पश्चिम एशिया संघर्ष में 23 भारतीयों की मौत, MEA ने 'MSV अल जुसुफी' हमले की कड़ी निंदा की
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में पुष्टि की कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 23 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें 15 भारतीय नाविक (सीफेयरर्स) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, काला सागर (ब्लैक सी) क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों में 5 भारतीय नागरिक मारे गए हैं और 2 अभी भी लापता हैं।
ताज़ा हमला: 'MSV अल जुसुफी' पर हमला
2 नवंबर को ओमान के लीमाह क्षेत्र के निकट व्यावसायिक जहाज 'MSV अल जुसुफी' पर हमला हुआ, जिसमें 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इस हमले में 1 भारतीय नागरिक की मौत चोटों के कारण हुई, जबकि 13 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। ओमान की सरकार की त्वरित कार्रवाई के लिए भारत ने विशेष आभार व्यक्त किया।
जायसवाल ने बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और बचाए गए नागरिकों को तथा मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए समन्वय किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम: बढ़ती मौतों का सिलसिला
जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इससे पहले उन्होंने 22 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि की थी, जिनमें 14 नाविक शामिल थे। 2 नवंबर को हुए ताज़ा हमले के बाद यह संख्या बढ़कर 23 हो गई है और नाविकों की संख्या 15 तक पहुँच गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में बातचीत और संघर्षविराम के प्रयास अभी भी अधर में लटके हुए हैं।
गौरतलब है कि काला सागर क्षेत्र में हुए हमलों में मारे गए 5 भारतीयों के अलावा 2 लापता नागरिकों की स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है।
भारत की प्रतिक्रिया और अपील
विदेश मंत्रालय ने 'MSV अल जुसुफी' पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों और आम नागरिकों से जुड़े ढाँचे को निशाना बनाना तत्काल बंद होना चाहिए। मंत्रालय ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील दोहराई ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता शीघ्र लौट सके।
जायसवाल ने कहा, 'व्यावसायिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल करने की माँग करते हैं।'
आम जनता और नाविकों पर असर
भारत में हज़ारों परिवार अपने सदस्यों को व्यावसायिक जहाजों पर काम के लिए भेजते हैं — देश में करीब 2 लाख से अधिक सक्रिय नाविक हैं जो वैश्विक व्यापार मार्गों पर कार्यरत हैं। पश्चिम एशिया और काला सागर जैसे संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते हमले न केवल जीवन के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर भी दबाव डालते हैं।
क्या होगा आगे
बचाए गए 13 भारतीय नागरिकों की भारत वापसी की प्रक्रिया चल रही है। ओमान में भारतीय दूतावास मृतक के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की व्यवस्था भी कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा।