दिल्ली AQI डेटा में हेराफेरी का आरोप: 'आप' ने जहांगीरपुरी मॉनिटरिंग स्टेशन पर पानी छिड़काव का वीडियो किया जारी
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 3 नवंबर 2026 को दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मॉनिटरिंग स्टेशनों के आसपास कथित तौर पर पानी का छिड़काव कराकर प्रदूषण के वास्तविक आंकड़ों को कम दिखाने की कोशिश की जा रही है। AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आईआईटी जहांगीरपुरी स्थित AQI मॉनिटरिंग स्टेशन का दौरा कर वहाँ पानी छिड़काव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास मशीनों से पानी डालकर धूल के कण दबाए जा रहे हैं, ताकि रीडिंग वास्तविक स्तर से कम दर्ज हो। उनके अनुसार, यदि वास्तविक AQI स्तर 600 है, तो इस प्रक्रिया से उसे 300 तक दिखाया जा सकता है। भारद्वाज ने इसे दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के साथ धोखा करार दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल भी ऐसी ही कथित कार्रवाई की गई थी और हरे-भरे इलाकों में नए मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित कर आंकड़ों को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। भारद्वाज ने इसकी तुलना GDP आंकड़ों में कथित हेराफेरी से करते हुए कहा कि जिस तरह आर्थिक डेटा पर सवाल उठ रहे हैं, उसी तरह प्रदूषण के आंकड़े भी वास्तविकता नहीं दिखाते।
विधायक संजीव झा का बयान
बुराड़ी से AAP विधायक संजीव झा ने भी BJP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहांगीरपुरी स्थित AQI स्टेशन के आसपास मशीनों और टैंकरों से पानी डाला जा रहा है। झा ने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में प्रदूषण नियंत्रित करना चाहती है, तो पानी का छिड़काव सड़कों, निर्माण स्थलों और धूल के मुख्य स्रोतों पर होना चाहिए — केवल मॉनिटरिंग स्टेशन के इर्द-गिर्द नहीं।
झा ने दावा किया कि पानी के छिड़काव के बावजूद जहांगीरपुरी स्टेशन पर AQI 400 से अधिक दर्ज किया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि छिड़काव न होता तो वास्तविक आंकड़े और भी खराब हो सकते थे।
सरकार से सीधे सवाल
विधायक झा ने दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से पूछा कि क्या मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास पानी छिड़कना ही सरकार का प्रदूषण नियंत्रण का तरीका है। उन्होंने BJP सांसद मनोज तिवारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे यमुना के उन स्थानों पर जाते हैं जहाँ पानी पहले से साफ है, लेकिन प्रदूषित हिस्सों से दूरी बनाए रखते हैं।
गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब दिल्ली में प्रतिवर्ष सर्दियों की शुरुआत के साथ AQI का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुँच जाता है और केंद्र तथा राज्य स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
AAP ने घोषणा की है कि वह सरकार की इस कथित गड़बड़ी को जनता के सामने लाती रहेगी और हर मुद्दे पर जवाब माँगेगी। भाजपा सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली में प्रदूषण की समस्या और डेटा की विश्वसनीयता का यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बनने की संभावना है।