अयोध्या राम मंदिर दान विवाद: एसआईटी गठन पर संत समाज बोला — 'अब सच्चाई छुपेगी नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या के राम मंदिर दान राशि विवाद में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किए जाने के बाद संत समाज ने इस निर्णय का खुलकर स्वागत किया है। 13 जून को सामने आई इस प्रतिक्रिया में विभिन्न धार्मिक संतों ने जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने की अपील की। संतों का कहना है कि दान राशि को लेकर उठे सवालों ने हिंदू समाज में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी, जिसका समाधान अब एसआईटी जांच से होगा।
संतों की प्रतिक्रिया
आर्य संत वरुण दास महाराज ने कहा कि दान राशि को लेकर लगातार आ रही खबरों और विभिन्न तरह की जानकारियों से हिंदू समाज में भ्रम की स्थिति बन रही थी। उन्होंने एसआईटी गठन को 'सकारात्मक कदम' बताते हुए कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हिंदू परंपरा और संस्कृति की पहचान का प्रतीक है तथा दुनिया भर के करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है — इसलिए इससे जुड़े किसी भी मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई देते हुए कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर एसआईटी गठित की है, जो सराहनीय कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक खबरों की भी जांच होनी चाहिए, ताकि सच पूरी तरह सामने आ सके।
ट्रस्ट की मांग और सरकार की कार्रवाई
महंत सीताराम दास जी महाराज ने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार से एसआईटी गठन की मांग की थी। सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर जांच दल गठित किया, जिसे उन्होंने स्वागत योग्य बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए तथा सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था को किसी भी स्थिति में ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।
पूर्व बाबरी मस्जिद वादी का समर्थन
पूर्व बाबरी मस्जिद वादी इकबाल अंसारी ने भी एसआईटी गठन को सही कदम बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या और भगवान राम से जुड़ा यह मामला देश ही नहीं, पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके अनुसार दान राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर जो सवाल उठे हैं, उनकी सच्चाई अब जांच के जरिए सामने आ जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि एसआईटी की जांच से सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे।
त्वरित कार्रवाई की सराहना
जानकी रमण कुंज के महंत अनिरुद्ध देव दास जी महाराज ने कहा कि सरकार ने बहुत तेजी से कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र तीर्थ स्थल को लेकर उठे कथित घोटाले के आरोपों से हिंदू जनमानस आहत था। एसआईटी जांच से सच्चाई सबके सामने आएगी, यह उन्हें विश्वास है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय प्रबंधन पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से खुद जांच की मांग किए जाने से यह मामला और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दान राशि के प्रबंधन में वास्तव में कोई अनियमितता हुई या नहीं।