दिल्ली प्रदूषण पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत का हमला: 'सरकार के बड़े वादे, ज़मीन पर काम नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 7 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा और कहा कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की गंभीर होती स्थिति के बावजूद सरकार का रवैया 'बेहद लापरवाही भरा' बना हुआ है। उनके अनुसार, सरकार हर बार बड़े वादे करती है लेकिन ठोस कार्रवाई के मामले में पीछे रह जाती है।
प्रदूषण पर सरकार को आड़े हाथों लिया
सुखदेव भगत ने कहा, 'दिल्ली में पिछली बार भी इसी प्रकार की समस्या आई थी। अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स की बात करें, तो सरकार को केवल बातों से नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। पिछली बार भी यह समस्या आई थी और सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन मुझे नहीं लगता कि सरकार इस दिशा में बहुत गंभीर है।'
उन्होंने यह भी कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक, दोनों तरह की नीतियाँ एक साथ लागू होनी चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हर वर्ष AQI खतरनाक स्तर तक पहुँच जाता है और हर वर्ष यही बहस दोहराई जाती है कि जवाबदेही किसकी है।
राहुल गांधी के दिवाली मिलन समारोह पर बोले
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा करीब 15 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित दिवाली मिलन समारोह के बारे में सुखदेव भगत ने कहा कि सभी नेताओं को एक परिवार की तरह आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा, 'हम सब एक कांग्रेस परिवार की तरह हैं। राहुल गांधी ने सभी को परिवार की भावना से बुलाया था और अनौपचारिक तरीके से सब एक-दूसरे से मिले।'
भगत ने कहा कि जब कोई अपने नेता से मिलता है तो एक नई ऊर्जा मिलती है और कल के कार्यक्रम ने यही भावना जागृत की। उन्होंने इसे कांग्रेस की पारिवारिक परंपरा का हिस्सा बताया।
एनसीपी की आंतरिक हलचल पर सधी प्रतिक्रिया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश अध्यक्ष की वरिष्ठ नेता शरद पवार से मुलाकात को लेकर सुखदेव भगत ने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है। उन्होंने पवार को 'बहुत वरिष्ठ और अनुभवी नेता' बताते हुए कहा कि आज भी लोग एनसीपी की बात होने पर सबसे पहले शरद पवार का नाम लेते हैं।
भगत ने कहा, 'अगर दोनों पक्षों में एकजुटता आती है, तो यह एक सुखद संकेत होगा। राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो मतभेद या बिखराव कहीं भी हो, वह अच्छी बात नहीं होती।' साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) हमेशा क्षेत्रीय दलों में फूट डालने की कोशिश करती रही है।
आम जनता पर असर
दिल्ली में AQI का खराब स्तर हर वर्ष लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है — विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाना, वाहन उत्सर्जन और निर्माण धूल मिलकर सर्दियों में स्थिति को और विकट बना देते हैं। सरकार की ओर से हर बार आश्वासन तो मिलते हैं, परंतु ज़मीनी बदलाव की रफ्तार सवालों के घेरे में रहती है।
क्या होगा आगे
विपक्षी दलों का दबाव बढ़ने के साथ यह देखना होगा कि सरकार AQI नियंत्रण के लिए कौन-से नए उपाय अपनाती है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुँचता जा रहा है और नागरिकों में बेचैनी बढ़ रही है।