन स्वीकार्य नहीं है।
वकील का पक्ष
शर्मा ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि 'हर भारतीय के दिल की भावनाओं का प्रतीक' है। उनका तर्क है कि यदि राष्ट्रगीत का अपमान होता है तो कानूनी कार्रवाई पूरी तरह उचित है। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में उठा है जब स्वतंत्रता दिवस के तुरंत बाद राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर संवेदनशीलता चरम पर होती है।
आगे क्या
दिल्ली पुलिस की जांच जारी है और वीडियो के म्यूटेड होने के कारण तथ्यों की पुष्टि अभी बाकी है। कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पुलिस की जांच रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करेगी। राजनीतिक हलकों में यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।