4 सितंबर 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अवधेश प्रसाद की चेतावनी — आरोपियों को बचाया तो 2027 में होगी BJP की विदाई

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अवधेश प्रसाद की चेतावनी — आरोपियों को बचाया तो 2027 में होगी BJP की विदाई

सारांश

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम को 'बेमानी' बताते हुए चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सरकारी संरक्षण देने पर BJP को 2027 में सत्ता से बाहर होने की चेतावनी दी। यह बयान उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में एक नई तल्खी का संकेत है।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 4 सितंबर 2026 को लखनऊ में राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम को 'बेमानी' करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीम के सभी सदस्यों पर चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोप पहले से लगे हैं।
प्रसाद ने चेतावनी दी कि आरोपियों को बचाने पर BJP सरकार की 2027 में विदाई तय होगी।
सीएम योगी के 'राम-कृष्ण वंशज' वाले बयान पर कहा — असली मुद्दे बेरोज़गारी, महँगाई और पेपर लीक हैं।
अखिलेश यादव पर जनता का विश्वास बढ़ रहा है — सपा सांसद का दावा।

समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने 4 सितंबर 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम, चढ़ावा चोरी के आरोपों और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि राज्य सरकार ने चढ़ावा चोरी के आरोपियों को बचाने की कोशिश की, तो इसकी कीमत उसे सत्ता गँवाकर चुकानी होगी।

राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम पर सवाल

राम मंदिर ट्रस्ट में नए सीईओ की नियुक्ति के बाद नई टीम के ऐलान की तैयारी के बीच सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'इस नई टीम का कोई मतलब नहीं बनता, क्योंकि इसमें सभी पुराने लोग ही शामिल हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि टीम में शामिल सभी सदस्यों पर चढ़ावा चोरी जैसे गंभीर आरोप पहले से लगे हुए हैं।

प्रसाद ने कहा, 'यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। जब-जब धर्म की हानि होती है, तो कोई न कोई शक्ति जरूर अवतरित होती है।' उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों ने जो काम किया है, उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

सरकार को सीधी चेतावनी

सपा सांसद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 'अगर सरकार इन लोगों को बचाने की कोशिश करेगी, तो सरकार भी जाएगी।' उन्होंने दावा किया कि 2027 में भाजपा की सरकार पूरी तरह पराजित होगी और इस विदाई की शुरुआत उसी साल से हो जाएगी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, जिसे लेकर सभी प्रमुख दलों की राजनीतिक सक्रियता बढ़ती जा रही है।

सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि 'हम भगवान राम और कृष्ण के वंशज हैं, इसलिए आपकी भावनाएँ समझते हैं, लेकिन बाबर के अनुयायी नहीं समझ सकते' — अवधेश प्रसाद ने कहा कि जैसे-जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव नज़दीक आएगा, इन नेताओं की बेचैनी बढ़ती जाएगी।

उन्होंने कहा कि 'सीएम योगी को बेरोज़गारी, महँगाई, दलित उत्पीड़न और पेपर लीक जैसे असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार इस दिशा में काम करती नज़र नहीं आ रही।' उनके अनुसार, मुख्यमंत्री अपनी पहचान बनाए रखने के लिए इस तरह की टिप्पणियाँ कर रहे हैं।

अन्य राजनीतिक मुद्दों पर रुख

संजय निषाद के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने आकाश आनंद के संदर्भ में कहा था कि उनका उनकी पार्टी में स्वागत है — अवधेश प्रसाद ने कहा कि 'आज की तारीख में ऐसे लोगों का कोई वजूद नहीं रह गया है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना मैं अपने स्तर के विरुद्ध मानता हूँ।'

पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की सवर्ण आयोग बनाने की माँग पर भी उन्होंने कहा कि इस तरह की माँग का कोई मतलब नहीं है। साथ ही, उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए इसे भाईचारे के त्योहार का प्रतीक बताया।

समाजवादी पार्टी पर बढ़ता जनविश्वास

अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सर्वोपरि है और उसके हितों से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता का विश्वास समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगातार बढ़ रहा है। 2027 के चुनाव नज़दीक आते ही यह राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चढ़ावा चोरी के आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं, इसलिए इन्हें 'कथित' ही माना जाना चाहिए। जो बात मुख्यधारा की कवरेज छोड़ देती है, वह यह है कि सपा स्वयं अयोध्या सीट जीतकर इस धार्मिक-राजनीतिक समीकरण में नई ताकत के रूप में उभरी है — और प्रसाद का यह बयान उसी स्थिति को भुनाने का प्रयास है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम पर क्या कहा?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इसमें वही पुराने लोग शामिल हैं जिन पर चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने इसे करोड़ों लोगों की आस्था से खिलवाड़ बताया।
अवधेश प्रसाद ने BJP को 2027 में विदाई की चेतावनी क्यों दी?
प्रसाद ने कहा कि यदि राज्य सरकार चढ़ावा चोरी के आरोपियों को बचाने की कोशिश करती है, तो जनता उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर कर देगी। उनके अनुसार 2027 में भाजपा की पूर्ण पराजय तय है।
सीएम योगी के किस बयान पर अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 'हम राम और कृष्ण के वंशज हैं इसलिए भावनाएँ समझते हैं, बाबर के अनुयायी नहीं समझ सकते।' इस पर प्रसाद ने कहा कि सीएम को बेरोज़गारी, महँगाई और पेपर लीक जैसे असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
क्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोप साबित हुए हैं?
अभी तक ये आरोप न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं। अवधेश प्रसाद ने इन्हें 'कथित' आरोप बताते हुए माँग की है कि आरोपियों को किसी भी सूरत में संरक्षण न दिया जाए।
अवधेश प्रसाद ने अखिलेश यादव के बारे में क्या कहा?
सपा सांसद ने दावा किया कि देश और प्रदेश की जनता का विश्वास समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सर्वोपरि है और उसके हितों से समझौता नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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