17 अगस्त 2026
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वंदे मातरम विवाद: खड़गे, सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत, FIR की मांग

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वंदे मातरम विवाद: खड़गे, सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत, FIR की मांग

सारांश

15 अगस्त को AICC मुख्यालय में वंदे मातरम गायन के दौरान कथित बाधा का मामला अब पुलिस तक पहुँच गया है। मुंबई BJP सचिव अखिलेश चौबे ने खड़गे, सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ दिंडोशी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। ओडिशा और बेंगलुरु में भी शिकायतें दर्ज हुई हैं।

मुख्य बातें

मुंबई BJP सचिव एवं अधिवक्ता अखिलेश चौबे ने 17 अगस्त 2026 को दिंडोशी पुलिस स्टेशन, मुंबई में शिकायत दर्ज कराई।
आरोप: 15 अगस्त को AICC मुख्यालय, इंदिरा भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम गायन में कथित बाधा।
कथित वीडियो फुटेज में राहुल गांधी को 'हम वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं' कहते सुना गया — शिकायत के अनुसार।
शिकायत में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और 2018 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला।
इसी मामले में ओडिशा और बेंगलुरु में भी अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं।
पुलिस से FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जाँच की माँग की गई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ 17 अगस्त 2026 को मुंबई के दिंडोशी पुलिस स्टेशन, मलाड ईस्ट में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत 15 अगस्त को AICC मुख्यालय, इंदिरा भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम के गायन में कथित तौर पर बाधा डालने के आरोपों पर आधारित है।

शिकायत की पृष्ठभूमि

मुंबई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सचिव एवं अधिवक्ता अखिलेश चौबे ने दिंडोशी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र लिखकर यह शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि समारोह के दौरान सोनिया गांधी ने ऐसे इशारे किए जिनसे वंदे मातरम के गायन पर आपत्ति का संकेत मिलता था। कथित तौर पर विवाद तब बढ़ा जब गायकों ने राष्ट्रीय गीत के उन छंदों का गायन आरंभ किया जिनमें हिंदू धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है।

राहुल गांधी का कथित बयान

शिकायत में एक कथित वीडियो फुटेज का हवाला दिया गया है जिसमें राहुल गांधी को कथित तौर पर यह कहते सुना गया है कि 'हम वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं।' शिकायतकर्ताओं ने माँग की है कि दोनों नेताओं के कथित हावभाव, उनकी मंशा और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक प्रकृति की जाँच किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा निष्पक्ष, तटस्थ और समयबद्ध तरीके से की जाए।

कांग्रेस का पक्ष

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि वंदे मातरम के बाद के छंदों में हिंदू धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है, जिससे अन्य धर्मों के अनुयायियों की भावनाएँ आहत हो सकती हैं। गौरतलब है कि वंदे मातरम को लेकर यह बहस नई नहीं है — स्वतंत्रता संग्राम के दौर से ही इसके कुछ छंदों पर धार्मिक आधार पर आपत्तियाँ उठती रही हैं।

कानूनी आधार और संदर्भ

शिकायत में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 का हवाला दिया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रगान के साथ-साथ राष्ट्रीय गीत को भी दंडात्मक संरक्षण देने का प्रयास किया गया है — जिसमें जानबूझकर गायन रोकने या सभा में अशांति फैलाने पर तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान बताया गया है। शिकायतकर्ताओं ने 2018 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का भी संदर्भ दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा और बेंगलुरु में भी इसी मामले से जुड़ी अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस से माँग की गई है कि वह वंदे मातरम अधिनियम की प्रयोज्यता और कानूनी स्थिति का परीक्षण करे तथा जाँच के बाद FIR दर्ज करे। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर आगे चलने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर तनाव पहले से ही चरम पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसे सार्वजनिक मंच पर इस तरह प्रस्तुत करना राजनीतिक जोखिम को बढ़ाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि वंदे मातरम के छंदों पर आपत्ति की परंपरा स्वयं कांग्रेस के भीतर दशकों पुरानी है — यह नई घटना नहीं, बल्कि एक पुराने अनसुलझे विवाद का नया राजनीतिक उपयोग है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम विवाद में मुंबई पुलिस में शिकायत किसने और क्यों दर्ज कराई?
मुंबई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सचिव एवं अधिवक्ता अखिलेश चौबे ने 17 अगस्त 2026 को दिंडोशी पुलिस स्टेशन में यह शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि 15 अगस्त को AICC मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं ने वंदे मातरम गायन में कथित तौर पर बाधा डाली।
कांग्रेस नेताओं पर वंदे मातरम गायन रोकने का आरोप क्या है?
शिकायत के अनुसार, सोनिया गांधी ने ऐसे इशारे किए जिनसे गायन पर आपत्ति का संकेत मिला, और एक कथित वीडियो में राहुल गांधी को 'हम वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं' कहते सुना गया। कांग्रेस का पक्ष है कि बाद के छंदों में हिंदू धार्मिक प्रतीक हैं जो अन्य धर्मों के अनुयायियों की भावनाएँ आहत कर सकते हैं।
शिकायत में किस कानून का हवाला दिया गया है?
शिकायत में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 का उल्लेख किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने पर तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके साथ 2018 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का भी संदर्भ दिया गया है।
क्या इस मामले में FIR दर्ज हो गई है?
अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से वंदे मातरम अधिनियम की कानूनी स्थिति का परीक्षण करने और निष्पक्ष जाँच के बाद FIR दर्ज करने की माँग की है।
क्या यह शिकायत सिर्फ मुंबई तक सीमित है?
नहीं, इसी मामले से जुड़ी अलग शिकायतें ओडिशा और बेंगलुरु में भी दर्ज की गई हैं, जो इस विवाद के राष्ट्रीय स्तर पर फैलने का संकेत देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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