सिंहस्थ 2028: उज्जैन में शिप्रा के 29 किमी क्षेत्र में घाट और एप्रोच रोड निर्माण तेज, CM मोहन यादव कर रहे नियमित समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशन में सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियाँ उज्जैन में पूरी गति से चल रही हैं। शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर के दायरे में नए घाटों का निर्माण जारी है, जिससे विश्व भर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को चौबीसों घंटे स्नान की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और उन्हें सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुँचाया जा सके।
मुख्य घटनाक्रम
हाल ही में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने उज्जैन पहुँचकर तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों का पैदल निरीक्षण किया। अधिकारी दल ने विक्रांत भैरव मंदिर के समीप स्थित पुल से निरीक्षण शुरू कर करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में पैदल भ्रमण किया।
एप्रोच रोड और घाट निर्माण की योजना
अधिकारियों ने उन्हेल रोड ब्रिज के समीप तक शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन नए घाटों को जोड़ने के लिए 18 स्थान एप्रोच रोड हेतु चिन्हित किए हैं। द्वितीय चरण के निरीक्षण में अधिकारियों ने शिप्रा किनारे 36 किलोमीटर की पैदल यात्रा की और घाटों से जोड़े जाने वाले प्रस्तावित मार्गों के लिए 140 स्थान चिन्हित किए। लाल पुल ब्रिज के नीचे स्थित घाट क्षेत्र से शुरू होकर गऊघाट, वेधशाला के पीछे, वाकणकर ब्रिज के समीप, जीवन खेड़ी और श्री शनि मंदिर के समीप तक पहुँच मार्ग चिन्हित किए गए हैं।
घाट से 200 मीटर के दायरे में चिन्हित स्थानों पर एप्रोच रोड का निर्माण इस प्रकार किया जाएगा कि श्रद्धालुओं का आवागमन सहज और सुविधाजनक रहे। शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर निर्माणाधीन नए घाट और पुराने घाट दोनों को इस योजना में शामिल किया गया है।
भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था
पुलिस विभाग को चिन्हित स्थानों पर भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए वाहन पार्किंग क्षेत्र और घाट तक पहुँचने के लिए सुविधाजनक मार्गों का निर्माण भी प्रगतिरत है, ताकि लाखों की भीड़ का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से हो सके।
ईंधन मितव्ययिता का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश देते हुए निरीक्षण दल के अधिकारी एक ही बस में सवार होकर निरीक्षण स्थल पर पहुँचे। यह पहल सरकारी कार्यों में संसाधन-संयम की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।
आगे की तैयारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव नियमित रूप से सिंहस्थ तैयारियों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। सभी विभागों ने निर्माणाधीन विकास कार्यों की गति तेज कर दी है। सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में तैयार करने की दिशा में यह तैयारियाँ एक निर्णायक पड़ाव मानी जा रही हैं।