राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: भाजपा सांसद त्रिवेदी ने सपा पर साधा निशाना, '1992 में कारसेवकों पर गोली चलाने वाले' का दिलाया हवाला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) पर अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे का 'राजनीतिकरण' करने का आरोप लगाते हुए तीखा पलटवार किया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सपा के वे ही नेता अब मंदिर की चिंता जता रहे हैं, जिन्होंने 1992 में कारसेवकों पर गोली चलाई थी।
भाजपा का पलटवार: 'राजनीति नहीं, बेईमानी'
संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि के मुद्दे पर सपा जिस तरह की राजनीति करने की कोशिश कर रही है, वह 'बेहद निंदनीय' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को 'पूरी संवेदनशीलता और सावधानी' के साथ संभाल रही है और मामला सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार निपटाया जा रहा है।
त्रिवेदी ने कहा, 'मैं उन लोगों को याद दिलाना चाहता हूँ जो अभी भी इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं कि ये वही लोग हैं जो कहते थे कि अयोध्या और भगवान राम का कभी कोई अस्तित्व ही नहीं था... ये वही लोग हैं जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलाई थी।'
ऐतिहासिक संदर्भ और आरोपों की राजनीति
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि जिन लोगों ने 'अयोध्या का अपमान किया और सरयू नदी को राम भक्तों के खून से लाल कर दिया', वे आज चढ़ावा चोरी को लेकर 'परेशान' होने का दिखावा कर रहे हैं। उनके अनुसार, सपा का असली एजेंडा 'हिंदू सनातन धर्म को पूरी तरह खत्म करना' है। त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि सपा के सदस्यों ने कुछ वर्ष पहले श्री रामचरितमानस की प्रतियाँ फाड़ी थीं और अब वे भगवान राम के भक्त होने का 'दिखावा' कर रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। गौरतलब है कि मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर यह पहली बार नहीं है जब संसद में तीखी नोकझोंक हुई हो।
सपा का पक्ष: 'चोरी नहीं, डकैती है'
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने पार्टी के आरोपों को दोहराते हुए कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की 'बड़े पैमाने पर चोरी' हुई है। उन्होंने कहा, 'असल में, मंदिर निर्माण के शुरुआती दौर से ही चढ़ावा चोरी किया जा रहा है। यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि डकैती है। BJP और RSS के सदस्यों ने उन करोड़ों भक्तों को लूटा है जिनकी भगवान राम में आस्था है।' हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सरकार और न्यायालय की भूमिका
भाजपा के अनुसार, चढ़ावा चोरी का यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत देखा जा रहा है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जाँच प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चलाई जा रही है। विपक्ष की माँग है कि मामले की स्वतंत्र जाँच हो और ट्रस्ट के खातों का ऑडिट सार्वजनिक किया जाए।
आगे क्या होगा
यह विवाद संसद के मौजूदा सत्र में राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला मुद्दा बन गया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहने की संभावना है। न्यायालय की अगली सुनवाई और ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।