राम मंदिर चंदा विवाद: बाबूलाल मरांडी बोले — योगी की ईमानदारी पर शक न करें, SIT जाँच सही कदम
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 6 जुलाई 2026 को देवघर में कहा कि राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदारी पर किसी को संदेह नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं अयोध्या जाकर स्पष्ट किया कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा और SIT का गठन कर मामले को गंभीरता से लिया गया है।
राम मंदिर विवाद पर मरांडी का बचाव
मरांडी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने अयोध्या जाकर कहा कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा। SIT का गठन भी कर दिया गया है — सबको उन पर भरोसा करना चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सरकार पर लगातार हमलावर हैं।
झारखंड सरकार पर तीखा हमला
मरांडी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े छह वर्षों में राज्य में कोयला, बालू और जमीन की लूट बेरोकटोक जारी है। उनके अनुसार, सरकार इतने समय में बालू घाटों की नीलामी तक नहीं करवा सकी, जबकि अवैध खनन से अर्जित धन सीधे सत्ता के करीबी लोगों के पास पहुँच रहा है।
उन्होंने कहा, 'समझ ही नहीं आता कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार है या माफियाओं की सरकार। पत्थर खदानों का भी यही हाल है — राज्य में चारों तरफ लूट मची हुई है।'
जमशेदपुर हत्याकांड पर CBI जाँच की माँग
मरांडी ने जमशेदपुर में हुई एक हत्या का मामला भी उठाया, जिसमें कथित तौर पर अपराधियों ने पुलिस की गाड़ी से व्यक्ति को निकालकर पुलिसकर्मियों के सामने ही उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों पर FIR होनी चाहिए थी, लेकिन अब वही पुलिस जाँच कर रही है। उन्होंने इस मामले की CBI जाँच की माँग की।
रघुबर दास का भी सरकार पर प्रहार
इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता रघुबर दास ने भी झारखंड सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाली और निवेश की संभावनाओं पर गंभीर सवाल उठाए। दास ने कहा, 'यहाँ मंत्री और अधिकारी आपस में लड़ रहे हैं। इस सरकार में न तो नीति है और न ही नियत। झारखंड की वर्तमान सरकार गरीब जनता के पैसों पर मौज-मस्ती कर रही है।'
राजनीतिक संदर्भ
राम मंदिर चंदा विवाद अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा — यह राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है। गौरतलब है कि SIT गठन के बाद भी विपक्ष की आलोचना थमी नहीं है। मरांडी का यह बयान BJP की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें जाँच प्रक्रिया को पारदर्शिता का प्रमाण बताकर विपक्षी आरोपों को निष्प्रभावी करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट और झारखंड में खनन विवाद पर सियासत और तेज होने की संभावना है।