महाकाल महालोक से उज्जैन की अर्थव्यवस्था बदली: मुख्यमंत्री मोहन यादव का दीपावली मिलन में बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 नवंबर 2026 को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित दीपावली मिलन समारोह में कहा कि बाबा महाकाल महालोक के उद्घाटन के बाद उज्जैन की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने राज्य में जारी विकास कार्यों और धार्मिक पर्यटन से जुड़े बदलावों का विस्तृत उल्लेख किया।
महाकाल महालोक और उज्जैन की बदलती आर्थिक तस्वीर
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि महाकाल महालोक के उद्घाटन के बाद उज्जैन में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर वहाँ के व्यापार, रोज़गार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी तर्ज पर ओंकारेश्वर कॉरिडोर, चित्रकूट और ओरछा में रामराजा सरकार के मंदिर का भी कायाकल्प किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास के वाहक के रूप में देखने की नीति केंद्र और कई राज्य सरकारों में प्रचलन में है।
स्वर्णिम काल की परिकल्पना और सामाजिक दायित्व
यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के रामराज्य, भगवान श्रीकृष्ण के काल और विक्रमादित्य के स्वर्णिम युग की परिकल्पना को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, 'स्वर्णिम काल का वास्तविक अर्थ यह है कि हमारी उपलब्धियाँ केवल बधाइयों और उत्सवों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सकारात्मक प्रतिबिंब समाज के हर क्षेत्र में दिखाई दे।' यह बयान राज्य सरकार की उस व्यापक नीतिगत सोच को रेखांकित करता है, जिसमें सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक विकास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में विस्तार
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज स्थापित किए गए हैं। सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के ज़रिये सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही मंडला और बालाघाट में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य जारी है, ताकि राज्य में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल का दीपावली संदेश
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई देते हुए पर्यावरण-अनुकूल उत्सव मनाने और पटाखों से बचने का आह्वान किया। उन्होंने वोकल फॉर लोकल के तहत स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे समाज के वंचित और जरूरतमंद परिवारों के साथ खुशियाँ बाँटें और उनके जीवन में भी दीपावली का उल्लास लाने की पहल करें।
वंचितों के साथ उत्सव: राज्यपाल की अपील
राज्यपाल पटेल ने अपने संदेश में कहा कि जैसे दीप जलाकर घरों का अंधकार दूर किया जाता है, वैसे ही किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला लाने का प्रयास भी होना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को वस्त्र, मिठाई, शिक्षा सामग्री या दैनिक उपयोग की वस्तुएँ उपलब्ध कराएँ। साथ ही, इस पुनीत कार्य में परिजनों, बच्चों और युवाओं को भी शामिल करने की अपील की, ताकि सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार विकसित हों।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक विकास की धुरी बनाने की नीति पर तेज़ी से काम कर रही है, और आने वाले समय में ओंकारेश्वर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इसी मॉडल को लागू करने की योजना है।