उद्धव ठाकरे का नागपुर में राम रक्षा प्रदर्शन, फडणवीस पर तीखा प्रहार — 'भगवान राम की रक्षा हमारा कर्तव्य'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 19 जुलाई 2025 को नागपुर में अयोध्या मंदिर चोरी के विरोध में राम रक्षा नगर प्रदर्शन का नेतृत्व किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा निशाना साधा। यह प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से फडणवीस के गृह क्षेत्र में आयोजित किया गया, जो यूबीटी गुट की रणनीतिक आक्रामकता को दर्शाता है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल ही में ठाकरे की धार्मिक साख पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या उन्हें पवित्र राम रक्षा स्तोत्र का ज्ञान भी है। इसी चुनौती के जवाब में ठाकरे ने नागपुर में सार्वजनिक रूप से राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया और अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया।
गौरतलब है कि अयोध्या मंदिर शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के बार-बार आह्वान के बाद बनाया गया था। उद्धव ने इसी भावनात्मक संदर्भ को अपने भाषण में केंद्र में रखा।
उद्धव ठाकरे के तीखे बोल
ठाकरे ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा, 'राम रक्षा का पाठ करना आपका काम हो सकता है, लेकिन भगवान राम की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। सच्चे राम रक्षक तो हम ही हैं। आपके हृदय में सच्ची भक्ति नहीं है, फिर भी आप उनका नाम जपते हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि भव्य मंदिर बनने के बाद भी उसकी रक्षा के लिए एक अभियान की ज़रूरत पड़ रही है। उनके अनुसार, एक सच्चे भक्त की परीक्षा केवल प्रार्थना में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध देवता की पवित्रता की सक्रिय रक्षा में होती है।
भाजपा पर हिंदुत्व के 'पाखंड' का आरोप
ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक लाभ के लिए हिंदुत्व का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के लोगों से अपील की कि वे अयोध्या मंदिर में भाजपा के 'पाखंड और चोरी' को उजागर करें।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक मुकाबलों से पहले यूबीटी गुट भाजपा को उसके मूल वैचारिक क्षेत्र — हिंदुत्व — पर घेरने की कोशिश में है। आलोचकों का कहना है कि यह 'राम रक्षा' आंदोलन सत्तारूढ़ गठबंधन की धार्मिक राजनीति को उसी के मैदान पर चुनौती देने की सुनियोजित रणनीति है।
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
इस प्रदर्शन में संजय राउत, चंद्रकांत खैरे, आदित्य ठाकरे और अंबदास दानवे सहित कई वरिष्ठ यूबीटी नेता शामिल हुए। ठाकरे ने शिवसैनिकों से विशेष रूप से विदर्भ के गाँवों में विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया — वह क्षेत्र जहाँ भाजपा को अधिकतम सीटें मिलती हैं।
आगे का रोडमैप
ठाकरे ने घोषणा की कि वे स्वयं प्रमुख शहरों का दौरा करके इस विरोध अभियान का नेतृत्व करेंगे। 'राम रक्षा' आंदोलन को महाराष्ट्र में यूबीटी की व्यापक चुनावी रणनीति के एक अहम हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जो भाजपा के हिंदुत्व के एकाधिकार को तोड़ने की कोशिश करती है।