क्या एनएचएआई और नेशनल टेस्ट हाउस के बीच एमओयू से हाईवे निर्माण में गुणवत्ता में सुधार होगा?
सारांश
Key Takeaways
- गुणवत्ता परीक्षण में सुधार के लिए थर्ड-पार्टी टेस्टिंग।
- सड़क सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा।
- एनटीएच द्वारा तकनीकी सलाह और मूल्यांकन।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से क्षमता निर्माण।
- गुणवत्ता आश्वासन में वृद्धि।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नेशनल टेस्ट हाउस (एनटीएच) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसका उद्देश्य नेशनल हाईवे के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। एनटीएच, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख गुणवत्ता परीक्षण संस्थान है।
इस एमओयू पर एनएचएआई के सदस्य (प्रोजेक्ट्स) विपनेश शर्मा और एनटीएच के महानिदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ा भी उपस्थित थे। यह समझौता नई दिल्ली स्थित एनएचएआई के मुख्यालय में किया गया।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य नेशनल हाईवे परियोजनाओं में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री, कंपोनेंट्स और सिस्टम की स्वतंत्र थर्ड-पार्टी टेस्टिंग कराना है। इससे गुणवत्ता नियंत्रण और आश्वासन की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। एनटीएच सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सामग्री की जांच और प्रमाणन में सहायता करेगा। इससे सभी परियोजनाओं में एकरूपता और मानकीकरण बना रहेगा।
समझौते के तहत, एनटीएच एनएचएआई के मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और परियोजना इकाइयों को जटिल मामलों में विशेषज्ञ परीक्षण, मूल्यांकन और तकनीकी सलाह प्रदान करेगा। यह सहयोग सड़क सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने वाली एनएचएआई की मौजूदा पहलों को भी मजबूती प्रदान करेगा। खास तौर पर सड़क प्रकाश व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, यह साझेदारी एनएचएआई अधिकारियों और संबंधित पक्षों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। सामग्री परीक्षण, गुणवत्ता आश्वासन, और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा, जिससे क्षमता निर्माण होगा। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और तकनीकी रूप से सक्षम संस्थान के साथ जुड़कर एनएचएआई का गुणवत्ता फ्रेमवर्क और मजबूत बनेगा। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।