सिंहस्थ कुंभ 2028: CM मोहन यादव बोले — उज्जैन के आयोजन से इंदौर बनेगा पर्यटन का नया केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 अक्टूबर 2026 को इंदौर में एक निजी होटल के शुभारंभ अवसर पर कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ से इंदौर का सामरिक और आर्थिक महत्व और अधिक बढ़ जाएगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और आधुनिक आतिथ्य-सुविधाओं में निवेश इस विकास की रीढ़ बन रहा है।
सिंहस्थ और इंदौर का भौगोलिक सामर्थ्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन के निकट होने के कारण इंदौर में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उनके अनुसार, कॉर्पोरेट बैठकों, व्यापारिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होटलों की भूमिका इस दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।
गौरतलब है कि सिंहस्थ कुंभ हर 12 वर्षों में उज्जैन में आयोजित होता है और इसमें करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। 2016 के सिंहस्थ में अनुमानित 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन पहुँचे थे, जिससे समूचे मालवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिला था।
विकास कार्यों की गति
सीएम यादव ने बताया कि 2028 सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन और उसके आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास कार्य तेज़ गति से चल रहे हैं। होटल, परिवहन और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में किए जा रहे निवेश से न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
नवरात्रि पर विशेष शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर्व के अवसर पर होटल के शुभारंभ को विशेष बताया और कहा कि अहिल्या की नगरी इंदौर को यह नई आतिथ्य सुविधा मिलना सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह होटल पर्यटन, व्यापार और कॉर्पोरेट गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ इंदौर की आधुनिक आतिथ्य क्षमता को और सुदृढ़ करेगा।
उपस्थित जनप्रतिनिधि
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक मधु वर्मा, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा और मयंक राज सिंह भदौरिया सहित वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने इंदौर में पर्यटन अवसंरचना को लेकर राजनीतिक और व्यावसायिक जगत की साझी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
आम जनता पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, सिंहस्थ से पहले इंदौर में होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश बढ़ने से आतिथ्य, परिवहन और खानपान उद्योग में सीधे रोज़गार के अवसर बनेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले दो वर्षों में इंदौर और उज्जैन के बीच बुनियादी ढाँचे का और विस्तार अपेक्षित है।