18 जुलाई 2026
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उद्धव ठाकरे का नागपुर में राम रक्षा प्रदर्शन, फडणवीस पर तीखा प्रहार — 'भगवान राम की रक्षा हमारा कर्तव्य'

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उद्धव ठाकरे का नागपुर में राम रक्षा प्रदर्शन, फडणवीस पर तीखा प्रहार — 'भगवान राम की रक्षा हमारा कर्तव्य'

सारांश

उद्धव ठाकरे ने फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर में राम रक्षा स्तोत्र का सार्वजनिक पाठ कर भाजपा को उसी के मैदान पर चुनौती दी। अयोध्या मंदिर चोरी के विरोध में शुरू यह 'राम रक्षा' आंदोलन महाराष्ट्र की आगामी सियासी जंग का नया मोर्चा बन गया है।

मुख्य बातें

उद्धव ठाकरे ने 19 जुलाई 2025 को नागपुर में अयोध्या मंदिर चोरी के विरोध में राम रक्षा नगर प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
प्रदर्शन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र में आयोजित किया गया; ठाकरे ने सार्वजनिक रूप से राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया।
ठाकरे ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए हिंदुत्व के दुरुपयोग का आरोप लगाया और इसे 'पाखंड' करार दिया।
प्रदर्शन में संजय राउत , आदित्य ठाकरे , चंद्रकांत खैरे और अंबदास दानवे सहित वरिष्ठ शिवसेना (यूबीटी) नेता शामिल हुए।
ठाकरे ने शिवसैनिकों से विदर्भ सहित प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया और स्वयं दौरे की घोषणा की।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 19 जुलाई 2025 को नागपुर में अयोध्या मंदिर चोरी के विरोध में राम रक्षा नगर प्रदर्शन का नेतृत्व किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा निशाना साधा। यह प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से फडणवीस के गृह क्षेत्र में आयोजित किया गया, जो यूबीटी गुट की रणनीतिक आक्रामकता को दर्शाता है।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल ही में ठाकरे की धार्मिक साख पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या उन्हें पवित्र राम रक्षा स्तोत्र का ज्ञान भी है। इसी चुनौती के जवाब में ठाकरे ने नागपुर में सार्वजनिक रूप से राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया और अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया।

गौरतलब है कि अयोध्या मंदिर शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के बार-बार आह्वान के बाद बनाया गया था। उद्धव ने इसी भावनात्मक संदर्भ को अपने भाषण में केंद्र में रखा।

उद्धव ठाकरे के तीखे बोल

ठाकरे ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा, 'राम रक्षा का पाठ करना आपका काम हो सकता है, लेकिन भगवान राम की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। सच्चे राम रक्षक तो हम ही हैं। आपके हृदय में सच्ची भक्ति नहीं है, फिर भी आप उनका नाम जपते हैं।'

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि भव्य मंदिर बनने के बाद भी उसकी रक्षा के लिए एक अभियान की ज़रूरत पड़ रही है। उनके अनुसार, एक सच्चे भक्त की परीक्षा केवल प्रार्थना में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध देवता की पवित्रता की सक्रिय रक्षा में होती है।

भाजपा पर हिंदुत्व के 'पाखंड' का आरोप

ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक लाभ के लिए हिंदुत्व का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के लोगों से अपील की कि वे अयोध्या मंदिर में भाजपा के 'पाखंड और चोरी' को उजागर करें।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक मुकाबलों से पहले यूबीटी गुट भाजपा को उसके मूल वैचारिक क्षेत्र — हिंदुत्व — पर घेरने की कोशिश में है। आलोचकों का कहना है कि यह 'राम रक्षा' आंदोलन सत्तारूढ़ गठबंधन की धार्मिक राजनीति को उसी के मैदान पर चुनौती देने की सुनियोजित रणनीति है।

वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति

इस प्रदर्शन में संजय राउत, चंद्रकांत खैरे, आदित्य ठाकरे और अंबदास दानवे सहित कई वरिष्ठ यूबीटी नेता शामिल हुए। ठाकरे ने शिवसैनिकों से विशेष रूप से विदर्भ के गाँवों में विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया — वह क्षेत्र जहाँ भाजपा को अधिकतम सीटें मिलती हैं।

आगे का रोडमैप

ठाकरे ने घोषणा की कि वे स्वयं प्रमुख शहरों का दौरा करके इस विरोध अभियान का नेतृत्व करेंगे। 'राम रक्षा' आंदोलन को महाराष्ट्र में यूबीटी की व्यापक चुनावी रणनीति के एक अहम हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जो भाजपा के हिंदुत्व के एकाधिकार को तोड़ने की कोशिश करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित राजनीतिक पलटवार है — भाजपा को उसी के सबसे मज़बूत वैचारिक किले में घेरने की कोशिश। विरोधाभास यह है कि जो पार्टी दशकों तक हिंदुत्व की ठेकेदार रही, वह आज अपनी धार्मिक साख साबित करने के लिए सड़क पर उतरी है। महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति में 'असली भक्त कौन' की यह प्रतिस्पर्धा बताती है कि हिंदुत्व अब भाजपा का एकाधिकार नहीं रहा — लेकिन यह भी सवाल उठता है कि क्या मंदिर की 'चोरी' के ठोस आरोपों पर जवाबदेही की माँग इस नाटकीय प्रदर्शन में दब तो नहीं गई।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उद्धव ठाकरे ने नागपुर में राम रक्षा प्रदर्शन क्यों किया?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या मंदिर में कथित चोरी के विरोध में यह प्रदर्शन किया। साथ ही, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उस चुनौती का जवाब देने के लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया, जिसमें उनकी धार्मिक साख पर सवाल उठाए गए थे।
फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच विवाद की जड़ क्या है?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने ठाकरे की धार्मिक जानकारी पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या उन्हें राम रक्षा स्तोत्र का ज्ञान है। इसके जवाब में ठाकरे ने फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर में जाकर सार्वजनिक रूप से स्तोत्र पाठ किया और भाजपा पर हिंदुत्व के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया।
राम रक्षा आंदोलन का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह आंदोलन महाराष्ट्र के आगामी चुनावी मुकाबलों से पहले यूबीटी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें भाजपा को हिंदुत्व के मैदान पर ही घेरा जाए। विशेष रूप से विदर्भ — जहाँ भाजपा को सर्वाधिक सीटें मिलती हैं — में विरोध प्रदर्शन का आह्वान इस रणनीति की गहराई दर्शाता है।
प्रदर्शन में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
नागपुर के राम रक्षा नगर प्रदर्शन में संजय राउत, चंद्रकांत खैरे, आदित्य ठाकरे और अंबदास दानवे सहित शिवसेना (यूबीटी) के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। उद्धव ठाकरे ने स्वयं प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
अयोध्या मंदिर से शिवसेना का क्या ऐतिहासिक संबंध है?
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने बार-बार आह्वान किया था। उद्धव ठाकरे इसी विरासत का हवाला देते हुए तर्क देते हैं कि मंदिर की रक्षा का नैतिक दायित्व शिवसेना पर है, न कि भाजपा पर।
राष्ट्र प्रेस
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