ओमान तट के पास एमवी केप डाओ पर हमला: एक भारतीय नाविक की मौत, 19 बचाए गए
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि ओमान के पूर्वी तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमवी केप डाओ पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि जहाज पर सवार 19 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई।
हमले का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, एमवी केप डाओ भारत की ओर आ रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। जहाज पर कुल 20 भारतीय नाविक सवार थे। हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि शेष 19 को सुरक्षित बचा लिया गया। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'हम आज ओमान के पूर्वी तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमवी केप डाओ पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर सवार 20 भारतीय नाविकों में से 19 को बचा लिया गया है, जबकि दुखद रूप से एक भारतीय नागरिक की जान चली गई।'
दूतावास की कार्रवाई
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि वह चालक दल की सुरक्षा और स्वदेश वापसी को लेकर ओमान के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। दूतावास ने यह भी बताया कि वह आरपीएसएल के साथ मिलकर काम कर रहा है और मृतक नाविक के परिवार के संपर्क में है। साथ ही एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दूतावास ने शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
विदेश मंत्रालय ने बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार जताया और भारतीय नाविकों की जल्द स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने की बात कही।
10 दिनों में दूसरी बड़ी घटना
गौरतलब है कि यह ओमान तट के पास महज 10 दिनों के भीतर दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले 13 सितंबर को वाणिज्यिक जहाज एमटी एल गैया पर हमला हुआ था, जिसमें 14 भारतीय नाविक सवार थे। उस घटना में 13 को बचाया गया था, जबकि एक भारतीय नाविक लापता हो गया था। तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि पनामा के झंडे वाले उस जहाज पर सवार 14 भारतीयों में से 13 को ओमान के अधिकारियों की मदद से बचाया गया था और लापता नाविक की तलाश में खोज एवं बचाव अभियान जारी था।
सरकार की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक अपील
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। मंत्रालय ने कहा, 'हम तनाव कम करने और क्षेत्र में जल्द शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति की अपनी अपील दोहराते हैं।' मंत्रालय ने यह भी माँग की कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से बिना किसी बाधा के आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
आम जनता और नाविकों पर असर
अरब सागर और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले भारतीय समुद्री मार्ग देश के व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। लगातार हो रहे इन हमलों से न केवल नाविकों की जान खतरे में है, बल्कि शिपिंग बीमा दरें बढ़ने और मालवाहक जहाजों के मार्ग परिवर्तन से आयात-निर्यात लागत में भी बढ़ोतरी हो सकती है। भारत में नाविकों के परिवारों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि भारत इस क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्या कूटनीतिक और सुरक्षा कदम उठाता है।