30 जुलाई 2026
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पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो का MOU: 'इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो' अभियान से भारत बनेगा वैश्विक पर्यटन केंद्र

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पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो का MOU: 'इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो' अभियान से भारत बनेगा वैश्विक पर्यटन केंद्र

सारांश

पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो की यह साझेदारी सिर्फ एक MOU नहीं — यह सरकारी ब्रांड और निजी एयरलाइन नेटवर्क के मेल से भारत की वैश्विक पर्यटन छवि को नया आयाम देने की कोशिश है। 'इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो' अभियान डिजिटल से लेकर इन-फ्लाइट तक हर मंच पर भारत की विरासत और विविधता को दुनिया के सामने रखेगा।

मुख्य बातें

पर्यटन मंत्रालय और इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) ने 30 जुलाई 2026 को MOU पर हस्ताक्षर किए।
साझेदारी गैर-विशिष्ट और गैर-वित्तीय आधार पर, शुरुआती तौर पर दो वर्षों के लिए।
'इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो' नाम से वैश्विक संचार अभियान चलाया जाएगा।
अभियान में डिजिटल, प्रिंट, एयरपोर्ट ब्रांडिंग, इन-फ्लाइट प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल प्रदर्शनियाँ शामिल होंगी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सचिव भुवनेश कुमार की उपस्थिति में MOU का आदान-प्रदान हुआ।

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने 30 जुलाई 2026 को देश की अग्रणी एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। यह रणनीतिक साझेदारी गैर-विशिष्ट और गैर-वित्तीय आधार पर की गई है तथा शुरुआती तौर पर दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेगी।

समझौते का विवरण और उपस्थित गणमान्य

इस MOU का आदान-प्रदान केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और इंडिगो के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

शेखावत ने कहा कि यह साझेदारी मंत्रालय के प्रमुख 'इन्क्रेडिबल इंडिया' ब्रांड और इंडिगो के व्यापक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को एकजुट करके भारत के पर्यटन प्रचार को नई ऊर्जा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी साझेदारियाँ भारत के पर्यटन संदेश को दुनिया के अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने में सहायक होंगी।

'इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो' अभियान क्या है

समझौते के तहत पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो मिलकर 'इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो' नाम से एक वैश्विक संचार अभियान चलाएंगे। इस अभियान के ज़रिए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक स्थल, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

आधिकारिक बयान के अनुसार, इंडिगो विभिन्न पर्यटन स्थलों पर केंद्रित कंटेंट तैयार करेगा और अपने ग्राहक संपर्क प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत के पर्यटन संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करेगा।

प्रचार के माध्यम और दायरा

इस अभियान का प्रसार डिजिटल और प्रिंट मीडिया, एयरपोर्ट ब्रांडिंग, इन-फ्लाइट प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल प्रदर्शनियों और अन्य प्रचार माध्यमों के ज़रिए किया जाएगा। पर्यटन मंत्रालय 'इन्क्रेडिबल इंडिया' ब्रांड से जुड़ी प्रचार सामग्री उपलब्ध कराएगा और संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय भी करेगा।

गौरतलब है कि दोनों पक्ष विशेष डेस्टिनेशन कैंपेन और आपसी सहमति से तय अन्य गतिविधियों में भी संयुक्त रूप से भाग लेंगे, ताकि देश और विदेश के प्रमुख बाज़ारों में भारत की पर्यटन अपील को और अधिक मज़बूत किया जा सके।

आम जनता और पर्यटन क्षेत्र पर असर

यह साझेदारी ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और पर्यटन को GDP में अधिक योगदान देने वाले क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दे रही है। इंडिगो के व्यापक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का उपयोग करने से भारत के पर्यटन संदेश की पहुँच उन बाज़ारों तक संभव होगी जहाँ पारंपरिक सरकारी प्रचार की सीमाएँ हैं।

आगे की राह

यह MOU शुरुआती तौर पर दो वर्षों के लिए लागू रहेगा। मंत्रालय का कहना है कि यह साझेदारी विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। अभियान के पहले चरण की रूपरेखा और लक्षित बाज़ारों की सूची जल्द जारी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दशकों से चला आ रहा है, इंडिगो के व्यावसायिक हितों के साथ तालमेल में कितना प्रभावी रह पाता है। गैर-वित्तीय साझेदारी होने के कारण दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता और जवाबदेही का ढाँचा स्पष्ट नहीं है — यह एक महत्वपूर्ण सवाल है जिसका जवाब अभियान की सफलता तय करेगा। विदेशी पर्यटकों की संख्या और पर्यटन राजस्व में मापनीय वृद्धि के बिना, यह साझेदारी भी पिछले कई 'इन्क्रेडिबल इंडिया' पुनर्प्रक्षेपणों की तरह सुर्खियों तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो' अभियान क्या है?
यह पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो की संयुक्त वैश्विक संचार पहल है, जिसके तहत भारत की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक स्थल, वेलनेस, एडवेंचर और वन्यजीव पर्यटन को डिजिटल, इन-फ्लाइट और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रचारित किया जाएगा। यह अभियान 30 जुलाई 2026 को हस्ताक्षरित MOU के तहत शुरू होगा।
पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो के बीच MOU कब और किसकी उपस्थिति में हुआ?
यह MOU 30 जुलाई 2026 को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार और इंडिगो के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
यह साझेदारी कितने समय के लिए है और इसकी वित्तीय शर्तें क्या हैं?
यह MOU शुरुआती तौर पर दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। यह साझेदारी गैर-विशिष्ट और गैर-वित्तीय आधार पर की गई है, अर्थात इसमें किसी भी पक्ष द्वारा धनराशि का आदान-प्रदान नहीं होगा।
इस अभियान में इंडिगो और पर्यटन मंत्रालय की क्या-क्या भूमिकाएँ होंगी?
पर्यटन मंत्रालय 'इन्क्रेडिबल इंडिया' ब्रांड से जुड़ी प्रचार सामग्री उपलब्ध कराएगा और संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय करेगा। इंडिगो पर्यटन स्थलों पर केंद्रित कंटेंट तैयार करेगा और अपने ग्राहक संपर्क प्लेटफॉर्म के ज़रिए इसे व्यापक स्तर पर प्रसारित करेगा।
इस MOU से भारत के पर्यटन क्षेत्र को क्या फायदा होगा?
इस साझेदारी से भारत के पर्यटन संदेश की पहुँच इंडिगो के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के ज़रिए उन बाज़ारों तक होगी जहाँ पारंपरिक सरकारी प्रचार सीमित रहा है। मंत्रालय का लक्ष्य विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाना और भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मज़बूत पहचान दिलाना है।
राष्ट्र प्रेस
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