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एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9 राज्यों के 1,692.5 किमी राजमार्गों का मुद्रीकरण के लिए चयन किया

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एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9 राज्यों के 1,692.5 किमी राजमार्गों का मुद्रीकरण के लिए चयन किया

सारांश

एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नौ राज्यों के 1,692.5 किमी राजमार्गों को टीओटी और इनविट्स माध्यमों से मुद्रीकरण हेतु चुना है। यह केंद्र की संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य संचालित परिसंपत्तियों से पूंजी जुटाकर नए बुनियादी ढाँचे को वित्तपोषित करना है।

मुख्य बातें

एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,692.5 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का मुद्रीकरण हेतु चयन किया।
चयनित खंड 9 राज्यों — हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र — में स्थित हैं।
मुद्रीकरण टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट्स) फ्रेमवर्क के तहत होगा।
राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरआईआईटी) के तहत प्रस्तावित संपत्तियाँ इस सूची में शामिल नहीं हैं।
यह पहल केंद्र सरकार की राष्ट्रीय संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति का हिस्सा है, जो नई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने पर केंद्रित है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान मुद्रीकरण के लिए नौ राज्यों में फैले 1,692.5 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों का चयन किया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 28 मार्च 2026 को यह जानकारी साझा की। यह चयन भारत सरकार की व्यापक संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति के अंतर्गत किया गया है, जिसका उद्देश्य संचालित राजमार्ग संपत्तियों से पूंजी जुटाकर नए बुनियादी ढाँचे के निर्माण को गति देना है।

कौन-से राज्य और कितनी लंबाई

मंत्रालय के बयान के अनुसार, चयनित 1,692.5 किलोमीटर के राजमार्ग खंड हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में स्थित हैं। ये खंड आर्थिक और लॉजिस्टिक्स दृष्टि से महत्वपूर्ण गलियारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहाँ यातायात की पर्याप्त संभावना है और जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत अहम हैं।

मुद्रीकरण के माध्यम: टीओटी और इनविट्स

यह मुद्रीकरण टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट्स) फ्रेमवर्क के तहत पारदर्शी एवं व्यवस्थित तंत्रों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। गौरतलब है कि इन दोनों फ्रेमवर्क ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में दीर्घकालिक संस्थागत निवेश आकर्षित करने में पहले भी सफलता दिखाई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस सूची में वे संपत्तियाँ शामिल नहीं हैं, जिनका मुद्रीकरण राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरआईआईटी) के माध्यम से प्रस्तावित है।

संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति से जुड़ाव

यह पहल केंद्र सरकार की राष्ट्रीय संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति का अभिन्न हिस्सा है। इस रणनीति के तीन मुख्य लक्ष्य हैं — पहले से संचालित राजमार्ग परिसंपत्तियों का लाभ उठाकर नई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाना, निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहन देना, और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार एवं आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज़ करना। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार बुनियादी ढाँचे पर पूंजीगत व्यय बढ़ाने के साथ-साथ राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के दोहरे दबाव में है।

निवेशकों को क्या फायदा

मंत्रालय के अनुसार, इस अग्रिम चयन और सार्वजनिक घोषणा से निवेशकों एवं बोलीदाताओं को अपनी निवेश योजना अधिक कुशलता से बनाने में मदद मिलेगी। टीओटी और इनविट्स मॉडल परिसंपत्ति के कुशल परिचालन प्रबंधन को सुनिश्चित करते हुए सतत बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए नवीन वित्तपोषण तंत्र भी उपलब्ध कराते हैं। आगामी महीनों में विस्तृत बोली प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा निष्पादन में है — पिछले टीओटी दौरों में बोली प्रक्रिया में देरी और निवेशकों की सीमित रुचि सामने आई थी। यह घोषणा निवेशकों को अग्रिम दृश्यता देने की कोशिश है, जो सही दिशा में कदम है, पर पर्याप्त नहीं। सरकार को यह भी स्पष्ट करना होगा कि आरआईआईटी और इनविट्स के बीच परिसंपत्तियों का बँटवारा किस आधार पर हुआ, अन्यथा दोनों माध्यम एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते दिखेंगे और संस्थागत निवेशकों में भ्रम की स्थिति बन सकती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएचएआई ने किन राज्यों के राजमार्गों का मुद्रीकरण के लिए चयन किया है?
एनएचएआई ने हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र — कुल नौ राज्यों — के राजमार्ग खंडों का चयन किया है। इन सभी खंडों की संयुक्त लंबाई 1,692.5 किलोमीटर है।
टीओटी और इनविट्स मुद्रीकरण माध्यम क्या हैं?
टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) में निजी कंपनियाँ एकमुश्त राशि देकर एक निश्चित अवधि के लिए राजमार्ग का संचालन और टोल वसूली का अधिकार प्राप्त करती हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट्स) एक ऐसा वित्तीय उपकरण है जो बुनियादी ढाँचा परिसंपत्तियों में संस्थागत और खुदरा निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित करता है।
राजमार्ग मुद्रीकरण से सरकार का क्या उद्देश्य है?
सरकार का उद्देश्य पहले से संचालित राजमार्ग परिसंपत्तियों से पूंजी जुटाकर नई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को वित्तपोषित करना, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार को तेज़ करना है। यह केंद्र सरकार की राष्ट्रीय संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति का हिस्सा है।
आरआईआईटी के तहत प्रस्तावित संपत्तियाँ इस सूची में क्यों नहीं हैं?
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जिन राजमार्ग संपत्तियों का मुद्रीकरण राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरआईआईटी) के माध्यम से वित्त वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित है, उन्हें इस टीओटी-इनविट्स सूची से अलग रखा गया है। यह दोनों माध्यमों के बीच स्पष्ट विभाजन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
इस मुद्रीकरण योजना से निवेशकों को क्या लाभ होगा?
अग्रिम चयन सूची जारी करने से निवेशकों और बोलीदाताओं को अपनी निवेश योजना पहले से और अधिक कुशलता से बनाने का अवसर मिलेगा। टीओटी और इनविट्स फ्रेमवर्क के तहत परिसंपत्तियों का कुशल परिचालन प्रबंधन और पारदर्शी बोली प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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