23 सितंबर 2026
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सिंहस्थ 2028: CM मोहन यादव का ऐलान — 15,000 प्रशिक्षित स्काउट-गाइड स्वयंसेवक करेंगे 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सेवा

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सिंहस्थ 2028: CM मोहन यादव का ऐलान — 15,000 प्रशिक्षित स्काउट-गाइड स्वयंसेवक करेंगे 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सेवा

सारांश

उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ अभी से परवान चढ़ रही हैं। CM मोहन यादव ने 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 15,000 प्रशिक्षित स्काउट-गाइड स्वयंसेवकों और भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर का ऐलान किया — 2016 की तुलना में दोगुनी तैयारी।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 23 सितंबर 2026 को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए भारत स्काउट एंड गाइड के साथ विशेष संगोष्ठी की।
सिंहस्थ-2028 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान; 15,000 से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक 20+ कैंपों से सेवाएँ देंगे।
सिंहस्थ-2016 में 7,500 स्वयंसेवक 10 कैंपों के ज़रिये तैनात थे — इस बार संख्या दोगुनी से अधिक।
आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार होंगे; हर जिले से 500 और उज्जैन संभाग से 1,000 युवाओं को प्रशिक्षण।
भोपाल में अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा; स्वयंसेवकों को सोशल मीडिया अफवाहों से निपटने का भी प्रशिक्षण मिलेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 सितंबर 2026 को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी में घोषणा की कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 में 15,000 से अधिक प्रशिक्षित स्काउट एवं गाइड स्वयंसेवकों को सेवा कार्य में तैनात किया जाएगा। अनुमान है कि 2028 के इस विराट धार्मिक आयोजन में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन पहुँचेंगे।

संगोष्ठी में क्या हुआ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को सिंहस्थ सेवा कार्य-2028 के संदर्भ में संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'सिंहस्थ-2028 विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आस्था का विराट पर्व है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।

स्वयंसेवकों की तैयारी और प्रशिक्षण

यादव ने बताया कि सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के माध्यम से सेवाएँ दी थीं। इस बार यह संख्या दोगुनी से अधिक होगी — 15,000 से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक 20 से अधिक कैंपों के ज़रिये सेवा कार्य संभालेंगे। आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएँगे।

प्रदेश के हर जिले से 500 युवाओं को तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूत के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जो भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और आपात स्थितियों में प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा।

सरकार की प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सिंहस्थ-2028 सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा होगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। गौरतलब है कि आज़ादी के बाद हुए पाँच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं, और इस परंपरा को 2028 में और व्यापक रूप दिया जाएगा।

मंत्री का दृष्टिकोण

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन में तेज़ी से वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यहाँ 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि स्काउट एवं गाइड को सोशल मीडिया और इंटरनेट से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा — जो डिजिटल युग में भीड़ प्रबंधन का एक नया आयाम है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब उज्जैन लगातार देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ अभी से शुरू होना इस बात का संकेत है कि सरकार इस आयोजन को केवल एक मेले के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की संगठन क्षमता की परीक्षा के रूप में देख रही है। आने वाले महीनों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत और ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा भीड़ नियंत्रण के लिए तकनीक, बुनियादी ढाँचे और अंतर-विभागीय समन्वय में होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया अफवाहों से निपटने के लिए प्रशिक्षण की बात पहली बार इस स्तर पर हो रही है — जो डिजिटल युग में भीड़ प्रबंधन की बदलती ज़रूरतों को दर्शाता है। दो साल पहले से तैयारी शुरू होना सकारात्मक है, लेकिन क्रियान्वयन की निगरानी के लिए स्पष्ट समय-सीमा और जवाबदेही तंत्र की माँग स्वाभाविक रूप से उठेगी।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंहस्थ 2028 में कितने स्काउट-गाइड स्वयंसेवक तैनात होंगे?
CM मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सिंहस्थ-2028 में 15,000 से अधिक प्रशिक्षित स्काउट एवं गाइड स्वयंसेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवाएँ देंगे। यह 2016 के सिंहस्थ में तैनात 7,500 स्वयंसेवकों की तुलना में दोगुनी से अधिक संख्या है।
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में कितने श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है?
अनुमान के अनुसार उज्जैन सिंहस्थ-2028 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। इसे विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला बताया जा रहा है और इसी के मद्देनज़र बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की जा रही हैं।
स्काउट-गाइड स्वयंसेवकों को सिंहस्थ के लिए कैसे प्रशिक्षित किया जाएगा?
भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार होंगे, प्रदेश के हर जिले से 500 और उज्जैन संभाग के सभी जिलों से 1,000 युवाओं को सेवादूत के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और सोशल मीडिया अफवाहों से निपटने का प्रशिक्षण भी शामिल होगा।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का ऐलान कब और कहाँ हुआ?
23 सितंबर 2026 को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी में CM मोहन यादव ने यह घोषणा की। संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारी, मास्टर ट्रेनर और स्वयंसेवक उपस्थित थे।
उज्जैन में धार्मिक पर्यटन की मौजूदा स्थिति क्या है?
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन में तेज़ी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2026 में ही यहाँ 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
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