एनएचएआई का टोल प्लाजा पर वर्ल्ड-क्लास टॉयलेट सुविधाओं का देशव्यापी अभियान, IoT से होगी रियल-टाइम निगरानी
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने देशभर के टोल प्लाजा पर यात्रियों के लिए वर्ल्ड-क्लास सार्वजनिक शौचालय सुविधाएं विकसित करने की एक व्यापक पहल शुरू की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 30 जुलाई 2026 को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत मौजूदा शौचालय ब्लॉकों का नवीनीकरण और नई सुविधाओं का निर्माण दोनों शामिल हैं। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर सार्वजनिक स्वच्छता के मानकों को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
योजना में क्या शामिल है
मंत्रालय के बयान के अनुसार, एनएचएआई स्टैंडर्डाइज्ड और स्वदेशी डिज़ाइन अपनाएगा जिनमें मज़बूत संरचनात्मक विशेषताओं के साथ-साथ सस्टेनेबल और ग्रीन बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का समावेश होगा। इस पहल का मूल ढाँचा 'इनोवेटिव परफॉर्मेंस-बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट्स फ्रेमवर्क' पर आधारित है, जो सफाई, कार्यक्षमता और दीर्घकालिक रखरखाव के उच्च मानकों को सुनिश्चित करेगा।
सभी नई सुविधाओं में स्वच्छ जलापूर्ति, आधुनिक सैनिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत स्वच्छता मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। महिला यात्रियों की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए विशेष प्रबंध भी किए जाएंगे।
तकनीक से होगी निगरानी
एनएचएआई ने रखरखाव के लिए एक तकनीक-आधारित फ्रेमवर्क अपनाया है। इसके तहत IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) आधारित लाइव टेलीमेट्री सिस्टम के ज़रिए रखरखाव से जुड़े मापदंडों की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी खराबी को समय रहते ठीक करना और सेवा की निरंतर गुणवत्ता बनाए रखना संभव होगा।
जवाबदेही तय करने के लिए परफॉर्मेंस-लिंक्ड पेमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। रखरखाव एजेंसियों का मूल्यांकन ऑटोमेटेड सर्विस लेवल एग्रीमेंट्स, समय-समय पर होने वाले स्वतंत्र ऑडिट और एनएचएआई के 'राजमार्गयात्रा' मोबाइल ऐप के ज़रिए यात्रियों से मिले सत्यापित फीडबैक के आधार पर किया जाएगा।
दिव्यांगजनों के लिए सार्वभौमिक पहुँच
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप, सभी नई सुविधाओं में यूनिवर्सल एक्सेसिबिलिटी फीचर्स अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि दिव्यांग यात्रियों को इन सुविधाओं का लाभ उठाने में किसी प्रकार की बाधा न आए।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्री यातायात लगातार बढ़ रहा है और सार्वजनिक शौचालयों की दशा को लेकर यात्रियों की शिकायतें भी आम रही हैं। डिजिटल निगरानी और नतीजों पर आधारित रखरखाव मॉडल के साथ, एनएचएआई का लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर सार्वजनिक सुविधाओं के लिए नए बेंचमार्क स्थापित करना है।