वंदे मातरम् विवाद: खरगे बोले — गांधी-वाजपेयी ने भी यही गाया, उन पर भी केस दर्ज करें
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार, 19 अगस्त को पणजी में पत्रकारों से बातचीत में वंदे मातरम् विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में दर्ज शिकायत को आधार बनाते हुए खरगे ने कहा कि यदि वंदे मातरम् का पुराना संस्करण गाना अपराध है, तो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
खरगे का सीधा सवाल
खरगे ने कहा, 'वे क्या शिकायत करेंगे? हमने वही वंदे मातरम् गाया, जो महात्मा गांधी ने गाया था। हमने वही गाया जो जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। पिछले 18 वर्षों से हम वही गाते आए हैं, जो उन्होंने गाया था। यहां तक कि वाजपेयी सरकार के दौरान भी यही वंदे मातरम् गाया गया था।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर यह अपराध है, तो पिछले 18 वर्षों से वे भी यही अपराध कर रहे हैं। अगर यही अपराध है, तो महात्मा गांधी के खिलाफ केस दर्ज करें। अगर यही अपराध है, तो नेहरू के खिलाफ केस दर्ज करें।' यह बयान उन्होंने स्पष्ट रूप से उन आलोचकों को संबोधित करते हुए दिया जिन्होंने 15 अगस्त के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी।
विवाद की जड़: स्वतंत्रता दिवस समारोह
यह विवाद शनिवार, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उभरा। कांग्रेस की ओर से पहले यह घोषणा की गई थी कि राष्ट्रगीत की केवल पहली दो पंक्तियाँ गाई जाएंगी, परंतु कार्यक्रम के दौरान गायन पूरे संस्करण तक जारी रहा।
रिपोर्टों के अनुसार, सोनिया गांधी ने सबसे पहले यह ध्यान दिया कि गायक पूरा संस्करण गा रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर खरगे की ओर इशारा किया और बाद में गायकों से रुकने के लिए कहा। इससे पहले खरगे ने ही पार्टी मुख्यालय में तिरंगा फहराया था।
पुलिस शिकायत और कानूनी दाँव-पेच
सोमवार को दिल्ली पुलिस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को कथित तौर पर बाधित करने के प्रयास को लेकर एफआईआर दर्ज करने की माँग की गई है।
खरगे ने इस शिकायत को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीतों को लेकर उस समय प्रस्ताव पारित किया था, 'जब आज उनके आलोचक भी पैदा नहीं हुए थे।' उन्होंने यह भी सवाल किया कि भविष्य में कोई दूसरी सरकार आने पर क्या वह भी इसी तरह नियम तय करेगी।
फंडिंग विवाद पर भी निशाना
खरगे ने वंदे मातरम् मुद्दे के साथ-साथ शैक्षणिक व अन्य संस्थाओं की वित्तीय सहायता रोकने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि फंडिंग रोकना उचित नहीं है और यदि कोई गलती हुई है तो उसे सुधारा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'अगर कोई गलती है तो उसे सुधारिए। जेल में रखिए। फंडिंग रोकने के बजाय, अगर किसी को सबसे ज्यादा फंडिंग मिल रही है तो वह आरएसएस को ही मिल रही है।' खरगे ने स्पष्ट किया कि कुछ मुद्दों पर कांग्रेस स्वयं कदम उठा सकती है, जबकि कुछ मामलों में अन्य दलों को विश्वास में लेना होगा।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस अभी तक शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दे चुकी है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले पर कांग्रेस की आधिकारिक कानूनी प्रतिक्रिया और पुलिस का रुख निर्णायक होगा।