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एमटी ऑन पीस हमला: घायल भारतीय नाविक खासाब, सोहार और मस्कट में स्वस्थ हो रहे हैं

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एमटी ऑन पीस हमला: घायल भारतीय नाविक खासाब, सोहार और मस्कट में स्वस्थ हो रहे हैं

सारांश

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा-ध्वज जहाज़ एमटी ऑन पीस पर प्रोजेक्टाइल हमले में 11 भारतीय समेत 12 नाविक घायल हुए थे। भारतीय दूतावास ने अब पुष्टि की है कि सभी घायल ओमान के अस्पतालों में स्वस्थ हो रहे हैं। भारत ने क्षेत्र में ऐसे हमलों को रोकने की माँग दोहराई है।

मुख्य बातें

एमटी ऑन पीस पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था।
जहाज़ के 19 चालक दल के सदस्यों में से 17 भारतीय नागरिक थे; 12 घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय शामिल हैं।
भारतीय दूतावास, मस्कट ने 9 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि सभी घायल खासाब, सोहार और मस्कट के अस्पतालों में स्वस्थ हो रहे हैं।
ओमानी अधिकारियों ने समय पर बचाव अभियान चलाया; भारत ने उनके सहयोग के लिए आभार जताया।
विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाज़ों पर हमले तुरंत बंद करने और अंतरराष्ट्रीय नौवहन बहाल करने की माँग की।

ओमान में भारतीय दूतावास ने 9 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि पनामा-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज एमटी ऑन पीस पर हुए हमले में घायल हुए सभी भारतीय चालक दल के सदस्य खासाब, सोहार और मस्कट के अस्पतालों में तेज़ी से स्वस्थ हो रहे हैं। दूतावास ने यह भी बताया कि वह घायल नाविकों के परिजनों, शिपिंग कंपनियों और ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

हमले का विवरण

यह हमला तब हुआ जब एमटी ऑन पीस हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़र रहा था। जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जिसमें कुल 12 चालक दल के सदस्य घायल हुए — इनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। जहाज पर सवार कुल 19 चालक दल के सदस्यों में से 17 भारतीय नागरिक थे, जैसा कि विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में बताया।

ओमान की भूमिका और भारत का आभार

भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'घायल भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालने और उनका इलाज कराने में ओमानी अधिकारियों द्वारा दी गई समय पर मदद की हम सराहना करते हैं।' ओमान के अधिकारियों की सहायता से घायल नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और खासाब स्थित अस्पताल में तत्काल चिकित्सा उपचार शुरू किया गया। भारत ने इस त्वरित सहयोग के लिए ओमान का औपचारिक धन्यवाद किया।

भारत की प्रतिक्रिया और चिंता

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि क्षेत्र में जहाज़ों पर लगातार हो रहे हमले भारत के लिए 'गहरी चिंता का विषय' हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट माँग की कि वाणिज्यिक जहाज़ों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन और व्यापार को 'जल्द से जल्द सामान्य रूप से बहाल किया जाना चाहिए।'

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जिससे होकर दुनिया का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन करता है। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पहले से ही अंतरराष्ट्रीय चिंता का केंद्र बनी हुई है। भारत के हज़ारों नागरिक इस क्षेत्र में नाविकों के रूप में कार्यरत हैं, जिससे ऐसी घटनाएँ देश के लिए सीधी मानवीय और कूटनीतिक चुनौती बन जाती हैं।

आगे की स्थिति

भारतीय दूतावास ने बताया कि वह घायल नाविकों के स्वास्थ्य पर 'करीबी नजर' रखे हुए है और स्थिति की नियमित निगरानी जारी है। जहाज़ की शिपिंग कंपनी और संबंधित परिवारों को भी स्थिति की जानकारी दी जा रही है। अभी तक इस हमले की ज़िम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बड़े समुद्री सुरक्षा संकट की कड़ी है जिसमें भारतीय नाविक बार-बार सबसे आगे रहे हैं। विदेश मंत्रालय की निंदा और ओमान के प्रति आभार कूटनीतिक रूप से सटीक है, लेकिन असली सवाल यह है कि भारत इस क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय ढाँचे में क्या ठोस भूमिका निभा रहा है। भारतीय नौसेना की क्षेत्रीय उपस्थिति और संयुक्त समुद्री गश्त पर मुख्यधारा की कवरेज प्रायः मौन रहती है। जब तक हमलों की ज़िम्मेदारी तय नहीं होती और जवाबदेही का कोई अंतरराष्ट्रीय तंत्र नहीं बनता, भारतीय नाविक इन जलमार्गों पर असुरक्षित बने रहेंगे।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी ऑन पीस पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला ओमान के तट के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रते समय हुआ, जिसकी जानकारी मंगलवार को सामने आई। जहाज़ पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था।
एमटी ऑन पीस पर कितने भारतीय नाविक थे और कितने घायल हुए?
जहाज़ पर कुल 19 चालक दल के सदस्यों में से 17 भारतीय नागरिक थे। हमले में 12 लोग घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय शामिल हैं — यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी।
घायल भारतीय नाविकों का अभी इलाज कहाँ हो रहा है?
भारतीय दूतावास के अनुसार, सभी घायल भारतीय नाविक खासाब, सोहार और मस्कट के अस्पतालों में तेज़ी से स्वस्थ हो रहे हैं। दूतावास उनके परिवारों और अस्पतालों के लगातार संपर्क में है।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया?
विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि क्षेत्र में जहाज़ों पर लगातार हो रहे हमले भारत के लिए गहरी चिंता का विषय हैं। मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाज़ों और नाविकों को निशाना बनाना तुरंत बंद करने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन सामान्य करने की माँग दोहराई।
ओमान ने इस घटना में क्या भूमिका निभाई?
ओमानी अधिकारियों ने घायल नाविकों को समय पर सुरक्षित निकाला और उन्हें चिकित्सा उपचार दिलाया। भारत ने इस सहयोग के लिए ओमान का औपचारिक आभार व्यक्त किया है।
राष्ट्र प्रेस
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